गौतम सिंह

गोड्डा (झारखंड) लिखना पढ़ना शौक है।

Joined December 2017

दुनिया में सबसे आसान काम है जीना। जीने के लिए आपको बस सांस लेना होता है। खाना-पीना, सोना और कुछ आसान सी हरकतें आपको ज़िंदा रखने के लिए पर्याप्त हैं, लेकिन इस आसान से जीवन को भी जो मकड़-जाल की तरह उलझा दे उसी को सभ्यता कहते हैं। याद ही नहीं कि पिछली बार कब किसी को बिना उलझे बस जीते देखा था। यहां कोशिश है मेरी कुछ उलझे धागे सुलझाने की। शायद थोड़ा सुलझ कर उक़ूबतों का यह दौर ज़िंदगी से रूखसत हो सके।

Books:
pratilipi.com, myletter.in, srijangatha.com के साथ-साथ कई वेबसाइट पर लेख, कविता, कहानी प्रकाशित

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