कोमल

दिल्ली

Joined November 2018

हूँ खुद में ही गुम कहीं
दुनिया से मतलब नहीं
नहीं हूँ स्वार्थी मगर
खुद में ही सिमटी हूँ मैं।

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मां

जब आँखें खोलीं इस जहाँ में, तेरा चेहरा नज़र आया। जब पहला अक्षर मैंने बोला।, तेरा रिश्ता जुबां पर आया। तेरी अंगुली पकड़ क... Read more