Kishan Pranay

KOTA

Joined August 2020

मैं किशन सिंह डोडिया उपनाम किशन’प्रणय’ आयु 27 वर्ष एक सरकारी अध्यापक के रूप में कोटा,राजस्थान में कार्यरत हूँ।शैक्षिक उपलब्धियों में मैनें इतिहास,भूगोल और अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया हैं और साथ ही दो वर्षीय शिक्षक प्रशिक्षण डिप्लोमा अध्यापन के कार्य हेतु किया है।अल्प आयु से ही मेरा हिंदी साहित्य से बहुत लगाव रहा हैं।कविताएं और गद्य रचनायें बाल्यकाल से ही मुझे आकर्षित करती रही हैं, कबीर के दोहों से लेकर गोपालदास’नीरज’ और वर्तमान तक के कई हिंदी कविता के लेखकों का मुझपर विशेष प्रभाव रहा हैं।इन महानुभूतियों की रचनाओं और श्रेष्ठ कृतियों का सानिध्य प्राप्त कर मैनें भी लेखन कार्य की ओर अपना रुख किया।पढ़ने को बहुत पढ़ा पर लिखने को अभी तक अपार सागर में गोते लगा रहा हूँ और समेट कर कुछ बूंदे ला पाया हूँ।
व्यक्तिगत परिचय में मेरा परिचय मात्र व्यक्तिगत ही है,
किसी बड़ी उपलब्धि को अभी तक प्राप्त नही किया है।

प्रकाशन:- बहुत हुआ अवकाश मेरे मन…

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उम्मीद

उम्मीद कभी नहीं मरती। हम सोचतें हैं कि हमनें उम्मीद मार ली, लेकिन एक उम्मीद मार लेना, सभी उम्मीदों से छुटकारा पा लेना नहीं होता। ... Read more

मैं एक रास्ता हूँ

मैं एक रास्ता हूँ, कई सालों से लोगो को मंजिल तक पहुंचा रहा हूँ। कई अच्छे कई बुरे, लोग आते हैं, तय करते हैं अच्छे व बुरे सफर। ... Read more

कालवेदी पर जीवन रत हो,

कालवेदी पर जीवन रत हो, मस्तक नत हो उससे पहले, इतिहासों के पन्नो पर , एक स्वर्णिम चित्र बना जाऊँ मैं। मानव श्रम को पा जाऊँ मैं।... Read more