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~कविता~

~रिश्तों का महत्व समझाती कविता~ वो रूठा,तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है,कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? वो चुप, तुम भ... Read more

~कविता~

~ कविता~ मेरे मन की नायिका ~~~~~ देखा तुम्हे, नज़र फिर कहाँ हटने वाली वही नज़ाकत, वही अदा, इठलाने वाली बिन तारों के छेड़ती है,... Read more

लघुकथा ~विधाता के लेख~

लघुकथा ~~~~~ विधाता के लेख सूरज अपने उदय होने का संकेत तो दे रहा था, परंतु कोहरे के बीच कुछ भी दिखाई नही दे रहा था,तभ... Read more

~कविता~

कविता * नारी * एक मुस्कुराहट पे सब कुछ हँस कर लुटाती है बस अपना कहो, सचमुच उसी की हो जाती है। थोड़ा सा सम्मान दे दो,मानो बिक सी... Read more

~ग़ज़ल~

~ ग़ज़ल ~ यादों से तेरी आज फिर दामन छुड़ा रही हुँ मैं मचलते अरमानों को लोरी से सुला रही हुँ मैं । सुर सरगम के छेड़ दिये थे तर... Read more

लघुकथा~चांदी~

लघुकथा ~ चांदी ~ पार्टी में हर किसी की नज़रे आशा पर टिकी थी।हर कोई उसके नये रूप की चर्चा कर रहा था। हमेशा बंधी चोटी और साधारण सी स... Read more