मेरी बातों से आप का सहमत होना जरुरी नहीं, आप ने मेरी बातों को पढ़ा इसके लिए हृदय से आपका अनंत साधुवाद…

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गुरूर

गुरूर न कर ऐ मगरूर नादान, हमने सूरज को ढलते देखा है। स्याह रात गहरी हो कितनी भी, हमने जुगूनियों को मचलते देखा है। अभी तो हम जि... Read more

रक्षाबंधन

महज कच्चा धागा नहीं यह बंधन है। भाई बहन के प्यार का अटूट संबंध है। ये संकल्प है हर बहन को बचाने का। तभी तो त्यौहार यह 'रक्षाबंधन'... Read more

मिटा सकते हैं हम!

संभल जाओ वर्ना तुफां ला सकते हैं हम। अपने कदमों से भुकंप ला सकते है हम। मौके दिए तुमको अनेकानेक ना—पाक। तुझे पल में धरती से मिटा ... Read more

'मुक्त'

आज कर दिया तुम्हें अपनी 'कैद' से 'मुक्त'। 'भविष्य' बना सको तुम, बस इतनी आरजू है।। खूब सिंह 'विकल' 31/05/2017 Read more

'सुबह'

सुबह की पहली किरण तुम्हें जगा रही है, ठंडी-ठंडी पवन ताज़गी तुम्हें उठा रही है। उठो, राष्ट्र कार्य के लिए आज फिर तुम, आवाज दे, मा... Read more

स्वप्न

स्वप्न पूर्ण हो आपके, जो भी दिखें न्यारे। रात हुई है बहुत, अब सो जाओ प्यारे।। खूब सिंह 'विकल' 29/05/2017 Read more

उठो, जागो

उठो, जागो लक्ष्य पूर्ति को निकल पड़ों तुम। चुनौतियों से टकराकर आज सफल बनों तुम।। खूब सिंह 'विकल' 28 मई 2017 Read more

सुबह मुबारक

आज की तिथि मुबारक हो तुम्हें, आज का दिन मुबारक हो तुम्हें। मुस्कुराते रहो तुम हमेशा यूं ही, आज की सुंदर सुबह मुबारक हो तुम्हें।। ... Read more

इश्क

जिन्दा रहना इश्क में, 'विकल' नहीं आसान। हँसी-खेल अब इश्क को, समझ रहे नादानन।। खूब सिंह 'विकल' 27 मई 2017 Read more

चापलूसी

चापलूसी में चापलूसों को कर दिया कुछ ने फेल। सत्ता प्राप्ति को फर्जी कर रहे नित्य नए खेल।। खूब सिंह 'विकल' 27 मई 2017 Read more

'इश्क'

'इश्क' में फना होना भी आसान नहीं 'विकल'। जिंदगी को 'इश्क' समझ जी रहे हैं यहां लोग।। खूब सिंह 'विकल' 27 मई 2017 Read more

विकल

मैं तो सागर हूं, हजारों नदियां मुझ में गिर कर अपना आस्तिव समाप्त कर लेना चाहती हैं! फिर भी मैं 'विकल' हूं... और मुझे तला... Read more