डॉ. कंवर करतार

धर्मशाला कांगड़ा

Joined February 2017

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सज सँवर अंजुमन में वो गर जाएँगे

ग़ज़ल- सज सँवर अंजुमन में वो गर जाएँगे देख परियों के चेहरे उतर जाएँगे जाँ निसार अपनी है तो उन्हीं पे सदा वो कहेंगे जिध... Read more