Satywan Saurabh ( सत्यवान सौरभ )

परी वाटिका (कौशल्या भवन) हिसार

Joined November 2019

✍ सत्यवान सौरभ

सम्प्रति: वेटरनरी इंस्पेक्टर, हरियाणा सरकार
ईमेल: satywanverma333@gmail.com
सम्पर्क: परी वाटिका, कौशल्या भवन , बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
मोबाइल :9466526148,01255281381
प्रकाशित पुस्तकें: यादें 2005 काव्य संग्रह ( मात्र 16 साल की उम्र में कक्षा 11th में पढ़ते हुए लिखा ), तितली है खामोश दोहा संग्रह प्रकाशनाधीन
प्रकाशन- देश-विदेश की एक हज़ार से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशन !
प्रसारण: आकाशवाणी हिसार, रोहतक एवं कुरुक्षेत्र से , दूरदर्शन हिसार, चंडीगढ़ एवं जनता टीवी हरियाणा से समय-समय पर
संपादन: प्रयास पाक्षिक

सम्मान/ अवार्ड:
1 सर्वश्रेष्ठ निबंध लेखन पुरस्कार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी 2004
2 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड काव्य प्रतियोगिता प्रोत्साहन पुरस्कार 2005
3 अखिल भारतीय प्रजापति सभा पुरस्कार नागौर राजस्थान 2006
4 प्रेरणा पुरस्कार हिसार हरियाणा 2006
5 साहित्य साधक इलाहाबाद उत्तर प्रदेश 2007
6 राष्ट्र भाषा रत्न कप्तानगंज उत्तरप्रदेश 2008
7 अखिल भारतीय साहित्य परिषद पुरस्कार भिवानी हरियाणा 2015
8 आईपीएस मनुमुक्त मानव पुरस्कार 2019

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छोटी-सी ये ज़िंदगी

दोहा गीत ★★★ समय सिंधु में क्या पता, डूबे; उतरे पार ! छोटी-सी ये ज़िंदगी, तिनके-सी लाचार !! ★★★ सुबह हँसी, दुपहर तपी, लगती स... Read more

बतलायें अब कौन !!

मुरझाये चेहरे सभी, बैठे सब क्यों मौन ! दहशत सी है क्यों यहां, बतलाये अब कौन !! अमर हुए थे जो कभी, देकर अपनी जान ! घबराये वो आज ... Read more

पत्थर के भगवान !!

पत्थर के भगवान !! दफ्तर,थाने, कोर्ट सब, देते उनका साथ ! नियम-कायदे भूलकर, गर्म करे जो हाथ !! कृष्ण मोहम्मद सा दिखे, ग़ालिब ... Read more

कब बदलेंगे ढंग !!

जैसे ही मैंने कहे, सत्य भरे दो बोल ! झपटे झूठे भेड़िये, अपनी बाहें खोल !! चूहे बनकर जी रहे, हम बिल्ली के संग ! कब बदलेगी सोच ये,... Read more

लुटती जाए द्रौपदी

(1) नहीं सुरक्षित बेटियां, होती रोज शिकार! घर-गलियां बाज़ार हो, या संसद का द्वार !! (2) सजा कड़ी यूं दीजिये, काँप उठे शैतान ! न्... Read more

सिसक रही हैं बेटियां,

हैवानों के हाथ !! सिसक रही हैं बेटियां, ले परदे की ओट ! गलती करे समाज है, मढ़ते उस पर खोट !! खेले कैसे तितलियाँ, अब बगिय... Read more

बेला आधी रात !

डाक्टर प्रियंका रेड्डी ने कल रात अपने घर फोन करके बताया कि उनकी स्कूटी शमसाबाद, हैदराबाद में पंक्चर हो गई है... यह क्षेत्र अल्पसंख्य... Read more

मसल रहे हैवान

महक उठे कैसे भला, बेला आधी रात ! मसल रहे हैवान जो, पल-पल उसका गात !! ✍ सत्यवान सौरभ Read more

बिखर गए सब मेल !

भुला दिए सब वायदे, बिखर गए सब मेल ! औरों की छत जा चढ़ी, छोड़ पेड़ को बेल !! झेलेगी कब तक भला, नाव भँवर मँझदार ! नौसिखिया मल... Read more

बदल गए सब खेल

मेरे मन की वेदना, विपुल रत्न अनमोल ! पाकर इसको मैं सका, शब्द सीपियाँ खोल !! बदले आज मुहावरे, बदल गए सब खेल ! सांप-नेवले ... Read more

सिसक रही है चिट्ठियां

सिसक रही है चिट्ठियां, छुप-छुपकर साहेब ! जब से चैटिंग ने भरा, मन में झूठ फ़रेब !! भँवर सभी जो भूलकर, ले ताकत पहचान ! प... Read more

सपनों के जलयान

नई पौध ने कर दिया, खाली-खाली बाग़ ! टहनी में दिखता नहीं, टहनी से अनुराग !! लहरों को बहका रहे, रोज नए तूफ़ान ! खड़े किनार... Read more

कौन करें मंजूर !!

सौरभ डीसी रेट से, रिश्तों के अनुबंध ! मतलब पूरा जो हुआ, टूट गए सम्बन्ध !!! सुन मेरी दो पंक्तियाँ, हो जाते सब दूर ! दर्पण... Read more

हवा बिके बाजार !!

धूप नहीं, छाया नहीं, सूखे जल भंडार ! साँसे गिरवी हो गई, हवा बिके बाजार !! पतियों से मत पूछिए, सौरभ दिल का हाल ! सास-बहू ... Read more

सरहद पर जांबाज़

सबको अपनी ही पड़ी, आम कहे या खास ! लाठी मिलकर साँप से, रचा रही है रास !! सरहद पर जांबाज़ जब, जागे सारी रात ! सो पाते हम चै... Read more

सब के पास उजाले हो !!

मानवता का सन्देश फैलाते, मस्जिद और शिवाले हो ! नीर प्रेम का भरा हो सब में, ऐसे सबके प्याले हो !! होली जैसे रंग हो बिखरे, दीपों की... Read more

दो-दो हिन्दुस्तान !!

आधा भूखा है मरे, आध चखे पकवान ! एक देश में देखिये, दो-दो हिन्दुस्तान !! नेताजी को शह मिले, जनता खाये मात ! राजनीति में है ... Read more

मन दर्जी

जब से पैसा हो गया, संबंधों की माप ! मन दर्जी करने लगा, बस खाली आलाप !! अपराधी सब छूटते, तोड़े सभी विधान ! निर्दोषी है जेल... Read more

खुशियों की सौगात !!

पाई-पाई जोड़ता, पिता यहाँ दिन रात ! देता हैं औलाद को, खुशियों की सौगात !! माँ बच्चो की पीर को, समझे अपनी पीर ! सिर्फ इसी के पास ... Read more

हाय ! ये क्या हुआ?

साम -दाम -दंड -भेद, क्यों जन्मे झूठे मतभेद ? उठा नकाब, दिखी सच्चाई, सदमें मे है शब्द अब, विश्वास मनाये खेद !! हाय ! ये क्य... Read more

अब कौन बताये ??

चेहरे हैं सब क्यों मुरझाये , अब कौन बताये ? क्यों फैलें दहशतगर्दी के साये , अब कौन बताये ?? कभी होकर कुर्बान जो देश पे अमर हुए थ... Read more

माँ कौशल्या

माँ ममता की खान हैं! माँ दूजा भगवान् हैं !! माँ की महिमा अपरम्पार , माँ श्रेष्ठ और महान हैं !!! ... Read more

तुम पे जो मैंने गीत लिखे

बिखेर चली तुम साज मेरा ! अब कैसे गीत गाऊँ मैं !! तुमने ही जो ठुकरा दिया अब किस से प्रीत लगाऊं मैं !! सूना -सूना सब तुम बिन ... Read more

रोता कहीं कबीर !!

रोता कहीं कबीर !! कविता आनंददायिनी, लेती मन को जीत ! मानो कोयल गा रही, कोई मीठा गीत !! कविता कंगन बोल है, पायल की झंकार ! सच... Read more

नई परम्परा

विजय के पिता जी का स्वर्गवास हो गया था। उनके खानदान में परपरा थी कि स्वर्गवासी के फ ूलों (अस्थियों ) को गंगा जी में विसर्जित किया जा... Read more

फैसला

बेटे! जरा, देखो तो सही तुम्हारा परिणाम कैसा रहा। मैंने सुना है कि आज के अखबार में एचसीएस का परिणाम आया है। महेन्द्र के पिताजी ने उसस... Read more

देखा ये साकार !!

तुमको पाकर है मिली, मुझको ख़ुशी अपार ! होती है क्या जिंदगी, देखा ये साकार !! देखा ये साकार, अवर्णित रूप तुम्हारा। मनमोहक मुस्कान... Read more

बचपन के वो गीत !

बचपन के वो गीत ! स्याही-कलम-दवात से, सजने थे जो हाथ ! कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहें फुटपाथ !! बैठे-बैठे जब कभी, आता बचपन याद ! म... Read more