Kavita Nagar

Joined November 2017

स्नातकोत्तर, बी.एड.
कविता, कहानी,लेख आदि में रुचि
साहित्य साधना जारी है।

Copy link to share

माँ

रुखी सी रोटियों पर घी की धार सी माँ, रुखे से मन पर लगा देती थी,अपनी बातों का स्नेहन। और दमक उठता था मन और तन। मुश्किलें, परीक्ष... Read more