मनहरण घनाक्षरी छंद

सुनो सारनाथ में जो दिए गए उपदेश,उनको ही अब हमें अपनाना चाहिए। बौद्ध धर्म के त्रिरत्न बुद्ध धम्म और संघ,पर पूरे भारत का ध्यान जाना... Read more

गीत :संस्कृति रही कराह हमारी

संस्कृति रही 'कराह' हमारी,,,,,, यही 'कामना' करता हूँ। 'वेदों' की ओर अब लौट चलो मैं, यही 'प्रार्थना' करता हूँ।। 'मन' की 'पीड़ा',मन... Read more

गीत : पवन सुगन्धित बहती जैसे बहती रहना तुम

पवन सुगंधित बहती जैसे बहती रहना तुम। नित नित करके इक इक सीढ़ी चढ़ती रहना तुम।। पग पग पर आकर बाधाएँ, मार्ग तुम्हारा रोकेंगी। हो ज... Read more

गज़ल :प्यार मुहब्बत करना,लेकिन धीरे धीरे

प्यार मुहब्बत करना,लेकिन धीरे धीरे। हद से ज्यादा बढ़ना,लेकिन धीरे धीरे।। उनको भी अहसास गमों का होने देना। आग लगाते रहना,लेकिन धी... Read more