kavi w singh

Joined January 2017

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हालात

मैं आशुफ्ता हो गया हूँ जाने ये कैसे हो गया। नाग सा अब मैं तड़पता, मणि है मेरा खो गया। किस इल्लत की ऐ खुदा, तुम ने दी मुझको ये स... Read more

यादें

तेरे आँचल का परिमल आता, अब नींद नहीं मैं ले पाता। कुछ याद तेरे संग पल बीता कुछ चाहत को रख अब जीता। पर बदन हुआ अब गम का घ... Read more