मैं कवि डॉ. वीर पटेल नगर पंचायत ऊगू जनपद उन्नाव (उ.प्र.)
स्वतन्त्र लेखन हिंदी कविता ,गीत , दोहे , छंद, मुक्तक ,गजल , द्वारा सामाजिक व ऐतिहासिक भावपूर्ण सृजन से समाज में जन जागरण करना

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जाग उठी है बेटी

जाग उठी है बेटी देखो अपने हिंदुस्तान की । बात हो रही सारे जग में अब उसके सम्मान की । छोटी छोटी बातों हित रोती थी घर में ... Read more

मरने पर बनते ताजमहल

?????????????? जाने कितने खण्डहर हुए , हमने देखे है राजमहल । भाई ने भाई संहारा , देखी है गिरते गाजमहल । घुटकर लड़कर मरकर जीत... Read more

अंगार वीर ने उगले है

अंगार वीर ने उगले है , कुछ ऐसा तुम श्रृंगार करो । रण में जो घाव मिले मुझको , चुम्बन से तुम उपचार करो । जाना जल्दी फिर समरभूमि , सज... Read more

श्रीनगर में 8 सैनिकों के शहीद होने पर

आठ के बदले अट्ठाइस को जिन्दा ही जब गाड़ेंगे । तब ही दिल को चैन मिलेगा वर्दी तभी उतारेंगे । सर कफ़न बांधकर निकली है अब हिन्द की सेन... Read more

" सोंच रहा हूँ क्या दे दूँ जो दिल से दिल की राह खुले "

****************************************** करकमलों से उसने मुझको, जब प्यारा स्पर्श दिया । रोम रोम पुलकित सारा , ऐसा दिल में हर... Read more

.? उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ?

****************************************** मधुर मुस्कान से मेरी , पराजय जीत में बदले । उदासी को दिखा आशा, मधुर संगीत में बदले । ... Read more

.? बसंती ओढ़कर चूनर , धरा ससुराल जाती है "

**************************************** गगन के संग मगन देखो, बड़ी खुशहाल जाती है । विविध रंगों के सुमनों से , सजाये बाल जाती ... Read more

" जिनके खून पसीने से यह सारी दुनिया चलती है "

न्वादू******************************************** जिनके खून पसीने से यह सारी दुनिया चलती है । आज उन्हीं मजदूरों को यह सारी दुन... Read more

"कभी पागल बना देती , कभी काबिल बना दे वो "

************************************* मुहब्बत जाम है ऐसा , जिसे पीते नहीं थकते । सुहाने पल वो ऐसे हैं , जिसे जीते नहीं थकते । ... Read more

" तोड़ दो हाथ उनके , जो खतरा बनें "

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ नव सृजन कुछ करो अब चमन के लिये । नवजवानों उठो ~~ अरि दमन के लिये । तोड़ दो हाथ उनके ~~ जो' खतरा बने । ... Read more

"सबक गीता से कुछ लेकर , सजाता जिंदगी अपनी "

************************************* बहुत मैला हुआ है मन , जहर दिल में भरा है क्यूँ । तुम्हारें पाप सर चढ़कर , बुलाते हैं डरा ह... Read more

" तिरंगे में लिपटी जवानी कहाँ है "

**************************** दुआ बन्दगी की निशानी कहाँ है । मरा आँख में आज पानी कहाँ है । सिसकती मेरे देश की आज सरहद । बता और ... Read more

" कलम की कोर से काजल , लगाता हूँ मैं कविता को "

****************************************** कलम की कोर से काजल , लगाता हूँ मैं कविता को । दिखा कर आइना दिल का , सजाता हूँ मैं कविता... Read more

" बाँध लेना जुल्फ की जंजीर से "

^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ छीन लेना बेवफा तकदीर से । बाँध लेना जुल्फ की जंजीर से । तुम चहकती ही रहो चाहत मेरी , मुस्कुरा... Read more

पायल की रुनझुन से मुझे जगाती है ।

^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ बेचैनी जब हद से उसे सताती है । अँगड़ाई ले चूड़ी तभी बजाती है । उठिये जी क्या ड... Read more

न हो बेनूर ये कोहनूर बस इतनी कृपा करना

^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ अधर हैं सूर्य सम तपते , सजन बन मेघ आओ तुम । झमाझम झूम कर बरसो , हरित चूनर उढ़ाओ तुम... Read more

आज जवाहर बाग़ हमें फिर जलियावाला बाग़ लगा ।

******************************************* आज जवाहर बाग़ मुझे फिर जलियावाला बाग़ लगा । राम वृक्ष बन गया कंस फिर मुझे कालिया नाग ल... Read more

तीज जैसा व्रत कठिन करती रही;

एक गीतिका देवी स्वरूप पतिव्रत धर्म पालन करनेवाली मातृशक्ति को समर्पित ***************************** तीज जैसा व्रत कठिन करती रही; ... Read more

??? ????वो बूढ़ा है पर अब लाचार नहीं होगा

??? ??? ? गजल ⭐ ********* वो बूढ़ा है पर अब लाचार नहीं होगा । कहता था बच्चों पर वो भा... Read more

" बोलो मेरे यार बुझे क्यूँ रहते हो "

? सुप्रभात मित्रों ? ??????????? बोलो मेरे यार बुझे क्यों रहते हो । लाख छुपाओ आँखों से सब कहते हो । फूलों के दिल को तुम भी... Read more

" जिंदगी में जहर नहीं होता "

?? गजल ?? ????????? बेवफा तू अगर नहीं होता । जिंदगी में जहर नहीं होता । मैं भी रुसवा तुझे ही कर देता । आपका यदि शहर नहीं ... Read more

मैं नीर भरी दुख की बदली महादेवी की पीड़ा लिख दूँ

? प्रिय मित्रों ? मैं अपने काव्य लेखन के माध्यम से सदैव यही कोशिश करता हूँ ,,,, ??????????????????? वर दे वीणापाणि वर दे लिख द... Read more

जान बेजान थी मुस्कुराने लगी ।

? सुप्रभात मित्रों ? एक मुक्तक में प्रकृति चित्रण ?????????????? ओस कणिका गिरी , गुनगुनाने लगी । गुनगुनी धुप में , खिलखिल... Read more

प्रथम कविता प्रणय की जब किसी कवि ने कही होगी ।

? शुभ प्रभात मित्रों ? मित्रों कवि हृदय ने जब प्रेम की प्रथम अभिव्यक्ति दी होगी .... .???????????????????? प्रथम कविता प्रणय ... Read more

बहुत दिन बाद मैं अपने शहर से गाँव आया हूँ ।

? शुभ संध्या ? ? प्रिय मित्रों ? सहित्यपेडिया में आकर ऐसा लगा जैसे...... ?????????????????? बहुत दिन बाद मैं अपने , शहर स... Read more