Kavi Agyat

Joined November 2018

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माँ बहुत बुरी है

दिन वो बचपन के तब सब, पुराने लगते थे, मुझे बेकार लोरियों के तराने लगते थे, ऐसा लगता था, कोई संग धोखा हुआ है, सफ़ल होने से मां ने ... Read more