Kashiram

Katara hils bhopal

Joined August 2018

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मेघ की भावना

कोशिश करता हूँ, फिसल जाता हूँ, बार-बार मिलने आता हूँ, आँसू बनकर निकल जाता हूँ, पास थोड़ा, दूर थोड़ा हूँ, मिल नहीं पाता हूँ, उस... Read more

बचपन की यादें

अब क्यों आ रही हो ? थोड़ा रुक भी जाओ , ये बचपन की यादें ! समझ नहीं आ रहा ? सब बदल गये हैं , और कुछ हम भी ! तुम क्यो वैसी ही ह... Read more