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सच्चा प्यार - अजय कुमार मल्लाह

————– (1) ————— मनचाहा प्यार मिले सबको, ऐसी किस्मत नहीं होती, बंदिशें तोड़कर अपनाए, इतनी हिम्मत नहीं होती, रौंद जाते सब अरमान औ... Read more

अंजाम-ए-वफ़ा - अजय कुमार मल्लाह

हमको तो अंजाम-ए-वफ़ा ख़ूब है मालूम। हम इश्क़ निगाहों में अब पलने नहीं देंगे।। एवज़ में मोहब्बत के लोग देते हैं कज़ा। परवाने को ... Read more

तेरे ग़म को बांट लूं - अजय कुमार मल्लाह

तेरे ग़म को बांट लूं तो हासिल हो जाए जन्नत, मिले तु जो रब से मांग लूं तो पूरी हो जाए मन्नत, वक़्त भी थम कर कहे आ थाम ले तु हाथ इसक... Read more

उलझन - अजय कुमार मल्लाह

मैं तो लड़खड़ाता हूँ तु चलता चाल में होगा, नहीं मालूम है मुझको तु किस हाल में होगा। सपने जागती आँखों से देखने की आदत है, सोचता ... Read more

वो मुझमें रहती है – अजय कुमार मल्लाह

कल ख़्वाब में मिली मुझसे तो कह रही थी वो, मेरी कुछ हरकतों से आजकल नाराज़ रहती है। मेरा यूं भीगना बरसात में अच्छा नहीं लगता, उसक... Read more

मै गुनहगार हो गया हूँ - अजय कुमार मल्लाह

समझ के खिलौना तोड़ा दिल, अब मै बेकार हो गया हूँ, सज़ा मोहब्बत की मिल रही है, मै गुनहगार हो गया हूँ।, हर सितम शौक से सहने को, मै ... Read more