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अंकूर फूटने की आश जग गई थी

अहा! कितना अच्‍छा लगा, उनसे मिलकर, बाँट रहे थे ज्ञान, अवसर आ गया द्वार पर, प्रफुल्लित हुआ मैं, ज्ञान-भंडार से मिलकर। उम्‍मीद... Read more

नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं।…

नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं। गरीबों के हित की चिंता कर सरकार की अलोचना करने में लगे रहते हैं। वहीं गाँव-टोलों मे... Read more

बदलते चेहरे

क्याा कहा, वह छल प्रपंची और बेईमान हैं, भीतरघात भी, रहते चुपचाप ही, करते जब प्रहार, दिखता नहीं किसी को नजारा है। क्याा क... Read more

क्यों दे रहे दर्द

रास्ते तो सही चलता, पर भटक जाता हूँ। अपनों के रचे इस कुचक्र को नहीं समझ पाता हूँ। करते हैं वे बारंबार प्रहार, पर मधुर मुस्कान उ... Read more

चिंता क्‍यों हो रही है ?

लाईन में हम तो कल भी लगे थे, आज भी लगे हैं, और पूर्व की भाँति, चंद लब्धि पाकर प्रफुल्लित हूँ, पर आज उन्‍हें चिंता क्‍यों है ? ... Read more

क्‍योंकि मैं ऋषियों की संतान हूँ।

चाहे मुझे कितनों कोई परेशान करे, चाहे मुझे कोई किनारा करता रहे, चाहे मैं अपने से ही त्रस्‍त रहूँ, पर मैं इन सबसे हड़कूंगा नहीं, ... Read more

हर सांस में तुम्‍हीं हो

चारों तरफ गिर रहे हैं गोले, कहर बरप रहे हैं, तू जो बिछड़ी गई सनम, मेरे आंसू टपक रहे हैं। संजोये थे कितने सपने, सब धरे रहे गये... Read more

बना लूँ एक किताब

बना लूँ एक किताब, जिसमें हो मेरे ख्‍वाब, भरी हो सारी खुशियाँ, और हो सबकुछ लाजवाब। पन्‍ने भले सीमित हों, बातें हो सारी सुदंर, ... Read more

परिन्‍दे

परिन्‍दे की झूंड में मैं, उड़ रहा नील गगन में, खुश हूं सबके साथ, झूम रहा हूँ अपने मगन में। चीं-चीं, चूं-चूं के कलरव से, बना र... Read more

तत समय …. जरूरी है

जिंदगी में कितनों तूफान हों, और झंझावत ही कितनों हो, तत समय अचल, अडिग रहना भी जरूरी है। दिलों में कितनों दर्द हों, और शब्‍द बा... Read more

कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान

कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान, जिसमें थी बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान। पर नहीं हो अंग्रेजों का शासन, कायम हो विद्वानों का शासन... Read more

सच्‍चाई की राह में परवाह नहीं नाम की।

दिमाग आ गया ठिकाने मेरे, लगा ठोकरें जब मुझे, दुनिया है स्‍वार्थ से भरी पड़ी, ये तो नहीं है मेरे काम की। खुल गई है चक्षुएँ, बढ... Read more

समय आ गया अब हम कुछ कर चलें

समय आ गया अब हम कुछ कर चलें, टूट जायें शत्रु पर और आगे बढ़ते चलें। वार्ता करनी नहीं है उनसे अब, जिसने मानवता का कत्‍ल कर दिया ज... Read more

दिपावली के दिन कर लो एक दीप दान

दिपावली के दिन कर लो एक दीप दान, यह एक दीप नहीं, यह तो है सैनिकों का सम्मान । दीप दान कर सैनिकों का सम्मान बढ़ाएँ, राष्टहित में... Read more

दिपावली में व्यस्त हूँ,

दिपावली में व्यस्त हूँ ----------------------- आज मैं लिखूँ क्या, नहीं है कुछ फूर रहा, दिपावली में व्यस्त हूँ, साथियों संग घूमन... Read more

तेरे इश्क में जिये जा रहा हूँ

तेरे इश्क में मैं जिये जा रहा हूँ ----------------------++++++ तेरे इश्क में मैं जिये जा रहा हूँ, दुश्मनों के खंजर सहे जा रहा हूँ... Read more

औलाद

औलाद —————————————— माँ का हूँ मैं औलाद, मिल रहा है मुझको आशीर्वाद, उनके आशीर्वाद हो रहा हूँ आबाद, और नहीं हो सकता हूँ मैं कभी ... Read more

कर गयी चोट बस एक नजर में दोस्‍तों

कर गयी चोट बस एक नजर में दोस्‍तों चेहरे‍ मिले, आँखें मिली, दिल पर कर गयी चोट, बस एक नजर में दोस्‍तों। उसके पायल ... Read more

चुप्‍पी तोड़ें

चुप्‍पी तोड़ें आतंकियों का धर्म नहीं होता, आईये इनके विरूद्ध आवाज उठायें, हमारी चुप्‍पी नासूर बन गई है, आएं चुप्‍पी... Read more

कन्‍यादान

कन्‍यादान कलेजे को टुकड़े को दान किए जा रहा हूँ, नम है मेरी ऑंखें कन्‍यादान किए जा रहा हूँ। जाओ मेरी बिटिया, जाओ पि... Read more

जग-मग दीप जले

जग-मग दीप जले _______________________ चहके जीवन, महके तन-मन, जग-मग जग-मग दीप जले। धुनों में तेरे प्‍यार की, मेरे क... Read more

चोट

चोट _____________________________________________________________________________________________________________________ ब... Read more

रौशनी

रौशनी ———————– पथ अँधेरे, फिर भी कदम हैं बढ़ रहे, एक रौशनी की आश में, तुझे पाने की आश में। पथ है कठिन, पर हौंसले मेरे, ... Read more

पथ अँधेरे प्रेम की

पथ अँधेरे प्रेम की, नेह का दीपक जला लूँ तो बढ़ूँ। दूरियाँ मुझसे तेरी, हमको है कलपा रही, नाप लूँगा मैं ये फासले, हौसले साथ ह... Read more

जुबां कुछ कह नहीं पाती

जुबां कुछ कह नहीं पाती ------------------------------ तेरे लिए धड़क रहे दिल, संकेत है कुछ करती। पर बात जो दिल में है, जुबां क... Read more

रेत

रेत --------------------------- जैसे भभरती है, मुट्ठियों से भरी रेत, वैसे ही छूट रही है, बँधे हुए ये संबंध। टूटते जा रहे है... Read more

पुनर्जन्म

क्यों कुचक्र रचते हो, क्यों अत्‍याचार करते हो, इस जन्म् में कुछ तो करो, पुनर्जन्म की बात क्यों करते हो। इस जन्म में पाप के ... Read more