डा० गजैसिहं कर्दम
साहित्यकार
अध्यक्ष भारतीय दलित साहित्य अकादमी मेरठ

Books:
अंतर्मन
काव्य संग्रह

Awards:
Dr. Ambedkar Falloship
By
Bhartiya Dalit Sahitya Akademi New Delhi

Copy link to share

भारत माता की चीख

माता पर न्यौछावर जन , माता के टुकडे कर बैठे। खल ध्वंस करने चले साथ, आज वे पामर बन बैठे।। पाक बना,बंगला बना, भारत के हिस्से कर... Read more

इंसान

यहां कभी मरा ना हिन्दू, मरा नहीं मुसलमान यहां। इन्सां की बन्दूक से मरा है, ... Read more

हम विजय श्री ले आवत है।

कंपित कर से तिलक कियो है दे विजय श्री का आशिर्वाद । कंपित होंठ कहें सुत से मातृभूमि करना आबाद ।। छलकत नैन ,कर काॅपत हैं हो... Read more

विलासिता

कमरे में बंद विलासिता बाहर के अंधकार के दर्द से बेखबर रात भर अठखेलियाॅ करती रही। भीतर की मिश्रित खिलखिलाती मधुर ध्वनि ... Read more