Kapil jain

Bhilwara

Joined June 2018

Books:
प्रकाशित संग्रह (सम्पूर्ण जानकारी) : हिन्दी युग्म प्रकाशन से विरहगितिका, धूप के रगं ,फिर खिली धूप,काव्य सकंलन, शुक्तिका प्रकाशन से अंजुरी ,पावनी,निर्झरिका,नामक काव्य संकलन, पुष्पगन्धा

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शुक्रिया ज़िंदगी

Kapil jain लेख Jan 12, 2019
शुक्रिया ज़िंदगी आज मेरी उम्र ने एक कदम और बढाया है, जो भी जीवन पथ पर मिले उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूँ, जीवन में बहुत स्न... Read more

माँ

एक मुट्ठी तुम्हारी सौम्यता एक चुटकी मुझ सा गुस्सा भी थोड़ी सी मेरी खीझ थोड़ी अपरिपक्वता कुछ कतरे तुम्हारे धैर्य के थोड़ी मुझ सी ... Read more

आर• सी• एम•

आर• सी• एम• आर सी एम पथ पर जीने का सलीखा ..... घुल गया जो.. जीवन पथ में तो....यक़ीनन.. तुम्हारी सांसो को महका देगा....... Read more

उत्तम क्षमा

🌻🌻🌻★ उत्तम क्षमा ★🌻🌻🌻 अहंकार त्यागता है क्षमा सुसंस्कार पालता है क्षमा शीलवान का शस्त्र है क्षमा अहिंसक का अस्त्र है क्षमा प्... Read more

जिन्दगी एक स्लेट

काश ज़िन्दगी भी एक सेलेट होती काश ज़िन्दगी भी एक सेलेट होती जब चाह्ती लिखा हुआ पोछ्ती और नया लिख लेती चलो ज़िन्दगी ना सही मन ही से... Read more