KAPIL JAIN

Bhopal

Joined November 2016

नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश
जन्म : 2 मई 1991
शिक्षा: B.B.A

E-mail:-kapil46220@gmail.com

Copy link to share

#मेरे रास्तों पे कभी चलते नही बनता तुझ से

KAPIL JAIN शेर Jun 17, 2020
मेरे रास्तों पे कभी चलते नही बनता तुझ से बस ये सोच के हमेशा दूर ही रहा तुझ से यूँ तो हर वक़्त गमो-खुशी से तेरे वाकिब था तेरी... Read more

अलग अलग गजलो के कुछ शेर

खुद में ही सफर करता हूँ,तलाश खुद की करता हूँ जानें कहाँ गुमा हूँ में, खुद को ही नही मिलता हूँ.. मैं अपने ही घरौंदे मे कुछ इस... Read more

#मुझको भी एक बात आज बतानी है तुमको

मुझको भी एक बात आज बतानी है तुमको कुछ गजलें लिखी है वो सुनानी है तुमको रक्खो अगर संभाल के इन यादों को मेरी कुछ लम्हे... Read more

अलग अलग गजलो के कुछ शेर बहुत समय के बाद

खुशियों को संभालने का हुनर था नही हमे अच्छा हुआ की गम मेरे हिस्से में आ गये.. इतना भी नाराज़ तो नही था में खुद से जितना खु... Read more

खुद की तलाश.....

जो चाहा कभी वो हासिल हुआ ही नही इस सबब मैंने कुछ भी चाहा ही नही, रूदादे सफर अब लिखें भी तो क्या खुद की तलाश मुझ में ... Read more

मुद्दतें लगी खुद को चलना सिखाने में,

मुद्दतें लगी खुद को चलना सिखाने में चंद वक़्त लगा ठोकर को मुझे गिराने में । यूँ हीं नही नज़्म-ऐ-गम लिखी जाती , जागतें हैं ... Read more

कोई ख़ुशी मेरी देहलीज तक नही आती

KAPIL JAIN शेर Jan 31, 2017
अब कोई ख़ुशी मेरी देहलीज तक नही आती बेमकसद चल रही हैं साँसे,क्यों थम नही जाती ज़िन्दगी का हस्र तो पता ही नही मौत माँगें... Read more

ऐ मंज़िल अब तो आ...

ऐ मंज़िल अब तो आ.. थक गए राह चलते चलते लड़खड़ाते हैं अब कदम, पैर हो गए है लहू लुहान । आँखों में भर आये आंसू, हकलाई हकलाई सी है ज... Read more

जब जज़्बात दिलों मे दम तोड़ते हैं.....

जब जज़्बात दिलों मे दम तोड़ते हैं कहीं न कहीं तो असर छोड़ते हैं । जो है भीतर मुझ में,वो एक शख्स मुझी-सा ढूंढने को जिसे हम बाहर ... Read more

ऐ वक़्त फिर लौट आओ तुम...

हो जाओ खुद मुझ जैसा, या अपना-सा बनाओ तुम। मिटाओ अधूरी ज़िन्दगी को, या मुकम्मल कर जाओ तुम। मुश्किल है अकेले चलना, गिराओ... Read more

एक बार बता तो आखिर बात क्या है ?

एक बार बता तो आखिर बात क्या है ? खफा होना तो हक़ है तेरा, मगर ये बेवजह बेरुखी कि बुनियाद क्या है ? एक बार बता तो आखिर बात क्या है... Read more

खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे...

मुद्दतों के इंतज़ार का,मुझे कुछ तो खिताब दे. खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे । त्योहारों का क्या करूं?? गमोखुशी तो मेरी तुझसे ह... Read more

रोम रोम में बेचैनी और आँखों में आँसू लायी.

आज फिर तेरी याद आई-२ रोम रोम में बेचैनी और आँखों में आँसू लाई, आज फिर तेरी याद आई-२ !! देखता हूँ राह घर आँगन में, न जाने कब आ... Read more

याद आकर रोज रातों को मुझे जगाया मत कर,

याद आकर रोज रातों को मुझे जगाया मत कर, रोतें हैं जाने के बाद तेरे,इतना मुझे हँसाया मत कर । तेरे होने से आसमान में उड़ती है उम्... Read more

लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ जो पढे तू मेरी हो जाए ।

लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ जो पढे तू मेरी हो जाए । तनहा दुनिया से बेफिक्र हो रख काँधे सर तू सो जाए । लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ... Read more

में उसे अपना बनाने में लगा रेहता हूँ..

गुजरे लम्हों को भूलाने में लगा रेहता हूँ, में उसे अपना बनाने में लगा रेहता हूँ.. ख्वाहिशें है कई,अधूरी न रेह जाय कोई, करके ये ख... Read more

जरुरी नही हर बात कहें,कुछ दर्द छुपे ही रहने दो...

जरुरी नही हर बात कहें कुछ दर्द छुपे ही रहने दो लबो को न दो तकलीफ मेरे कुछ ख़ामोशी को कहने दो जरुरी नही हर बात कहें कुछ दर्द... Read more

कौन यहाँ दूध का धुला है बता दो ।

ताउमर गर साथ चलो रास्ते मुश्किलात भरे करो आज ही फैसला और मुझको बता दो । अपाहिज सी रेंगती है ज़िन्दगी बगैर तेरे जरा तुम हाथ लग... Read more

अकेले बैठतें हैं अब,जब भी कभी,

अकेले बैठतें हैं अब,जब भी कभी, कुछ गजलें उतार देते हैं कागजों पर। अनसुने हो गए जब दिल-ए-अरमान सभी, खामोशियाँ उतार देते हैं कागजो ... Read more