Kunal Prashant

Deoghar Jharkhand

Joined August 2016

wants to see this world from corner of the earth. …

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पहला इश्क ए प्रस्ताव

हा वक़्त लगता है दबी बातो को जुबां पे लाना हड़बड़ नहीं फुरसत में सुनना तब ये दास्ताना बस अब और नहीं संभलेंगे मेरे ख्यालात बस अब... Read more

याराना : दोस्ती का

परेशानियां तुम कहा गुम हो जाती हो मेरे यार मेरी मुस्कुराहट की वजह पूछा करते है अरे मेरे दर्द ए दिल तुम कहा चले जाते हो मेरे यार... Read more

" न जाने कितनो का हाथ वही "

निर्मम सिमट सिकुड़ वो सोया था अंधेरे चौराहेे चौखट पे वो खोया था चादर ओढ़े सिर छुपाए, पांव फिर भी निकली थी सन सनाती हवा चली पैरो क... Read more

"अभी तो चले थे अपने नन्हे कदम"

अभी अभी तो चले थे अपने नन्हे कदम न जाने क्यों बरसाए कदमों में उसने बम शायद मैने ही कुछ बिगाड़ा होगा भरे महफ़िल में कभी पिछाड़ा हो... Read more