jwala jwala

Singrauli

Joined May 2018

kavyitri

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न्याय हो

हे न्याय की देवी आँखे खोल, कुछ तो बोल कुछ तो बोल कब तक भटकेगी इक माँ यूं दर- दर बनके फटी सी ढोल, कभी इधर से कभी उधर से हर कोई आस... Read more

जागो

तुर्की, अरबी ,मुगल, मंगोल, बोल रहे वो बिगड़े बोल बांट रहे हैं तुमसे तुमको हिन्द के मुस्लिम आँखे खोल, आज भी तुमको नचा रहे हैं अपने... Read more

आज़ादी के दीवाने

मै सदा ही भारत की गौरव गाथाएं ही दोहराती हूँ, आज़ादी के दीवानो को नित नित शीश झुकाती हूँ, आज़ाद,भगत सिंह, बिस्मिल से पुत्र यहाँ ब... Read more

अब बस.......

नहीं सुरक्षित घर आंगन ना सड़के ना गलियारे, चहुँओर दरिंदे बैठे हैं सब अपने पांव पसारे, नित दिन लूट रहे अस्मिता, लुप्त हो रही मानवत... Read more

मुक्तक

मांगा है जिन्दगी ने हिसाब कई बार मैंने देखा ख़्वाब में भी ख़्वाब कई बार, खुशी तो कर सकीं न मेरे दिल को कभी खुश ग़म ने मगर किया ह... Read more

मुक्तक

जब भी जिन्दगी से जिन्दगी जंग ठान लेती है, न जाने क्यों तभी किस्मत ये इम्तिहान लेती है, खुशी के पल से जब भी रूबरु होने का पल आता ... Read more

मुक्तक

भूले से भी कभी हद ये पार मत करना, हमारी जिन्दगी को शर्मसार मत करना, लहू हमारा मुफ्त में ही तोल दो लेकिन ज़मीर बेचने का कारोबार म... Read more

मुक्तक

इस दिल में तूफ़ान छिपाए बैठे हैं, दिल को शीशे सा चमकाए बैठे हैं, सभी देवता बनने की कोशिश में हैं हम खुद को इन्सान बनाए बैठे हैं... Read more

मुक्तक

खादी से बेहतर खाकी है, ईमान जहाँ अभी बाकी है, वीरों की धरा से निकली जो ये शौर्य दिवस की झाँकी है, Read more

मुक्तक

पूछ रही हैं सभी बेटियां देश के ठेकेदारों से, बेटियां नोची जायेंगी कब तक वहशी हत्यारो से, पढे बेटियां,बढे बेटियां इससे अधिक जरुरी ह... Read more

मुक्तक

जब कई नदियां मिली वो भी सागर हो गये, दर्द शब्दो मे सजाकर आज शायर हो गये, मेरे पैरों से जमीं खींच कर विश्वास की आज देखो कह रहे मे... Read more

मुक्तक

तेरे बिन ये जिंदगी जल में भी प्यासी लगे, सँग हो जब तू अमावस भी पूरन मासी लगे, तेरे मिलने से मिला है मुझे सारा जहां भोर मथ... Read more

मुक्तक

निर्विवाद सत्य को विवाद से निकालिए, सर्पों को आप आस्तीन में न पालिए, राम जन्मभूमि को राम जी सँभालेंगे आप हमारी मातृभूमि को सँभालिए. Read more

मुक्तक

नज़रों ने देखा वो भी नज़ारा कभी कभी, कि इंसान अपने खून से हारा कभी कभी, जरुरत रही जब अपनों की वो साथ ना रहे किस्मत से मिला गया है... Read more

मुक्तक

हमने अपने दिल को सैले-अश्क़ में बहने दिया, आंसुओं को हम ने हाले-दिल नहीं कहने दिया, फिर ना पूछा हाल मेरा फिर ना ली कोई खबर उसने त... Read more

मुक्तक

अब तो ये गद्दार हमसे न संभाले जाएंगे, देश हित के मामले न कल पे टाले जाएंगे, हम कब तलक सुनते रहें मासूम हैं मासूम हैं आस्तीनों मे... Read more

मुक्तक

मेरे दिल की दुनिया का नज़ारा और है कोई, मुझे रुकना जहाँ है वो किनारा और है कोई, हथेली की लकीरों को जऱा मै ध्यान से पढ लूँ, लक़ीरो ... Read more

मुक्तक

हम जो लिखते रहे तुम मिटाते रहे, लफ्ज़ो के फासले तुम बढ़ाते रहे, सबने देखी हमारी हंसी और हम- आंसुओं से स्वयं को छुपाते रहे। Read more

मुक्तक

इस दर्द भरे जीवन पथ में हम आँधी तुफान लिए हैं, अंदर इक धधकती ज्वाला होठों पर मुस्कान लिए हैं, जिन रिश्तों की कड़वाहट ने जीवन में ज़ह... Read more

मुक्तक

मुझे होशियार लोगों को कभी ढ़ोना नहीं आया, उस ज़ालिम की तरह बेशर्म भी होना नहीं आया यूँ ही घूमती थी नाज़ से, उसकी मोहब्बत पर, मेरे... Read more

मुक्तक

जाँ देंगे वतन पर हम वतन जां से भी प्यारा है, यही साँसे यही धड़कन यही आँखो का तारा है, नही तुम बाँट सकते हो मुझे धर्मों में जानूँ म... Read more

मुक्तक

तपकर दर्द की भट्टी में ताक़तवर बने हैं हम , सीना चीर दें ज़ुल्मों का वो खंजर बने हैं हम, मुझे फिर तोड़ने कि किसमें है हिम्मत जरा दे... Read more

मुक्तक

मज़ा मिलता है जिनको दूसरों का दिल दुखाने में, हमारा क्या वो हो जाएँगे रुस्वा ख़ुद ज़माने में, अजब दस्तूर है दुनिया की भूले याद करत... Read more

मुक्तक

कब किसको मेरे पाँव के छाले नज़र आते, निज स्वार्थ में अंधे नज़रवाले नज़र आते, संवेदनाओं ने तो ओढी धूल की चादर मुझे आदमी के सोच पर... Read more

मुक्तक

इक बार ज़िन्दगी में उस हालात से गुज़रे, धूप थी आँखों में और बरसात से गुज़रे, वक्त को उस रोज हमने गौर से देखा था जब ज़िन्दगी के ख... Read more

मुक्तक

सत्ता पाने की लालच में सावरकर को ठुकराया है , देश का दुश्मन कहते थे उसको अब गले लगाया है, जिस पिता ने अंतिम साँसों तक सावरकर का मा... Read more

मुक्तक

ठोकरों से भी सम्भलने का हुनर सीखा है, हमने हर हाल में चलने का हुनर सीखा है, खुबियों और कमियों से हैं हम खुद के वाकीफ़ हमने आइनों ... Read more

मुक्तक

मुझे तो चाहना उसको ही पागलपन -सा लगता है, बिना उसके मुझे पतझड़ भी अब सावन सा लगता है😥 चुराकर दिल मेरा उसने चुराया था सकुं यारों जो... Read more

मुक्तक

” तुझे जलती हुई लौ ,मुझको परवाना लिखा जाए, हमारे दिल की चाहत है कि अफ़साना लिखा जाए, ये दरिया ,झील ,पर्वत ,वादियों को छोड़कर आओ, ... Read more

मुक्तक

होश उड़ जाएंगे मेरे दिल का मंजर देख के, हैरान होंगे आप आँखों में समंदर देख के, हर हाल में जलने की जिद्द ठान ली ज्योति ने तो आ... Read more

मुक्तक

अश्कों की जुबानी है ये मेरी कहानी है, सच कह देंगे जग से दिल ने ये ठानी है तुम झूठ की नगरी में रहते हो ज़माने से बरसों में हकीकत... Read more

मुक्तक

तेरी यादों में अक्सर चुपके - चुपके रो लेते हैं, अश्कों से इस दिल के सारे ज़ख्मों को धो लेते हैं, हर ग़म को मुस्कानों से ही ढक ... Read more

मुक्तक

हैं नकाबों में छिपे कुछ हाथों में पत्थर लिए, बचके जाएं हम कहां कांच का ये घर लिए, देख अपनों की दगा जज़्बात ही मर जाते हैं जब मुस्... Read more

मुक्तक

झाँककर दिल में ज़रा अपनी कमी को देख लें जिन्दगी की इक झलक तो ज़िन्दगी में देख लें, तालियों के शोर में धीमी हुई मुस्कान जो ... Read more

मुक्तक

आखिर कब तक सीता को प्रभु राम बचाने आएंगे, द्रोपदी की लज्जा को कब तक श्याम बचाने आएंगे, अब रण चंडी का रूप धरो अपनी शक्ति को प... Read more

मुक्तक

ऊँच-नीच की दीवारें ना धर्मो का कोई पंगा हो मंदिर-मस्जिद गुरुद्वारों की सदा ही शान तिरंगा हो, मेरे भारत की यह सुंदरता और ए... Read more

मुक्तक

खुद को मुश्किलों में इस तरह तैयार करते हैं, कागज की बना कश्ती समन्दर पार करते हैं, बता कर दुश्मनों को हम रखते हैं निशाने पे नही ... Read more

मुक्तक

दर्द बहुत है लेकिन सच है दिल को हम समझा लेंगे, प्यार नही था सच्चा तेरा खुद को याद दिला देंगे, वक्त बता देगा तुझको तूने क्या... Read more

मुक्तक

कहीं फूलों से डरते हैं कहीं खारों से डरते हैं, मुखौटे मे छिपे सारे ही किरदारों से डरते हैं, धर्म की आंच पे जो रोटियां सेंके सियासत... Read more

मुक्तक

आज ये मंजर नज़र भी देख कर हैरान है, हाल पूछा ऐसे कि ज्यों हाल से अंजान हैं, नफ़रतों की आग वो फैला रहे चारों तरफ ज़िंदगी समझा जिसे... Read more

मुक्तक

हुआ वीरान सा मौसम कहो मुसकाए कैसे हम, आँखें हो गयीं क्यूँ नम तुम्हें समझाए कैसे हम, अँधेरी रात की गहरी ख़मोशी में हैं तनहा दिल द... Read more

मुक्तक

ख्वाब झूठे और ये विश्वास है किस काम का बाँटता है जो हमें इतिहास है किस काम का, भूख ने हालात जिनके पागलों से कर दिए, उन गरीबों क... Read more

मुक्तक

देख हालातों को अब माँ भारती कहने लगी, ज़िंदा है इंसान पर इंसानियत मरने लगी, देखिये भाई से भाई कर रहा है दुश्मनी, घर नही दिल में भी... Read more

मुक्तक

ये समझदारों की दुनिया है नए विश्वास की, बात से रोटी खिलाती भूखों को ये आस की, याद रखिये ढल गये न यूँहीं कविता में विचार हैं जले ... Read more

गीत

हे जननी जन्मभूमि सेवा करूँ तुम्हारी, तुझसे मिली ये साँसें तुझपे ही जाएं वारी, हे जननी जन्मभूमि सेवा करूँ तुम्हारी.....2 माँ भा... Read more

मुक्तक

माँ की दुआओं से ही निखरा हुनर हमारा, आबरू से ज़्यादा कुछ भी ना हमको प्यारा, दर पे ख़ुदा के हमने रखा है बस जबीं को झुकता नहीं सभी क... Read more

मुक्तक

मैं जलते अरमान लिए हूँ, दर्द भरा तूफ़ान लिए हूँ, अपनी आह कहूँ तो किससे, झूठी सी मुस्कान लिए हूँ। Read more

मुक्तक

कोशिशों की दौड़ में अपनी सफलता खोजती हूँ, राह की दुश्वारियों में भी सरलता खोजती हूँ , रात काली है मगर यह और गहरी हो न जाए मैं तिम... Read more

मुक्तक

ईश्वर तेरी दुनिया का ये कैसा ताना- बाना है, मज़हब के झगड़ों में पावन रिश्तों का मर जाना है, भाई कह भाई की गर्दन पर तलवारें रख देते ... Read more

मुक्तक

बुलंदी पर पहुँचने का अभी अरमान बाक़ी है, अभी तो दिल धड़कता है अभी कुछ जान बाक़ी है, अभी कुछ लोग हैं ऐसे उसूलों पर जो चलते हैं अभी... Read more