Jyoti rai

Singrauli

Joined May 2018

kavyitri

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मुक्तक

होश उड़ जाएंगे मेरे दिल का मंजर देख के, हैरान होंगे आप आँखों में समंदर देख के, हर हाल में जलने की जिद्द ठान ली ज्योति ने तो आ... Read more

मुक्तक

अश्कों की जुबानी है ये मेरी कहानी है, सच कह देंगे जग से दिल ने ये ठानी है तुम झूठ की नगरी में रहते हो ज़माने से बरसों में हकीकत... Read more

मुक्तक

तेरी यादों में अक्सर चुपके - चुपके रो लेते हैं, अश्कों से इस दिल के सारे ज़ख्मों को धो लेते हैं, हर ग़म को मुस्कानों से ही ढक ... Read more

गज़ल

जिन्दगी की तू अपने कहानी बदल, अब जरूरत है कुछ तो निशानी बदल, वक़्त होता नही हक में अपने सदा हो गया हक में तो हुक्मर... Read more

मुक्तक

हैं नकाबों में छिपे कुछ हाथों में पत्थर लिए, बचके जाएं हम कहां कांच का ये घर लिए, देख अपनों की दगा जज़्बात ही मर जाते हैं जब मुस्... Read more

मुक्तक

झाँककर दिल में ज़रा अपनी कमी को देख लें जिन्दगी की इक झलक तो ज़िन्दगी में देख लें, तालियों के शोर में धीमी हुई मुस्कान जो ... Read more

मुक्तक

आखिर कब तक सीता को प्रभु राम बचाने आएंगे, द्रोपदी की लज्जा को कब तक श्याम बचाने आएंगे, अब रण चंडी का रूप धरो अपनी शक्ति को प... Read more

मुक्तक

ऊँच-नीच की दीवारें ना धर्मो का कोई पंगा हो मंदिर-मस्जिद गुरुद्वारों की सदा ही शान तिरंगा हो, मेरे भारत की यह सुंदरता और ए... Read more

मुक्तक

खुद को मुश्किलों में इस तरह तैयार करते हैं, कागज की बना कश्ती समन्दर पार करते हैं, बता कर दुश्मनों को हम रखते हैं निशाने पे नही ... Read more

मुक्तक

दर्द बहुत है लेकिन सच है दिल को हम समझा लेंगे, प्यार नही था सच्चा तेरा खुद को याद दिला देंगे, वक्त बता देगा तुझको तूने क्या... Read more

मुक्तक

कहीं फूलों से डरते हैं कहीं खारों से डरते हैं, मुखौटे मे छिपे सारे ही किरदारों से डरते हैं, धर्म की आंच पे जो रोटियां सेंके सियासत... Read more

मुक्तक

आज ये मंजर नज़र भी देख कर हैरान है, हाल पूछा ऐसे कि ज्यों हाल से अंजान हैं, नफ़रतों की आग वो फैला रहे चारों तरफ ज़िंदगी समझा जिसे... Read more

मुक्तक

हुआ वीरान सा मौसम कहो मुसकाए कैसे हम, आँखें हो गयीं क्यूँ नम तुम्हें समझाए कैसे हम, अँधेरी रात की गहरी ख़मोशी में हैं तनहा दिल द... Read more

मुक्तक

ख्वाब झूठे और ये विश्वास है किस काम का बाँटता है जो हमें इतिहास है किस काम का, भूख ने हालात जिनके पागलों से कर दिए, उन गरीबों क... Read more

मुक्तक

देख हालातों को अब माँ भारती कहने लगी, ज़िंदा है इंसान पर इंसानियत मरने लगी, देखिये भाई से भाई कर रहा है दुश्मनी, घर नही दिल में भी... Read more

मुक्तक

ये समझदारों की दुनिया है नए विश्वास की, बात से रोटी खिलाती भूखों को ये आस की, याद रखिये ढल गये न यूँहीं कविता में विचार हैं जले ... Read more

गीत

Jyoti rai गीत Sep 23, 2019
हे जननी जन्मभूमि सेवा करूँ तुम्हारी, तुझसे मिली ये साँसें तुझपे ही जाएं वारी, हे जननी जन्मभूमि सेवा करूँ तुम्हारी.....2 माँ भा... Read more

गज़ल

तेरे जैसा नहीं गद्दार कोई भी बशर होगा तुझे जो प्यार करता है उसे तू काट खाता है, तेरी हस्ती दिखावा है छलावा ही छलावा है तेरे दि... Read more

मुक्तक

माँ की दुआओं से ही निखरा हुनर हमारा, आबरू से ज़्यादा कुछ भी ना हमको प्यारा, दर पे ख़ुदा के हमने रखा है बस जबीं को झुकता नहीं सभी क... Read more

मुक्तक

मैं जलते अरमान लिए हूँ, दर्द भरा तूफ़ान लिए हूँ, अपनी आह कहूँ तो किससे, झूठी सी मुस्कान लिए हूँ। Read more

गज़ल

खट्टी - मीठी बातें अपनी मसला एक रुहानी है, तुम हो रमता जोगी लेकिन हम तो बहता पानी है, कठिन तपस्या है यह जीवन, राग-विराग तपोवन है... Read more

मुक्तक

कोशिशों की दौड़ में अपनी सफलता खोजती हूँ, राह की दुश्वारियों में भी सरलता खोजती हूँ , रात काली है मगर यह और गहरी हो न जाए मैं तिम... Read more

मुक्तक

ईश्वर तेरी दुनिया का ये कैसा ताना- बाना है, मज़हब के झगड़ों में पावन रिश्तों का मर जाना है, भाई कह भाई की गर्दन पर तलवारें रख देते ... Read more

गंगा माँ

Jyoti rai गीत Sep 19, 2019
है महिमा अपरंपार प्यारी गंगा माँ भव सागर से पार लगाती गंगा माँ, गौमुख से गंगा सागर तक अमृतमय बहती अविरल धार निराली गंगा माँ, ... Read more

मुक्तक

बुलंदी पर पहुँचने का अभी अरमान बाक़ी है, अभी तो दिल धड़कता है अभी कुछ जान बाक़ी है, अभी कुछ लोग हैं ऐसे उसूलों पर जो चलते हैं अभी... Read more

मुक्तक

माँ की दुआओं से ही निखरा हुनर हमारा, आबरू से ज़्यादा कुछ भी ना हमको प्यारा, दर पे ख़ुदा के हमने रखा है बस जबीं को झुकता नहीं सभी ... Read more

गज़ल

ज़िंदगी की हर खुशी को वार कर देते हैं हम, दर्द को भी दिल से अक्सर प्यार कर लेते हैं हम धूप को दे देते हैं तन भी झुलसने के लिये ... Read more

मोदी जी

" जय माँ भारती " भारत माँ मुसकाएं यूँ हीं कर्मों में अच्छाई हो, हृदय- तल से जन्मदिवस की बारंबार बधाई हो, अच्छे कार्यों से ही ... Read more

कैसे फाग सुनाऐं

Jyoti rai गीत Sep 12, 2019
आज भी पुलवामा का घाव हरा है मेरे जीवन में, वीर सैनिकों की यादें बैठी है सब मेरे मन में जो लिपट तिरंगे में घर आए उन सबकी कुर्बान... Read more

मेरे पापा की रचना

तपीशे गुल से तो पत्थर भी पिघल जाते हैं, हम तो वो गुल हैं जो पत्थर पे भी खिल जाते हैं, देख पत्थर से ना देना कहीं पत्थर का जवाब ... Read more

हिंदी हिंदुस्तान की बिंदी

हिन्दी भाषी बने सभी ये भाषा है सम्मान की, मातृभाषा पर गर्व करें है हिन्दी हिन्दुस्तान की, विश्व के कोने कोने में फैलायें अपनी श... Read more

कान्हा

Jyoti rai गीत Aug 23, 2019
चले आओ मेरे कान्हा तुम्हें धड़कन बुलाती है, तुम्हारी मोहिनी सूरत हमारे दिल को भाती है..., तुम्हारे केश घुंघराले चपल चितव... Read more

गीत

Jyoti rai गीत Aug 22, 2019
ढूँढ़ रहें हैं अब तक जिसको सारे वेद पुराण में गुरुओं के द्वारे पर जाकर गीता और कुरान में, मंदिर की घंटी में ढूँढ़े मस्जिद की अज़ान म... Read more

गज़ल

क्यूँ काँटे हैं ये दामन में क्यूँ आँखों में ये पानी है बताऊँ तुझको मैं कैसे ये किसकी मेहरबानी है, वफ़ा नाज़ुक सी कश्ती है ये अब ... Read more

गज़ल

नफ़रत मिली है हमको मोहब्बत नहीं मिली, औरों सी जाने क्यों मुझे फ़ितरत नहीं मिली, दौलत है, घर है, ख़्वाब हैं, हर ऐश है मगर बस जिसकी... Read more

मुक्तक

अँधेरों में भी सूरज की तरफ़दारी नहीं क़ी है, कहीं रुसवा कभी हमने तो खुद्दारी नहीं क़ी है, खुशी से प्यार है मुझको मगर सच ये भी है या... Read more

गज़ल

कोशिश हमें चराग़ कि उस पल पता चले जब कोई ओट भी न रहे और हवा चले नफ़रत की आँधियाँ कभी, बदले की आग है अब कौन लेके परचम-ए- अमनो-व... Read more

गज़ल

गम दूसरों के बाँट के, खुशयां बिखेर दें अब ऐसे लोग यारों निराले कहाँ गए, आग़ाज़ अजनबी की तरह, हमने फिर किया काँटे मगर दिलों से न... Read more

मुक्तक

डोर उम्मीदों की छूटी हर मेहनत बेकार हुई, मेरे जीवन की पीड़ा अब दोधारी तलवार हुई, मुद्दत से ख़ामोश थे लब सन्नाटा था ज़हन में पर ... Read more

मुक्तक

न देना दोस्ती में दाँव, रिश्ता टूट जाता है, यही देखा गया, अच्छे से अच्छा छूट जाता है, किसी का दिल हुआ या आइना रखना हिफाज़त से, कह... Read more

" बेटी "

Jyoti rai गीत Aug 15, 2019
घर आँगन में मुस्कानों से ही खुशियाँ भर लेतीं हैं, भाग्य नहीं सौ-भाग्य है माँ का बेटी जन्म जो देती है,.... 2 सुने परायी हूँ बचपन... Read more

तिरंगा

Jyoti rai गीत Aug 15, 2019
हमारी शान तिरंगा है, हमारी जान तिरंगा है, मेरे प्यारे भारत का अभिमान तिरंगा है..... हमारी............ हमारी........... रंग ... Read more

गीत

Jyoti rai गीत Aug 15, 2019
सौगंध लिया इक बेटे ने भारत की पावन माटी से , दहशतगर्दी खत्म करूँगा कश्मीर की घाटी से, हे भारत माँ तेरे आंचल में अब दाग नहीं ... Read more

मुक्तक

जहाँ देखो वहीं पर चल रहा रफ्तार का झगड़ा, यहाँ तो मुद्दतों से चल रहा प्रतिकार का झगड़ा, कोई बेबाक बोलता रहा सब कुछ बिना सोचे, कोई... Read more

मुक्तक

दिल के सभी सवालों के जवाब लिख दिए, पत्थर पे आज देखिये गुलाब लिख दिए, अश्कों में पिरोए हैं ज़ख्मों को हमने और पानी पे देखिए किताब ... Read more

मुक्तक

वेदना को शब्द के परिधान पहनाओ ज़िंदगी के दर्द को गीतों में सजाओ खोज ही लेंगे गगन ये नन्हे परिंदे इन परिंदों के ज़रा तुम पंख फ... Read more

गीत

Jyoti rai गीत Jul 22, 2019
बाँटो ना तुम टुकड़ों मैं तो सम्पूर्ण विरासत हूँ, मैं भारत हूँ........मैं भारत हूँ........ मैं भारत हूँ मैं ऋक् हूँ, मैं सामवेद ह... Read more

मुक्तक

ख़ुदा से डर नही है जब इबादत छोड़ दो अब तो, हटा लो तख़्त से नज़रें शरारत छोड़ दो अब तो, जनेउ औ तिलकधारी, कभी टोपी की नौटंकी धरम के ना... Read more

मुक्तक

छिपाये दिल में कोई दर्द का तूफ़ान लगते हैं, ये इनसां क्यूँ मुझे इक दर्द की मुस्कान लगते हैं, ये बिंदी, चूड़ियाँ, पायल, ये बिछुये, ... Read more

गज़ल

यूँ इज्जत ना अपनी मिटा दीजिए हर किसी पे न खुद को लूटा दीजिए, बाद माँ के झुको तो ख़ुदा के झुको सबके आगे न सर यूँ झुका दीजिये ... Read more