When it becomes difficult to express the emotions I write them out. I am a Physical Education Teacher who loves writing poems.

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प्रेम

जब से बीता प्रेम का फागुन बन गया देख फ़क़ीरा रह गई ऊँगली में वो अँगूठी खो गया उसका हीरा। प्रेम प्रेम सब कोई कहै पर प्रेम ना चिन्है क... Read more

पत्रकार

खुदकों ज़िन्दा मानने वाली कुछ लाशें ज़िंदा लोगों के शहर में हर रात बाहर निकलती है ये झूठ का ज़हर उगलती हैं। ये लाशें उँगलियाँ बहुत ... Read more

कभी वो दुआ तो कभी दवा दे गया

कभी वो दुआ तो कभी दवा दे गया घुटन की हालत में मुझे हवा दे गया। दुश्मनों की भीड़ ने जब भी घेरा मुझे हिफ़ाज़त का एक नया रास्तां दे ग... Read more

ख़ुशी भी ढूँढू तो

ख़ुशी भी ढूँढू तो बस दर्द का सामान मिले मुझे जो लोग मिले मुझसे परेशान मिले मैं अपने शहर का मुआइना जब करने लगा मुझे तो हर जगह सोत... Read more

नया वादा

नया वादा आख़िर कैसे नए वादों पर ए'तिबार किया जाए पुरानी साज़िशों को कैसे दरकिनार किया जाए। क़ातिल क़त्ल की ताक़ में ज़मानों से सोया... Read more

यूँ तो हज़ारों ख़याल थे

यूँ तो हज़ारों ख़याल थे तुमको लेकर ग़म तो बस ये रह गया कि ख़याल ही बनकर दफ़्न रहे वो दिल में कहीं। हज़ारों सवाल थे पूछने तुमसे बस हिम्... Read more

साफ़ साफ़ लिखा था

सफ़्हे के हर सफ़ में साफ़ साफ़ लिखा था वो ना-तमाम किस्सा साफ़ साफ़ लिखा था। भले उल्फ़त में हमें बदनामी के दाग धब्बे मिले हमने नाम तुम्... Read more

ये कुत्ते हमारी कहानी हैं कहते

ये आवारा बीमार राहों के कुत्ते आपस में लड़ते झगड़ते ये कुत्ते एक हड्डी की ख़ातिर हो पागल ये कुत्ते कहीं भी उठाले जो एक टांग कुत्ते ... Read more

वो ग़ज़ल सबके सामने कभी गाता नहीं हूँ

वो ग़ज़ल सबके सामने कभी गाता नहीं हूँ जो सुनाई थी तुम्हें सबको सुनाता नहीं हूँ। दरिया के ठीक किनारे पे बना है मेरा घर मगर मैं तेर... Read more

भूल जाता हूँ

फ़िक्र-ए-फ़र्दा में लुत्फ़-ए-आज भूल जाता हूँ ख़स्ता-हाली में अपना मिज़ाज भूल जाता हूँ। यूँ तो तबीब मुझसे बेहतर कोई नहीं ज़माने में बस... Read more

मृत्यु

विचार सारे स्तब्ध और शब्द सारे मूक हैं चला है वाण काल का वो वाण जो अचूक है। समीप देखो मृत्यु के ताण्डव की छाया है जो बच गई वो आत... Read more

चलते-चलते आख़िर

चलते-चलते आख़िर ठहर जाना पड़ता है बहुत जी लेने के बाद मर जाना पड़ता है। जो बिला वजह भटक रहे हैं कह दो उनसे रात होने से पहले हमें घ... Read more

कितना आसान है

कितना आसान है दुनिया में दिखावा करना किसी की ख़ुदकुशी पे कोई भी दावा करना। जब तलक़ ज़िन्दा थे न था कोई रिश्ता उनसे सबको यहाँ आता ह... Read more

उससे चाहत की चाह रखी तो

उससे चाहत की चाह रखी तो आह मिली हमें दोबारा फिर इश्क़ न करना ये सलाह मिली हमें। हमने ख़ुशी की चौखट पर रात भर अश्क़ बहाए सुबह हुई त... Read more

पास से वो गुज़र गए

पास से वो गुज़र गए देखकर हम बिखर गए हम रोते रह गए राह में वो हँसते हँसते घर गए। इस बात से गमगीन हुए छोड़कर वो किधर गए। हम... Read more

बेहद अज़ीब उसका हर ख़याल था

बे-हद अजीब उसका हर ख़याल था उसके हर जवाब में एक सवाल था। बड़ी देर तक वो साँस रोक लेता था घुटन से उसका मर जाना कमाल था। सूरज के... Read more

शायद लिटरेचर के स्टूडेंट्स ऐसे ही होते हैं

शायद शर्ट का रँग असल में उतना अच्छा नहीं था जितना की कबीर ने सोचा था। मगर जैसे बड़ी ख़बरों के वजन तले छोटी ख़बरें दब जाती हैं, ठीक उसी ... Read more

प्रेम कहानी

न छल कपट न ज़ोर झपट न विवशता की परेशानी कुछ ऐसा प्रेम करे हम कुछ ऐसी लिखे कहानी Read more

शराबी

जब पहला घूँट शराब का साथियों संग गटका जब पहली बार घर लौटने का रास्ता मैं भटका नशे का पहला बादल जब मेरे सर पे मंडराया और कड़वे से ... Read more

फ़रवरी

हज़ारों दिल अगर न ख़्वाह-मख़ाह तोड़े होते तेरे भी माह में ऐ फ़रवरी दिन तीस ही होते -जॉनी अहमद 'क़ैस' Read more

बेजुबाँ

बेज़ुबाँ अल्फ़ाज़ों की आवाज़ हूँ मैं उल्फ़त में हारा सुख़न-साज़ हूँ। तुमसे रूठने को अब वक़्त कहाँ मैं ख़ुद ही से बे-इंतहा नाराज़ हूँ। Read more

रुबाई

बे-हद गुस्सा हूँ तुमसे और नाराज़ हूँ मगर छोड़ो, ये एक अलग बात है है तुमसे मोहब्बत सिर्फ एक तुम्हीं से फ़क़त एक यहीं तो सही बात है। Read more

चंद अशआर

ऐ ज़िन्दगी तू किसी ख़राब सड़क की जुड़वाँ तो नहीं ज़रा ज़रा सी देर में गड्ढों की आज़माइश मिलती है ….. ऐ पतंग तेरा भी कोई जवाब नहीं एक ... Read more

पतझड़

भरी दोपहर में मुझ पर अँधेरा छा गया जैसे मौसम-ए-बहार में ही पतझड़ आ गया जैसे। ज़िन्दग़ी की शाख़ पर दो पत्ते थे बाकी एक बे-रहम झोंका ... Read more

ऐसा क्या हुआ

ऐसा क्या हुआ कि आख़िर दुनिया इतनी बदल गई अच्छाईयाँ हारी बुरी तरह बुराईयाँ आगे निकल गई। झूठ के फ़लक़-बोस इमारतों में हर कोई रहने लगा... Read more

ज़िन्दगी

एहतियात से हमने गुज़ारी है ज़िन्दगी जैसे हम पर किसी की उधारी है ज़िन्दगी। बारहा क़िस्मत ने ऐसे सवाल हम पर दागे खिलती धुप में जैसे ब... Read more

उड़ने दो

उड़ने दो मुझको माँ उड़ने दो आसमाँ से ऊँची मेरी लंबी उड़ाने, पंखों पे मेरे वजन ना रखो भरने दो मुझको लंबी उड़ाने। जब मुझकों माँ डर लग ... Read more

सनोबर के तले

सनोबर के तले बैठा मुसाफ़िर सोचता रहता था सफ़र की दूरी कम न हो दुआएँ माँगता रहता था। रतजगी उसकी आँखों की नींदे नींद माँगती थी दिन ... Read more

वो लोग कहाँ खो गए

मकानों का ऐसा जंगल बना लोग अपनों से बिछड़ गए वो लोग नजाने कहाँ खो गए जो जुगनुओं की रौशनी ढूँढा करते थे जो तितलियों के पंखों में... Read more

यह बात कह गया था वो महान शहीद अमर

यह बात कह गया था वो महान शहीद अमर है देश की स्वच्छता स्वाधीनता से भी बढ़कर। गंगा जी की डुबकियाँ किसे स्वर्ग ले जाती हैं स्वच्छता ह... Read more

उसके चले जाने से

उसके चले जाने से कुछ ज़्यादा फ़र्क़ तो नहीं पड़ा ना मेरी रातों की तन्हाईयाँ बदली ना दिन की भीड़भाड़ बदली साँस भी उतनी ही लिया करता हूँ ... Read more

तुम मेरे ख़्वाबों में न और अब से आया करो

तुम मेरे ख़्वाबों में न और अब से आया करो अपनी रातों को अपने महल में बिताया करो। मेरे कमरे की छत से आसमान दिखता है मेरे बदहाल घर ... Read more

हम न कह पाए

बात इतनी सी थी पर बात हम न कह पाए उससे मिलने को मुलाक़ात हम न कह पाए। खुदकों इतना था भिगोया अश्क़ों से हमने तेज़ बारिश को भी बरसात... Read more

प्रिये

क्षितिज के आगे चलने का यदि साहस है तो चलो प्रिये जीवन की तरह मेरा प्रेम कोई अस्थायी नहीं है खेल प्रिये। मन में तुम्हारें किसी त्रा... Read more

मेरे बचपन की कहानी

मेरे बचपन के वक़्त तो मुर्गों की बांग नींद से जगाती थी कभी बाबा के तानें , तो कभी मम्मी का प्यार , बिस्तर छुड़वाती थी । सूरज के जगन... Read more

तू तिलिस्म गहरा

रुख़ तेरा मह-पारा मैं लापता बंजारा तू तिलिस्म गहरा मैं अभिमन्यु बेचारा मोम से दो हाथ मेरे जिस्म तेरा अंगारा एक बार देख लू... Read more

ये बता पाना मुमकिन नहीं होगा

मुझे कितनी मुहब्बत है तुमसे ये बता पाना मुमकिन नहीं होगा क्यों है कैसे है कब से है ये सब भी बता पाना मुमकिन नहीं होगा। हाँ,... Read more

इन्सान

सरल सी बात को इतना कठिन तुम क्यों बनाते हो किसी मुफ़लिस को डाट में अंग्रेज़ी क्यों सुनाते हो। तुम्हारी है ज़मीं और ये आसमाँ भी तुम्... Read more

जनमानस की भाषा हिन्दी

जनमानस की भाषा हिन्दी मित्रता की परिभाषा हिन्दी अनेकता में एकता की मनमोहक अभिलाषा हिन्दी ।। गीत में हिन्दी गान में हिन्दी प्रगत... Read more

मैं शक्तिशाली नारी हूँ

समय की सीमा से परे जीवन गागर में भरे, अजेय अमर प्रशस्त हूँ स्वयं धरा समस्त हूँ। मैं सत्त्व का सार हूँ मैं सत्य का आधार हूँ, अड... Read more

हिन्दी - माँ भारती का अभिमान है

सहज-सरल पर बड़ी अनोखी हिन्दी ऐसी भाषा है जनगण की प्रत्याशा है यह, भारतवर्ष की आशा है। कभी 'निराला' के शब्दों में कभी 'धूमिल' की क्र... Read more

वो घुंघराले बालों वाली लड़की

वो घुंघराले बालों वाली लड़की जिसकी आँखें हल्की सी कत्थई थी, वो अल्हड़ सी लड़की जिसके लबों का रंग गुलाबी था, जो देर रात तक आसमाँ के ... Read more

चल रहा एक दंगा है

लड़ मरेंगे आपस में सब, चल रहा एक दंगा है, बहेगा खूूून पानी की तरह , चल रहा एक दंगा है। न दोस्त यार, न आस पड़ोसी, किसीसे मोह रखना है ... Read more

एक सूखा सहरा है अब वहाँ

एक सूखा सहरा है अब वहाँ एक घना दश्त था कभी जहाँ। क्यों हो गया बंजर ये शहर और खो गई हर छत-ए-मकाँ। अब छोड़कर ये मुर्दार ज़मीं ह... Read more

कमज़ोरियाँ

भरी दोपहर में मुझ पर अँधेरा छा गया जैसे मौसम-ए-बहार में ही पतझड़ आ गया जैसे। ज़िन्दग़ी की शाख़ पर दो पत्ते थे बाकी एक बे-रहम झोंका ... Read more

कोरोना (COVID-19)

बड़ा मुश्किल है मगर वक़्त ये कट जाएगा ये डर का बादल भी जल्दी ही छट जाएगा। इस बीमारी से बचने के तरीके जानने होंगे जो भी नियम है सफ़ाई... Read more

हो जाए बदनाम चलो ऐसा काम करते हैं

हो जाए बदनाम चलो ऐसा काम करते है उसूलों को बेचकर खुदकों नीलाम करते है। ख़बर झूठी हो मगर सबको बड़ी सच्ची लगे चलो अफ़वाह फ़ैलाने का इ... Read more

याद नहीं आता

शायद उनको अब अपना ठिकाना याद नहीं आता वो तमाम पँछी जिन्हें चहचहाना याद नहीं आता। किससे उम्मीद-ए-वफ़ा तूने लगा रखी है मेरे दोस्त ... Read more

मैं हक़ीक़त में था उसके

मैं हक़ीक़त में था उसके या था उसके ख़्वाब में आग़ाज़ से ही कमज़ोर था मैं दिल के हिसाब में। यूँ तो हर बात में उसकी कोई एक बात होती थी ... Read more

मीरा के मन बसे कन्हैया

मीरा के मन बसे कन्हैया बसे गोपाल के मन राधे, प्रेम अनूठा रोग है जिसमें पी बिन लागे सब आधे। कोई सुँदर तन देखे कोई धन के पीछे द... Read more