Jitendra sharma

Ahmedabad

Joined November 2018

I am a poet and Independent Gazal writer

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माँ (ग़ज़ल)

बहर: 2122 1212 22 दर्द जब जब मुझे ज़रा आया नाम कोई न माँ सिवा आया । आज रौशन चराग हुए घर के माँ जो लौटी लगे ख़ुदा आया । जाग ... Read more