Jayvind Singh Ngariya ji

SERSA DATIA Mp

Joined December 2019

stueante, iti, B COM, AND writer, समाज सुधारक, नयी दिशाये बताने बाला, अपने फर्ज को वह खूबी निभाना,

लेखक ——Jayvind singh

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शायरी

अजब एहसास बनाया तुमने हम पर, सामने कोई और भी आ जाए याद तुम ही आते हो,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

इस समय का हीरों,

(इस समय का हीरों) आज भी इंसानियत जिन्दा हैं, सोनू सूद के आगे बहुतों शर्मिंदा हैं,। कुछ दे गये पैसा पीएम फंड में, उसमें देने ... Read more

हमें समझ नहीं आया,

(हमें समझ नहीं आया) ऐ मैरे भारत वासियों, तुम सोच के तो बतलाना,। ऐ देश में कैसे आया कोराना, इसे कोन हैं लाया हमकों बताना,‌। ... Read more

अबकई वोट डालबें जाने,

अबकई वोट डालबे जाने, सोच समझ (बटन) दबाओनें,। गलती हो गई थी जो हमसे, बहुतई हम पछताने,। दाबे झूटे सब थे उनके, फिर वो यहां न... Read more

शायरी

सरकार की मजबूरियों पे , जाना था दूरियों पे, घर हमारा दूर था, हर इंसान चलने को रस्ता मजबूर था, Jayvind Sing... Read more

शायरी

जुदा होने की हिम्मत बहुत थी ऐ मोहब्बत, लेकिन तुझे बेसहारा छोड़ने की हिम्मत न हुई,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

कुछ लोग तो हमारी जिंदगी में आईने की तरह होते हैं, हम हंसे तो वो हंस दे हम रोय तो वो भी रो दें, मगर इस जमाने में कंकड़ बहुत हैं, ... Read more

शायरी

जिंदगी की मायूसी ने हमें वो ज़ख्म दिये, छुपाते हैं और मन में रो दिए, लोगों को बताये तो वो सहारा न दिये, ज़ख्मों को सुनकर वो ह... Read more

शायरी

मैरी ख़बर तुम जहां तहां रखते हों, इसलिए तो तुम्हें बहा रखता हूं, जिन यादों में तुम बस्ते हो, उनको ही तो याद करके मैं ... Read more

शायरी

चेहरा मिल जायेगा खूबसूरत तो क्या हुआ, जब भी बात अच्छाईयों की आयेंगी, तो तुम मुझे याद करके, बहुत पछताओगे,। Jayvind Singh... Read more

शायरी

उलझनें तेरे मैरे रिस्ते की हैं, हम तुम एक दूसरे से अच्छी तरह घूल मिल जाये, हम खुद ही बता दें लोगों को अपने बारे में, ऐसा न ... Read more

शायरी

तू ढूंढ़ रही हैं जहा तहां मैं तेरे दिल के पास हूं, कुछ देर आंखे बंद करके देख मैं तेरे दिल का एहसास हूं,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

हमारे रिश्ते का एहसास हम दोनों ही समझते हैं, लोग तो देखते हैं और कुछ और समझते हैं,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

हमें तो वक्त का वो किनारा भी सताता हैं, जिसमें तुम्हारे होने का एहसास याद आता हैं, Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

हमारी चहात को यूं इल्जाम न दो, हम तुम्हारे लिए बहुत तड़पते हैं, आके इन यादों में भी समेट लो हमें, हमें गुम नामी का ना... Read more

शायरी

आज बड़े दिनों बाद उसे मैरे प्यार का एहसास हुआ, समय को क्या दोष दे हम उसे माहौल देखकर प्यार हुआ,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

तूं मुझे कितना देंगी धोका , अब तो दीदार कर लें, मैं बहुत समय से रोया हूं तेरे प्यार के लिए, अब न तड़पा ऐ जान ... Read more

शायरी

🌹🌸🌷🌺🌹🎋🌸🌷 वक्त बे वक्त मैं बे परवाहा रहा, तूॅ मुझे मिली मैं परवाहा रहा, समय गूजरा जरूर हैं मैरा , मैं तेरी यादो... Read more

शायरी

खामौसी से दिल में पयाम लिख दूं, तूं मुझे याद करें इतना में नाम लिख दूं, दर्द ऐ दिल तूं ने दिया हैं दर्द, उस दर्द को ... Read more

शायरी

जिंदगी की मायूॉसी में तुम याद आते हो, आकर यादों में बहुत सताते हो, कब मिलोगे इन राहों में ऐ सफ़र, अकेले चलने में त... Read more

शायरी

जज्बातों को समझने बाले कम होते हैं, इसलिए तो लोग अकेले में रोते हैं, महल तो जरूरत बारों के होते हैं, शायर के दिल में म... Read more

शायरी

हर सुबह तुम मुझे मत सताना, सोया हूं अगर मैं नींद में मत जगाना,। नींद में भी रहता हूं मैं तुम्हारी यादों में, जगा कर मुझे ... Read more

शायरी

अपनों की याद में यूं आंखें तड़प गई, आये नहीं वो कयी घड़ियां निकल गई,। क्या पता कोई मजबूरी या बहाना था, हमें तो बस उनके साथ वक्त... Read more

शायरी

हमारी जिंदगी का कोई ठिकाना बन गया, कल कोई आया था वो जमाना बन गया, हम तुम्हारी यादों में रहते हैं ऐ सफ़र, हम तुम रहे थे एक साथ व... Read more

शायरी

जिंदगी के मायूॅसी के पलो को , वो मुझको बताती थी,। मैं जब उसके पास होता था, तो वो कंधे पर सिर रख कर रोने लग जाती थी,। Jayvi... Read more

शायरी

लोग करते हैं सक मुझ पर तेरे पास होने पर, अब तूं ही बता दें इनको क्या हक़ हैं मैरा तेरे पास रहने पर,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

शायरी

चाहत में डूबा था, तेरे ग़म को छुपाना था,। जरा किताबों से पूछों, लिखने में भी कितना दीवाना था,। Jayvind Singh Ngariya Ji Read more

छात्रावास में अपना वास

(छात्रावास में अपना वास) गया जब मैं शहर में , एडमिशन मैरा नया था,। रहने को मिला छात्रावास, मैरा वहां नया निवास था,। मिलें... Read more

गांव जैसा शहर कहां,

(गांव जैसा शहर कहां) गांव की गलियों में जाओं, शहर की सड़कें फीकीं पढ़ जाएगी,। गांव के लोग खाने पीने को पूछेंगे आपसे, शहर क... Read more

मातृ दिवस

मां बेटा बेटी सोच मन आसा, बहुत मुस्कुरा जाती हैं मां,। देती जन्म जब बालक को , सुन्दरता को त्यागी हैं मां,। नौ माह जब उसने... Read more

हादसा

( हादसा) देख हादसा हुआ जहां , मन मैरा घबरा गया,। क्या हालत हुई होगी गरीब की, मैरी आंखों में पानी आ गया,। भूखें प्यासे चल... Read more

( अब हैं आफ़त आई)

( अब हैं आफ़त आई) मैं जिन्दा हूं मुझे जिन्दा ही रहने दो, न करों मुझे शर्मिंदा अभिमान से जिन्दा रहने दो,। महामारी की इस मार ने... Read more

लोगों को जो कहना है ,

💐🌹💐🌺🌺💐 (गज़ल) हम तुमको कैसे भूल पायें, लोगों को जो कहना हैं सो कहें,। जब हम थे अकेले तुम आये मैरे पास,। मायूंसी को समझा तुमन... Read more

अब मन रोया

(अब मन रोया) मैं भारत का वासी हूं, मन मैरा ग़ुलाब हुआ, देश विचारा महामारी से ग्रसित, देश का बुरा अब हाल ह... Read more

गीत

गीत ऐसी देश में होय अचरज, कि शिक्षा पाई बाबा साहेब,। कलम उठाई हाथ बढ़ाया, शिक्षा में कोई पछाड़ न पाया,। गुरु विरोध... Read more

बाबा साहेब के बिचारी,

(बाबा साहेब के बिचार) दोहा, विनय सुनो हम तुम्हें बतलाये, बाबा साहेब की कीर्ति सुनाये,। जीवन यापन ऐ इन्हने कीन्हा,... Read more

देश की विडंबना

(देश की विडंबना) आज पता चल रहा हैं , देश हमारा बदल रहा हैं,। झूठों की टोलियों से, पढ़ा लिखा फिसल रहा है... Read more

ऐसी देश में भयी अचरज

गीत ऐसी देश में होय अचरज, कि शिक्षा पाई बाबा साहेब,। कलम उठाई हाथ बढ़ाया, शिक्षा में कोई पछाड़ न पाया,। गुरु विर... Read more

अपने बदल गये,

अपने बदल गये, हम को लोग भूल गये हैं, पाये दानों की तरह, हम उनके काम आया करते थे, पूराने महलों की दीवारों की तरह, एक दिन... Read more

भीम जन्म दिन आया,

जय जय जय जय भीम, Bhim song जियारा मन में अब हमरा खुशियाबे , भीतर मन हमरा बहुत ही गुदगुदाबें, जन्म दिन जब भीम क... Read more

लाॅकडाॅउन से आम जन परेशान

लाॅकडाॅउन की इस महा मारी में, मैं बैठा हूं इस सोच विचारी में, क्या होगा उन मजदूरों का, जो घर से निकला था मजबूरी में,... Read more

कोरेना का कहर

ऐसा अकाल आया हैं देश में, देश विचारा रोया, किसान रोया फ़सल खेत में, हाय अब क्या होया, बादल छाये बीमारी भी इतनी आयी, ... Read more

अब ऐसी दोस्ती

किताबें बदल दी, साल बदल गयी, लोगों के सोचने की स्टाईल बदल गयी, पहले दोस्ती हो जाती थी , बैर मकौरे खाने में, अब होट... Read more

अपनो की गलतफहमियां

आज कुछ ऐसे ही बदल गये, इल्जाम हमें दे गये,| गलतियाँ अपनी छुपा रहे , बस हमरी ही बता गये,| पूँछा नहीं हमें बस नाम को , ... Read more

क्या खूब जमाना

( गज़ल ) जिदंगी के वो लम्हे याद आते हैं, गूजर रहा था समय खुशियो में, वो रात दिaन याद आते हैं, क्या वो दिन थे जिन... Read more

दोहा

( दोहा ) ऐसी अजब गजब ये रीत ,इस में मानव की न कोई प्रीत,| काम दाम सब रीति में बाटे ,मानव धर्म को कुटिलता चाटे,|| न... Read more

कितनी प्यारी यादें,

💞💐🌹 गज़ल🌹💐💞 ऐ मौसम कितना सुहाना ये जो आया हैं, सभी हो एक साथ उन्होंने बुलाया हैं, हम सब खुश होते जब ,मौसम जग मगाया हैं, ... Read more

दर्द न समझ कोई,

आज मुझे वो सक्श मिला हैं जिसने अपना हाल बताया हैं दर्द उसके अंदर कितना हैं ऐ उसने रो रो कर बतलाया हैं, मयूँसी चेहरे पर छलक रही थ... Read more

राजनीति का हल्लावोल,

पापा चिल्लाये जोर जोर से काम हमारा बहुत बड़ा हैं, मम्मी चिल्लाई सोर सोर से हमसे बड़ा कोई और नहीं हैं, भाई कहे ह... Read more

क्या बचपन था,

कविता ( क्या बचपन था ) कहाँ गये वो बचपन के दिन, जिन गलियों में हम खेले थे, जाते कहीं हम गली गली में सोर मचाते खेले... Read more