Jatashankar Prajapati

Kushinagar

Joined January 2020

ग्राम-सोन्दिया बुजुर्ग
पोस्ट-किशुनदेवपुर
जनपद-कुशीनगर
उत्तर प्रदेश
मो०नं० 9792466223
–शिक्षक
—पत्रकार
—कवि

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दोहे

हैं सड़कों पर कर रहे, देखो ऐसा पूण्य। बदले में हैं ले रहे, केवल केवल शून्य।। Read more

दो दोहे

जात-पात मत पूछिए, क्यों पूछें हैं नाम। मंदिर, मस्जिद सब जगह, करते हैं ये काम।। रातों दिन हैं चल रहे, रहे धरा को नाप। मजदूरों की... Read more

है ये चीनी पाप

त्राहिमाम हर ओर है, है ये चीनी पाप। शहरों से मुख मोड़ कर, गांव चले हम आप।। कोरोना फैला रहा, मानवता मे रार। लड़ना है इससे हमें, रो... Read more

चार दोहे

जलने वाले जल उठें, देख यहाँ मुस्कान। जैसे भारत देख कर, जलता पाकिस्तान।। निर्बल जान गरीब का, करो नहीं अपमान। कालचक्र है तोड़ता, र... Read more

बेटी के पांवों के छाले

कोरोना के कहर से, मचा है हाहाकार। देखो पैदल चल पड़े, छोड़ सभी घरबार। सिर पे गठरी गोद में बच्चा, लिए हुए मजदूर। जाने कैसी विपदा... Read more

मां जो है तो है जग सारा

जिसने जन्मा है यह काया, जिसकी निर्मल कोमल छाया। याद करूँ मैं तुमको माता, तुम ही मेरी भाग्य विधाता। जिसने है यह जग दिखलाया, खु... Read more

होठों की लाली बन गाऊँ

पाकर जिसको वर्षों की, बुझ जाती मेरी प्यास। था खा़ब संजोए आँखों में, और मन में था विश्वास। होती ऐसी प्राणप्रिया, और मैं उसका भ... Read more

जग केवल गौतम को पूजे

मानवता का पाठ पढ़ाकर, जिसने जग से यह बोला। दया धर्म ही सर्वोपरि है, जिसने जग का चक्षु खोला। राज-भोग को त्याग के जिसनें, वन पथ ... Read more

मधुशाला पर रौनक आई

दौड़ो दौड़ो दौड़ो भाई, मधुशाला पर रौनक आई। चालीस रोज तड़पे ऐसे, बिन पानी हो मछली जैसे। कोरोना ने बहुत रुलाया, तुमसे हमको दूर कर... Read more

चमचों की करती रखवाली(पंचायत)

पंचायत की बात निराली, चमचों की करती रखवाली। पंचो का अब मान नही है, जनता मे अब जान नही है। बापू ने देखा था सपना, सेवक जस हो मु... Read more

है धरती हम सबकी माता(चौपाई छंद)

है धरती हम सबकी माता, हर प्राणी से इसका नाता। आओ मिलकर इसे सजाएं, रोग-व्याधि को दूर भगाएं। हो खग, मृग या मधुकर भ्राता, सब से ... Read more

काहे खातिर साली (होली है)

काहे खातिर रंग बना है, काहे खातिर साली? काहे खातिर प्यारा साला, देते हैं सब गाली? जोगिरा सारा रा रा....... प्रेम की खातिर रंग ब... Read more

मानवता से बड़ा न कोई

अब क्यों ना भड़के बेचारा, जनता ने जब किया किनारा। जाति धरम की बात चली ना, शाहिन की बरसात चली ना।। खूब चलाए लाठी डण्डे, मिले द... Read more

दोहे

राम राज की कामना, करते हो दिनरात। फिर काहे तुम जल उठे, सुनकर मेरी जात।। सोचो शाहिनबाग बाग में, अभी जमें हैं लोग। अपने नेता कह र... Read more

मारो गोली गद्दारों को

मारो गोली गद्दारों को, ऐसे नेता मक्कारों को। जो बात करे ना थाली की, ना बेटी के रखवाली की। जो बात करे ना धोती की, बस बात करे जो ... Read more

एक मुक्तक

भारत के इस अमन चैन को जग में ना बदनाम करो, माता के पावन आँचल का थोड़ा तुम सम्मान करो। मंदिर, मस्जिद,गिरजाघर ये सब ही घर की बातें है... Read more

"मां" याद बहुत आती है तेरी

छठवीं पुण्यतिथि पर माँ को समर्पित मेरी रचना...... कहती थी जो राज दुलारा था जिसके आँखों का तारा दूर गई क्यों मैया मेरी याद बह... Read more

आज टली फिर फांसी उनकी (चौपाई छंद)

कैसे मां विश्वास करेगी, कब तक वो दिन रात लड़ेगी। बेटी खोए वर्षों बीते, कायर वो अपराधी जीते। आज टली फिर फांसी उनकी, होनी थी कल ... Read more

कोई मंदिर बनाता है....

कोई मंदिर बनाता है, कोई मस्जिद सजाता है कोई पत्थर चलाता है कोई गोली चलाता है। ये कैसी आग है फैली जहां मे इस कदर भाई न कोई जी ही प... Read more

जो दोगे खून का कतरा

लहु का मांग के कतरा जो सीना तान बैठा था नही मालूम था सबको जो उसने मान बैठा था। ये जिद थी जान देकर भी वतन आजाद करना है तभी तो जान ... Read more

घूस की दीप "जटा" ने जलाई

घूस के स्रोत सुनो ऐ स्रोता बिन इसके है कैसी कमाई फूल महक बिन, बाग चहक बिन दूध लगे बिन जैसे मलाई धन्य किए प्रभु स्रोत दिखाकर धन्... Read more

बस इतना दिलवा दो भाई (चौपाई छंंद)

रोटी कपड़ा और दवाई बस इतना दिलवा दो भाई मंदिर मस्जिद काम न आता भूख हमें है जब तड़पाता काहे को हम करें लड़ाई इतना तो समझा दो भाई ... Read more

आज डरी है भारत माता (चौपाई छंद)

आज डरी है भारत माता कौन निभाए ऐसे नाता कैसे मन विश्वास करेगा वर्दी पर अब नाज करेगा जब है वर्दी कोई पाता जात धरम है सब मिट जात... Read more

मुझे गद्दार कहना तुम

जो छींनू मैं तेरी रोटी मुझे गद्दार कहना तुम, मुकर जाऊँ कभी वादे से तो मक्कार कहना तुम। मुझे इल्जाम न दो आज ही इस बात की खातिर, न ... Read more

क्यूँ ऐसा प्यार करती हो

कभी तुम ना ना करती हो कभी तुम हामी भरती हो, खुदा जाने मेरे हमदम क्यूँ ऐसा प्यार करती हो ? मैं तेरी याद मे रातों जगा करता हूँ क्यूँ... Read more

आज फफक कर हिन्दी रोई (चौपाई)

हिन्दी आज दिवस है भाई देता हूँ मैं आज बधाई दुनिया में ना भाषा ऐसी मेरी हिन्दी भाषा जैसी पर नेता बस करते वादा कभी रहा ना नेक ... Read more

शिक्षामित्रों की पीड़ा (चौपाई )

इतना मत हमको तड़पाओ थोड़ा हम पे रहम दिखाओ सालों तक दी है कुर्बानी मिला बुढ़ापा गई जवानी पहले दिन खोला था ताला ध्यान रहे बोले थे ... Read more

जीवन परिचय

*****नवोदित ख्याति प्राप्त कवि "आकाश महेशपुरी" एक परिचय***** भगवान महात्मा बुद्ध ... Read more

जाड़े ने डाला है डेरा

थर थर थर थर कांप रहे हैं आग जलाकर ताप रहे हैं ऐसा जाड़ा क्यों है आता हमको तो गरमी ही भाता जाड़े ने डाला है डेरा ढूंढ रहे सब स्व... Read more

जीना तुम ऐसे

कभी दिनकर की किरणों मे, कभी बादल की छांवोंं मेंं कभी उन तंग गलियों में, कभी खुशहाल गाँवों मेंं बिता के चार दिन इस जिन्दगी के जाना ... Read more