Jatashankar Prajapati

Kushinagar

Joined January 2020

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जो दोगे खून का कतरा

लहु का मांग के कतरा जो सीना तान बैठा था नही मालूम था सबको जो उसने मान बैठा था। ये जिद थी जान देकर भी वतन आजाद करना है तभी तो जान ... Read more

घूस की दीप "जटा" ने जलाई

घूस के स्रोत सुनो ऐ स्रोता बिन इसके है कैसी कमाई फूल महक बिन, बाग चहक बिन दूध लगे बिन जैसे मलाई धन्य किए प्रभु स्रोत दिखाकर धन्... Read more

बस इतना दिलवा दो भाई (चौपाई छंंद)

रोटी कपड़ा और दवाई बस इतना दिलवा दो भाई मंदिर मस्जिद काम न आता भूख हमें है जब तड़पाता काहे को हम करें लड़ाई इतना तो समझा दो भाई ... Read more

आज डरी है भारत माता (चौपाई छंद)

आज डरी है भारत माता कौन निभाए ऐसे नाता कैसे मन विश्वास करेगा वर्दी पर अब नाज करेगा जब है वर्दी कोई पाता जात धरम है सब मिट जात... Read more

मुझे गद्दार कहना तुम

जो छींनू मैं तेरी रोटी मुझे गद्दार कहना तुम, मुकर जाऊँ कभी वादे से तो मक्कार कहना तुम। मुझे इल्जाम न दो आज ही इस बात की खातिर, न ... Read more

क्यूँ ऐसा प्यार करती हो

कभी तुम ना ना करती हो कभी तुम हामी भरती हो, खुदा जाने मेरे हमदम क्यूँ ऐसा प्यार करती हो ? मैं तेरी याद मे रातों जगा करता हूँ क्यूँ... Read more

आज फफक कर हिन्दी रोई (चौपाई)

हिन्दी आज दिवस है भाई देता हूँ मैं आज बधाई दुनिया में ना भाषा ऐसी मेरी हिन्दी भाषा जैसी पर नेता बस करते वादा कभी रहा ना नेक ... Read more

शिक्षामित्रों की पीड़ा (चौपाई )

इतना मत हमको तड़पाओ थोड़ा हम पे रहम दिखाओ सालों तक दी है कुर्बानी मिला बुढ़ापा गई जवानी पहले दिन खोला था ताला ध्यान रहे बोले थे ... Read more

जीवन परिचय

*****नवोदित ख्याति प्राप्त कवि "आकाश महेशपुरी" एक परिचय***** भगवान महात्मा बुद्ध ... Read more

जाड़े ने डाला है डेरा

थर थर थर थर कांप रहे हैं आग जलाकर ताप रहे हैं ऐसा जाड़ा क्यों है आता हमको तो गरमी ही भाता जाड़े ने डाला है डेरा ढूंढ रहे सब स्व... Read more

जीना तुम ऐसे

कभी दिनकर की किरणों मे, कभी बादल की छांवोंं मेंं कभी उन तंग गलियों में, कभी खुशहाल गाँवों मेंं बिता के चार दिन इस जिन्दगी के जाना ... Read more