मैं बात अपने दिल की कुछ यूँ खोलता हूँ|
खामोश रहता हूँ मैं फिर भी बोलता हूँ ||||
~जनार्दन पाठक ‘धुरंधर’
(आर्यन पाठक )

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गुलाब हो तुम

मेरे इन ख्वाबों की गुलाब हो तुम|| मैं खाली बोतल तो शराब हो तुम|| कैसे लिखता मैं शेर इस कलम से| मैं काली श्याही तो किताब हो... Read more

और आखिर मुझ़से बेहतर, कौन है?

बोलिये जी मुझसे बेहतर, कौन है, ठण्ड जो सहता है हँसकर, कौन है? ठण्ड का जिसपे असर होता नहीं, बोलिये वो खाल...पत्थर, कौन ... Read more

नया साल तुमको मुबारक हो यारों

【 ग ज ल 】 दिनांक- 01/01/2019 बुरी आदतों का सुधारक हो यारों|| नया साल तुमको मुबारक हो ... Read more

माँ की गोद...

कुंडलिया छंद आश्रय देकर गोद में, सदा लुटाती प्यार ; धरती धीरज धारणी, सहती कष्ट अपार ; सहती कष्ट अपार, सभी मन शांत... Read more