Aadab ahbaab main jameel saqlaini mohtaram marhoom faani budauni sahab k sehar district badaun ke taraqqi yafta kasba ujhani u.p se hu..
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
तलब है चेहरा सदाक़त का देखने की अगर”
लो देखो मुझको सदाक़त का आइना’हूँ मैं।

Copy link to share

एक शेर

जब खराबी आ गई किरदार में" फिर बुलंदी आए क्या मेयार में। Read more

है चादर जिनके सर पे मुफलिसी' की।

है चादर जिनके सर पे मुफलिसी' की" घड़ी भारी है उनको ज़िन्दगी' की" मिलेगी ज़िन्दगानी उन पे मर के" सबब ये है जो मैं ने खुदक़ुशी' की। ... Read more

मैं सोंचता हूँ दर्द तबस्सुम में लू छुपा।

आते रहे युहीं जो खयालात' कुछ न कुछ" लिक्खेंगे फिर तो हम भी ग़ज़लयात'कुछ न कुछ" मैं सोंचता हूँ दर्द तबस्सुम में लूं छुपा" आँखों से... Read more

सितम ये वक़्त ने ढाया' तो आँख भर आई।

सितम ये वक़्त ने ढाया' तो आँख भर आई" हुआ जो अपना पराया' तो आँख भर आई। वो जिसके क़दमों में हमने गुलाब रक्खे थे" उसी ने काँटा चुभा... Read more

था खौफ ए दुनियां तो ख्वाबों में रबता करते

था खौफ ए दुनियां तो खुवाबों में राब्ता'करते" मेरे वजूद से खुद को यूँ आशना' करते। जो अपनी ज़ुल्फों का तुम साया कर दिया'करते" उबूर... Read more

क़िता

क़िता •••••••••••••••••••••••••••••• मुझपे इतना फक़त करम' करदे। दूर तनहाई के अलम' कर दे दस्तखत अपन... Read more

ग़ज़ल

मुख्तसर से ही सही पर फासले' रह जाएंगे " गर मिजाज़ों में अना के वसवसे' रह जाएंगे। इश्क़ जिस दिन पहुंचेगा यारो जुनूं की हद के पार" ... Read more