मैं जय लगन कुमार हैप्पी। मेरा वास्तविक नाम लगन है लेकिन घर के छोटे बच्चे यानी भतीजा – भतीजी हमें “बेतिया चाचा” कह कर पुकारते हैं। मैं एक गांव में रहता हूं। मैं कविता, गीत (भोजपुरी, हिंदी), लेख, कहानी, शाॅट फिल्म और फिल्म (भोजपुरी) भी लिखता हूं।
मेरा जन्म 11 जुलाई 1996 को मेरे ननिहाल खड्डा बंगला टोला में हुआ। जो अनुमानित तिथि है. मैं शैक्षणिक योग्यता में इतिहास से प्रतिष्ठा प्राप्त किया हूं साथी सरकारी आईटीआई और कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त किया हूं। वर्तमान में मैं बिहार सरकार के सात निश्चय के द्वारा चलाए जा रहे कुशल युवा प्रोग्राम में लर्नर फैसिलिटेटर के पद पर कार्यरत हूं।

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दोषी स्वर्ण या दलित

आजकल छुआछूत, जात - पात, अगला - पिछड़ा के नाम पर समाज को तोड़ने की भरपूर कोशिश की जा रही है और अनेक तरह की सोशल मीडिया पर वीडियो वायर... Read more

दिव्यांग या विकलांग

"दिव्यांग या विकलांग" इस शब्द का उच्चारण मैं आज इसलिए कर रहा हूं की पहले के सरकारी दस्तावेजों में विकलांग शब्द का उच्चारण किया जाता ... Read more

दलित - दलित

एक दिन की बात है कि मैं बेतिया शहर को गया। शहर जाने का मेरा कारण यह था कि मुझे ब्लड जांच करवाना था। तो मैं अपने एक दोस्त की दुकान मे... Read more

प्रेम विवाह

प्यार पूजा है। प्यार इबादत है। प्यार ही संसार है। प्यार ही दुनिया है। प्यार के बिना इस दुनिया में कुछ नहीं है। कुछ ऐसे ही प्रेमी जोड... Read more

सरकारी और प्राइवेट

एक दिन की बात है की एक छोटी सी शहर में सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी की मुलाकात हो गई। दोनों ने हाथ मिलाए और हालचाल होने लगी। इसी क... Read more

चुनावी रण

चुनावी रण मैं इस लेख का नाम इसलिए रख रहा हूं कि आप आज के लोकसभा चुनाव 2019 को बहुत करीब से देख रहे हैं। इस लोकसभा चुनाव में जितने गर... Read more

मां के प्रति हम सबका कर्तव्य

आज मैं सोचा रहा था और सोचते वक्त लगा कि शायद मां इस धरती पर हर एक मानव को पांच रूपों में स्पष्ट रूप से दर्शन देती हैं। इस आधार पर मै... Read more

सर्वोपरि देश या कुर्सी

आज देश में 2019 के लोकसभा के चुनाव में राजनेताओं एवं राजनीतिक पार्टियों ने यह साबित कर दिया है कि हम सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं... Read more