Abhishek Parashar

उत्तर प्रदेश-207301

Joined June 2017

आदर्श वाक्य है- “स्वे स्वे कर्मण्यभिरत: संसिद्धिं लभते नर:”,
“तेरे थपे उथपे न महेश, थपे तिनकों जे घर घाले
तेरे निवाजे गरीब निवाज़, विराजत वैरिन के उर साले”

मच्चित्ता मद् गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम्।
कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ।।9।।
तेषां सततयुक्तानां भजतां – प्रीतिपूर्वकम्।
ददामि बुद्धियोगं तं येन मामुपयान्ति ते।।10।।(श्री म॰भ॰ अ-10)
@dearabhishekji(Twitter Account)

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अपनी पीड़ा किसे कहूँ

शान्त पड़ गए चित्त चितेरे, भाषा की परिभाषा क्लान्त, भग्न देह पर शेष बचा है, यौवन ज्वर का एक प्रमाण, अगणित भूधर ख़ाक हो गए, इसे दे... Read more

प्रिय! सिंह सा दहाड़ना

स्वीकृति के रूष्ट राग में, संशय के जब द्वार खुले हों, अतुल, निरन्तर, अवरोधों के, सम्मुख हो पाषाण खड़े हों, भय सीमा में घिर जाने प... Read more

@@शब्द भूल गएँ हैं गीत@@

प्रेम पिघल जाता है जब, वसुधा पर दुःख अनन्त हों, रश्मि यहाँ जब रही अकेली, सतरंगी संगीत वह कहती, क्षीण-क्षीण जब हुआ हृदय है, रहा ... Read more

###बन्धन थे वह टूट गए हैं###

बन्धन थे वह टूट गए हैं, निष्ठुरता भी कहाँ ठहरती, संकल्पों की उठी अग्नि में, बुद्धि अपना हवन है करती, क्षुद्र संकटों से न घबराकर,... Read more

##कब मिटेगी जीवन की कारा##

संक्षिप्त जीवन की धुरी में, याद आते जो पुष्पपथ पर, दूर तक दिखता न कोई, हाय! यह कैसा समय है, हर दिशा है रिक्त सूनी, पर भरा है दु... Read more

️⭐अभी हार नहीं मानूँगा️⭐

सधे धैर्य से संयम रखकर, प्रतिक्षण पथ पर सम्भल सम्भलकर, हृदय में अप्रितम भाव जगाकर, युद्ध भूमि पर कण्टक क्यों न मिलें, विजय का अन... Read more

परिणाम आ रहें हैं,परिणाम आ रहें हैं

हाथों के इशारे कमल खिला रहे हैं, परिणाम आ रहें हैं,परिणाम आ रहें हैं। देखेंगे भैया पप्पू बाँहें हैं ऊपर करते, चुनाव हार कर वह इ... Read more

जो प्रेम रँग में रँगा हुआ है

नई प्रीति है नई उमंगें, अवसर का है 'भाव' समुन्दर, भाव जगे हैं हृदय नेत्र से, अब देखेंगे वह अनन्त पर, खोजेंगी हर एक नया ढंग, ... Read more

✍✍काश्मीर का एक दरिंदा, नाजुक तन को कुचल गया✍✍

आह भी कैसे निकली होगी, उस बेटी से पीड़ा की, कोमल तन पर उस कुत्ते ने जंजीरों से क्रीड़ा की, तनिक भी रहम न उपजा दिल में,जो बालक पर ही... Read more

✍✍हरे जो मन की पीरों को, अगर कोई मित्र ऐसा हो✍✍

हरे जो मन की पीरों को, अगर कोई मित्र ऐसा हो, हृदय वेदना को जो दूर कर दे, अगर कोई मित्र ऐसा हो, समीप में बैठकर जो कभी-कभी गुफ़्तगू क... Read more

💮💮🍀हनुमत सहाय करो अब मेरी💮💮🍀

हनुमत सहाय करो अब मेरी, जन्म बीति रह्यो मेरो भगवन कब लो लगाऊँ टेरी, अँखियाँ बरसे पुनि-पुनि मेरी हरहुँ विपति प्रभु सिगरी, हाथ पसार... Read more

✍✍भई,शुद्ध वायु अब नहीं शहर में✍✍

वायु हुई विष से भी विषैली, साँसों में घुसती मृत्यु की थैली, प्रकृति बदलता पागल यह नर, बुरे नतीज़े न सोचे अक्सर, कैसे जिएंगे मृत्य... Read more

🌹🌹विचारों का प्रयोजन= सही व उचित निर्णय=उद्देश्य प्राप्ति🌹🌹

प्रयोजन संग उठते विचार, मन को देते स्फूर्ति अपार, साहस संचय की करते पुकार, अगणित टक्कर दें बार-बार, मत सोचो ऐसे दीन वचन, क्षीण ... Read more

****धीर धरो, मत व्याकुल हो****

लक्ष्य प्राप्ति की आशा में, जीवन संघर्ष की परिभाषा में, हिम सी शीतलता अपनाकर, ज्ञान का तेजस्वी दीप जलाकर, भ्रमित न हो, नहीं कायर... Read more

***होली के हुलारे रंग***

होली के हुलारे रंग, बरसेगें अंग-अंग, उल्लास के संग अरु प्रीति के आनन्द में, हर्ष की वेला में बरसे जब लाल रंग, लोगन के मुख को मिला... Read more

✍✍मिलन ऐसा हो होलिका पर,द्वेष मिट जाएँ सभी के✍✍(होली की शुभकामनाओं सहित)

मिलन ऐसा हो होलिका पर,द्वेष मिट जाएँ सभी के, प्रेम की गंगा बहे धरा पर, मैल मिट जाएँ सभी के, सुख की वर्षा हो गगन से,अवसाद अदृश्य हो... Read more

💐💐व्यथित न कर पाती मेघ गर्जना प्रलय काल की💐💐

व्यथित न कर पाती मेघ गर्जना प्रलय काल की, धीर धरे जो विपति काल में हर प्रकार की, मार्ग उदय हो और लक्ष्य मिले, जो भ्रमित न हो, शुभ... Read more

प्रिया-प्रियतम संवाद केन्द्र बिन्दु---वही चिर परचित पकौड़ा (चाय-पकौड़ा श्रंखला कविता संख्या-03)

प्रिया उवाच:- प्रिया ने बड़े प्रेम प्रियतम को पुकारा, आँखों से देकर तिरछा सा इशारा, बुरे वक्त में कौन किसका सहारा ? कुछ तो करो,... Read more

✍चाय चाय करते रहे....(चाय-पकौड़ा श्रृंखला दोहा, कविता क्रमांक-02)✍

चाय चाय करते रहे,तन से निकली हाय, पकौड़ा अब तैयार हैं, तब तो छानो चाय।।1।। पकौड़ा बेचन में चला, मन में राखी खोट, लाभ हुआ या हानि हु... Read more

✍गरीब भी अमीर भी अब पकौड़ा खाएगा✍(चाय-पकौड़ा श्रृंखला कविता क्रमांक-01)

चाय से जुड़े थे इसलिए कि जोश आएगा, काला धन था जो स्विस में वो भी आएगा, हाय! न सोचा था कि घर भी बिक जाएगा। गरीब भी अमीर भी अब पकौड़ा... Read more

👣👣अहो अहो नर क्या नहीं?अपना भाग्य विधाता है👣👣

लक्ष्य अगर ऊँचा हो तो परिश्रम भी बनता है, क्या बंजर भूमि में कभी पुष्प नहीं खिलता है? पुष्प का ऐसे खिलना, जीवन का सिद्धान्त सिखाता... Read more

🍀🍀🌟ऋतुराज बसन्त को भयो आगमन🍀🍀🌟

ऋतुराज बसन्त को भयो आगमन, सुगन्ध भरी वायु बहाने लगी है। किसी कोटर से झाँकी दिखाती है शीत, आने जाने को नाटक रचाने लगी है। फूल पत्... Read more

✍✍आज इस प्यारे वतन पर जान भी मैं वार दूँगा✍✍

सुर भी जिस पर तरसते हैं,पुण्य कर लें, जन्म लेकर, नर नहीं पशु ही बना दो, आर्य भूमि पर, प्रभु आशीष देकर, उस विभु आशीष से, भारत माँ क... Read more

🌹🌹भाव में विचार में बने रहो हनुमान मेरे🌹🌹

भाव में विचार में बने रहो हनुमान मेरे, मन की चलायता को दूरि करि डारो प्रभु। उर में बसो सिय राम रूप रंग लेके, कलुष मिटाय, धैर्य वी... Read more

🐚🐚सिंह सा लड़ता रहूँगा लक्ष्य को पाने की हद तक🐚🐚

सिंह सा लड़ता रहूँगा लक्ष्य को पाने की हद तक, इस गगन को नत करूँगा, जान तन में है मेरे जब तक, आदर्श का चोला पहनकर,लक्ष्य को मैं भेद ... Read more

🌺🌺अनन्त श्री युक्त पूज्य गुरुदेव के नाम की व्याख्या🌺🌺

पूज्य गुरुदेव के नाम की विशद व्याख्या का प्रयास मेरे द्वारा किया गया है। जिस पर मैं पहले कुछ पंक्तियाँ अपनी क्षमा प्रार्थना के लिए अ... Read more

🌼🌻🌹रूप टपकते थे कभी जिनसे किसी....🌼🌻🌹

रूप टपकते थे कभी जिनसे किसी ज़माने में, सिकुड़ती खाल और झुर्रियाँ लिए मिलते हैं। क्या उन्हें नहीं पता था इस जिन्दगी का हश्र ? कि इ... Read more

✍✍ऐसे नवबर्ष हर वर्ष आते रहेंगे ✍✍(पाश्चात्य नववर्ष-2018 के शुभकामनाओं सहित)

ऐसे नववर्ष, हर वर्ष आते रहेंगे, आनन्द के क्षण यूँ ही लाते रहेंगे, उन्हें हम न भूलें, जिन्हें तंग करता यह रूपया, व्यर्थ धन, नववर्ष... Read more

🌟🌟माँ सर्वश्रेष्ठ धन🌟🌟

बड़ा बन-ठन के निकला था मार्ग पर। ग्रामीण परिवेश में पला बढा था झनुआ। अतः उस पर शहरी सोच का अभाव था।बहुत खुश था कि शहर पहुँच कर खूब पै... Read more

✍💥हौंसले पस्त हों जाए तो बल............✍💥

हौंसले पस्त हों जाए तो बल के क्षण याद करो। ख़ुद को जिन्दा करने के लिए, खुद से ही बात करो।।1।। कमज़ोर बनाती है ज़माने में बुरे लोगों क... Read more

✍✍गम्भीर शब्द गूँजते✍✍

गम्भीर शब्द गूँजते, विवेक को हैं ढूँढते, प्रसंग तो यहाँ वहाँ, उसे तो ढूँढते कहाँ, सत्य के उस आधार में, ईश के रूप साकार में, ... Read more

✍प्रबुद्ध नर हुँकार भर ✍

निराश मानव में मेरी यह कविता निश्चय ही उत्साह का प्राकट्य करेगी- जय हनुमान प्रबुद्ध नर हुँकार भर, वीरता को पार कर, परिश्रम की ... Read more

****निर्भीक पथिक= सदा विजय****

निर्भीक पथिक कंटक पथ पर बढ़कर संत्रस्त नहीं होता है, क्षुधा भी उसका करती क्या ? जब वह लक्ष्य साध लेता है, कंटक पथ परवर्तित हो जाता ... Read more

✍✍याद= आत्मा की पुकार या मोह की दीवार✍✍

छिड़ गई छिड़ गई वो बात जो मुझे याद न थी, आ गई उनकी वो याद जो मुझे याद न थी।।1।। फाँसला-ए-ग़म है बड़े दूर का हम में उनमें, फिर ख़ुशी उठ... Read more

***माँ पद्मावती=बलिदान की सजीव मूर्ति****

तिमिरा रजनी भी जिस माता के शौर्य गीत को गाती है, जिस वसुधा पर उत्सर्ग किया वह पुण्यभूमि कहलाती है, गाथा सुनकर उस माता की,मृत उर मे... Read more

🌻🌻श्रीश्री बाबा नीम करौरी स्तुति(तोटक छ्न्द में)🌻🌻

जय लक्ष्मण दास नमामि हरे, जय लीला कृपा आगार हरे। जय जन्म सिद्ध सर्व व्याप्त, परम प्रेम जय जय अच्युत। हनुमत स्वरुप जय श्री मान, जय ... Read more

***तिनके के बोल, ये मानव आँखें खोल***

तृण कहता अजब कहानी, खुद की पीड़ा, खुद की जुबानी, मुझमें नर में अन्तर कैसा, जो नर हो पशुबुद्धि जैसा, मैं तो पेट भरूँ पशुओं का, कर... Read more

?? चलो बढ़े भारत माता सिर मुकुट सजा दें??

ज्यों विपिन में सिंह गर्जना होती है, ज्यों फणि पर मणि कान्ति चमकती है, स्वश्रम से कुछ ऐसे ही निज संस्कृति पर दीप्ति सजा दें, चलो ... Read more

मेरा विद्यालय-शिक्षा का बदलता स्वरुप

साम नाद का वह स्वर जो अरण्य से कानों में आता था, तत्व ज्ञान विज्ञान की शिक्षा को जो हमको सिखलाता था, ऐसी बहुमुखी शिक्षा का कत्ल ... Read more

??हनुमनू निक ताको मेरी ओर??

हनुमनू निक ताको मेरी ओर, राम चरन सुनिबे को रसिया, पुलके अंग अंग छोर, ज्ञानिन में श्रेष्ठ हो बजरंग अचरज लीला तोर, पवन तनय के मुख क... Read more

??विश्व धरा के जन जन को दीपोत्सव मंगलमय हो ??

धवल प्रकाश विखेरे दीपक धरनी पर, अलंकार ज्यों शोभित होते तरुणी पर, नव तरुणी सी शोभा लेकर अपनी पावन संस्कृति हो, विश्व धरा के जन जन... Read more

‼‼ बजरंगी मेरे मन की पीर हरो ‼‼

सभी सुहृदों को हनुमत जन्म महोत्सव की अग्रिम शुभ कामना, हनुमान जी सभी सद्बुद्धि देवें तथा रघुपति चरणों में प्रेम बृद्धि करें। जय ह... Read more

??बन्शी धुनि कबहुँ परेगी कान??

बन्शी धुनि कबहुँ परेगी कान, भ्रमर गूँज सुनिबे में आवे, ताते बडहिं न मान, योग न बनहिं न भजन बनावहिं कैसेहुँ धरहुँ जापे सान, क्षण-क... Read more

✍✍✍हौंसले सहस्त्र होंगे, जब ध्येय की हक़ीकत होगी✍✍✍

हौंसले सहस्त्र होंगे, जब ध्येय की हक़ीकत होगी, श्रम बिन्दु जब दृश्य होंगे, विजय भी सजीव होगी, विजय ख़ुशी की महक, सुगन्धित इत्र सी लग... Read more

***हनुमत दूरि करो कठिनाई ***

हनुमत दूरि करो कठिनाई, निशि दिन ध्यावत टेरि लगावत अश्रु गिरे झरराई, क्रूर निरशिया घेरे मोकूँ टेढि मार्ग उपजाई, ध्यान धरूँ प्रभु र... Read more

***हिन्दी भारत की शान है***(कुछ मुक्तक)

हिन्दी दिवस पर कुछ मुक्तक बने, जो रह गए थे, जो निम्नवत हैं। मुक्तक संख्या-01 संस्कृति का अवगाहन हिन्दी,भारत की शान है हिन्दी, ... Read more

****तूफान भी क्यों न रुक उठेगा?****

प्रायः देखा गया है कि परिश्रमी व्यक्तियों को अचानक निराशा घेर लेती है। सामाजिक विद्रुप का सामना भी उस व्यक्ति को करना पड़ता है,ऐसे व्... Read more

****कौन भला विश्वास करेगा****

निम्नवत पहले दो पदों में मासूम गोल कपोल बच्चे प्रद्युम्न के लिए, जिसे जाने क्यों अकारण मार दिया जाता है। (उस अबोध को भावभरी श्रद्धां... Read more

***अबला नारी, बेचारी इसे सहन कर जाती है***

कौतूहल का विषय बना डाला है नारी को, गर्व भरा मस्तक जिसका उस सुकुमारी को, नीच भावना मानव की कुत्षित दृष्टि जमाती है, अबला नारी, बे... Read more

??गगन वीथिका से उतरी क्या सौम्य परी हो तुम???

गगन वीथिका से उतरी क्या सौम्य परी हो तुम? या फिर सूर्य किरण का गुच्छ जो गिरा धरा पर, ओज बिखेरे हर कण पर, मानस मन पर भी, चित्र उके... Read more