Jagdish Gulia

Joined August 2016

Hi I am Jagdish Gulia . Dy. manager Finace & Accounts with a public Ltd. Co. Writting of satirical poem , Harvanvi geet ,sharo-shayri and Quotes etc.

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माँ का आँचल

💐 माँ का आँचल💐 माँ के आँचल से छोटी धरती, नहीं माँ से ऊँचा आकाश है । ममता की बहती सरिता माँ, नहीं चाँद में वो प्रकाश हैं ।। ... Read more

"आजादी चाहिए"

अब भी हमें आजादी चाहिए, भ्रस्टाचार और बेईमानी से । कब हमको निजात मिलेगा, इस आंतकवाद पाकिस्तानी से ।। देश को अभी आजादी चाहिए, ... Read more

मेरा भारत महान ।

आओ मिल कर नीव रखे , एक ऐसे हिंदुस्तान की । सा... Read more

संस्कृति और संस्कार

“संस्कृति और संस्कार” यो किसा जमाना आ गया लोगो, संस्कृति और संस्कार रहे ना । आज पहले जैसे प्यार रहे ना, और कृष्ण जैसे यार रहे ... Read more