J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS) , MA (POLITICAL SCIENCE)
“कविता लिखना और लिखते लिखते उसी में खो जाना , शाम ,सुबह और निशा , चाँद , सूरज और तारे सभी को कविता में ही खोजना तब मन में असीम शांति का अनुभव होता हैं”

मेरा काव्य संग्रह ” मन की मधुर चेतना ” प्रकाशित हो चुका है, जो online अमेजन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है ।

Books:
मन की मधुर चेतना काव्य संग्रह

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जब चला शुद्ध का युद्ध

जब चला शुद्ध का युद्ध.... गली गली शहर शहर, दिन रात हर पहर पहर, फैला था जो जहर जहर, बरपा रहा था कहर कहर, जब चला शुद्ध का... Read more

यह राष्ट्र हमारा है

यह राष्ट्र हमारा है, जान से प्यारा है, आओ मिलकर खुशियाँ मनाए, गणतंत्र पर्व पर गीत गुनगुनाए, बह रही देखो स्वतंत्र ह... Read more

धूप को तरसते गमले

बदल गए लोग, बदल गए भोग, नहीं रही वो हवा, नहीं रही वो दवा, नैतिकता बेअसर, घुला मजहबी जहर, भूल गए सब शांति, जगह जगह अशांति, बच... Read more

यादें

तुम आ जाती हो, साँझ सवेरे । मन की गहराइयों, में बसी हो मेरे ।। बचपन की गलियों से, गुजर कर आती । तीज त्यौहार की उमंग, तुम हो... Read more

एकलव्य

हिरण्य धनु का पुत्र हैं, जाति उसकी निषाद । द्रोण पास लेने चला,धनुष विद्या प्रसाद ।।१।। द्रोण ने देख जाति को, कर दिया अस्वीकार । ... Read more

चले जा रहे है

चले जा रहे है, बिना सोचे हम । देख दुनिया को, बढ़े जा रहे है हम ।। हर क्षण अनमोल, लुटा रहे हम । भूल मुस्कान को, जी रहे है हम ... Read more

और मैं अकेला

नव वर्ष की बेला, और मैं अकेला, जिनसे मिला उर, वही हैं आज दूर, पूस की हैं रात, हुई न हैं बात , चहुँओर हैं जश्न, झूम रहे है जन,... Read more

कुछ यादें कुछ बातें

कुछ यादें कुछ बातें, साथ मेरे रहती । समय गुजर जाता, वे संग संग चलती ।। हर्ष हो या विषाद हो, हो पथ पर चाहे जंग । सुनहरी होती ... Read more

जोगा किले की सैर

सुबह सुबह कर योगा, चल दिये देखने जोगा, दिन आज सबसे छोटा, साथ थे भाई सब मोटा, मौसम था अति सुहावना, दृश्य भी बड़ा लुभावना, माँ नर... Read more

किसान की रात

धरा ने ओढ़ रखी, हरी भरी चुनरिया । मौसम हुआ सर्द , बह रही पुरवइया ।। पूस की ठंडी रात, बहुत लंबी होती । करवटे यूँ बदलते, रात न... Read more

यादें कुछ बातें

इधर उधर खोज रहा था, उनके चरणों की रज। लगता ऐसा कल की बात हो, ढल गए कितने ही सूरज ।। ये पेड़ ये शिला अब भी खड़े है, कुछ नही बदला... Read more

शुद्ध के लिए युद्ध

देखो हमारी रैली चली चली। जागरूकता फैलाने गली गली। होगी मिलावट दूर हमने ठाना, कभी न जाएगी जनता छली।। प्रदेश छोड़कर भागेंगे मिल... Read more

बना ले तू मधुर संबंध

बना ले तू मधुर संबंध , छोड़ मोह माया बंधन । जगा ले सोई चेतना , कर ले अब ईश वंदन ।। सुख नाता तोड़ गया, प्रेम का पड़ा अकाल । म... Read more

कालयवन

(१) म्लेच्छ नरेश कालयवन, आया मथुरा द्वार । लेकर ईच्छा युद्ध की, लाया सेन अपार ।। (२) श्री कृष्ण रणछोड़ ह... Read more

गाँव का प्यार

अनगिनत तुम्हारे उपकार । करूँ तुम्हे नमन बारम्बार ।। बचपन पास तुम्हारे बीता । हर सुख तुमसे ही मिलता ।। दिल की बात तुम्हे सुना... Read more

तीज त्यौहार

हमारे सब तीज त्यौहार । लाते खुशियों का उपहार ।। सब मिलजुल कर मनाते । प्रेम स्नेह भी खूब बहाते ।। बच्चे बूढ़े सब देखते । हर प... Read more

जब मिलते हैं यार

(१) जब मिलते हैं यार । आ जाती हैं बहार ।। होती हैं फिर कुछ बातें । याद रहती हैं मुलाकातें ।। साथ जो भी पल बीते । कर याद ... Read more

एक दिन की सैर

हम सब यार मिले । जंगल की सैर चले ।। गलियों से यूँ गुजरकर । चल दिए पगडंडी पर ।। नभ में थे बादल छाये । राह में भी कीचड़ पाये ।... Read more

ध्रुव

राजा उत्तानपाद का, हैं सुत ध्रुव महान । सौतेली माँ सुरुचि ने, बहुत किया अपमान ।। माता का आशीष ले, ध्रुव चला वन राह... Read more

किसान

देखो जमीन बिक गई, गिरवी रखे मकान । फसल देख किसान हुए, कितने आज परेशान ।। कितने आज परेशान, अपना भाग्य कोस रहे । मौसम जाता रूठ, कैस... Read more

शरद पूर्णिमा

आई हैं पूर्णिमा शरद । लेकर आनन्द सुखद।। फैल रहा हैं प्रकाश । धवल हुआ आकाश ।। ठंडी ठंडी बयार बहे । छूकर मन को कहे ।। ... Read more

सत्य का साथ

अपने काम मे मगन रहने पर भी, कभी - कभी मेरा मन मेरा साथ छोड़कर कहीं दूर चला जाता हैं । आज भी बैठे - बैठे त्रेता युग और द्वापर युग में ... Read more

अंगद

राम काज करने चला, किष्किंधा युवराज । सीता जी की खोज पर, राम ने किया नाज ।।1।। नल नील ने बांध लिया, खेल खेल में सेतु । वानर... Read more

बेटियाँ

प्रार्थना मेरी सुनकर, मुझे मिला वरदान । घर में आई चेतना, हो रहे मधुर गान ।। उन्नति की राहें खुली, सुंदर लगा जहान । जीवन ... Read more

संतान

सबकी होती कामना, सुखी रहे संतान । खूब नाम रोशन करें, जग में हो पहचान ।। जग में हो पहचान, सुत आज्ञाकारी बनें । छोड़े न कभी साथ, पूर... Read more

माँ से प्यारी होती नानी

माँ से प्यारी होती नानी, सुनाती हैं किस्से कहानी, कितना सुकून मिलता, जब उनके पास आता, भूल जाता अपने सारे काम, लगता जैसे आया तीर... Read more

ठहर जाओ बादल प्यारे

सुनो हमारे मन का आह्वान, अर्ज करते हम किसान, देखो गलने लगी फसल, ठहर जाओ ऐ प्यारे बादल, धरती जलमग्न ताके अम्बर, पानी से भींग रहे... Read more

हलधर

हलधर करते मेहनत, बहे पसीना रोज । नित साहूकार ठगते, खूब मनाए मौज ।। खूब मनाए मौज, दाम सही न कभी मिले। खुशियाँ मनती खूब, जब हो भरप... Read more

श्री कृष्ण

मोर मुकुट ले बाँसुरी, खेलन चले गोपाल । निरखि छवि भगवान की, चकित भये सब ग्वाल ।। चकित भये सब ग्वाल, संग संग गौ हांकते । सुनने मुरल... Read more

उनके घर आया मेहमान

उनके घर आया मेहमान । रखने हम सबका वो मान ।। घर में गूँजी किलकारियां। वंश बढ़ा ,हैं कलवारिया।। माँगी दुआ आया लाल । गुलाब जैसे... Read more

मेहनत का फल मीठा

बूँद -बूँद से ही घड़ा भरता, चलते चलते कछुआ जीतता, व्यर्थ नहीं होता कभी परिश्रम, मेहनत का फल मीठा होता, छोटा नही कोई काज, स्वयं... Read more

मित्र

मन में जो हैं बसते, हर पल साथ रहते, सुख दुःख के साथी, जीवन राह के पंथी, वो खुशियों की बहार, जग सूना हैं बिन यार, सब खुश ... Read more

खुशियाँ तू मुट्ठी में भर ले

नन्हा नन्हा बीज धरा से निकला, खोल आँखे ,वो देखने जग चला, चारो ओर थी बड़ी चहल पहल, सुबह सुबह सब जन रहे टहल, जैसे - जैसे दिन चढ़ा ... Read more

सावन पुकार रहा

सावन भी पुकार रहा, देख धरा के हाल। ताकते जन जन अम्बर, सूख गए सब ताल ।। हे ! मेघ बरस जाइए, सुन हमारी पुकार । मच रहीं हैं उथल पु... Read more

कैसी आई है सदी

कैसी आई हैं सदी, देखो प्यासी है नदी, भरा विपुल जल, फिर भी सूना कल, कहाँ है सावन झूले, सब हम जन भूले, रिश्ते गए सिमट , भरी हैं... Read more

डॉक्टर

आप जगत के हो ईश समान, मिलती दुआएँ भर आसमान, दिन हो या रात सेवा को तत्पर, खुशियाँ भर देते हो घर - घर, आप भेदभाव कभी न पालते, सबक... Read more

मेहनत

पथ थे कितने दुर्गम, चलता गया लेकर गम, मुश्किल थी मेरी राह, साथ थी उनकी एक चाह, पैरों में चुभते थे शूल, पर चाहत थी मेरी... Read more

पेड़

ठंडी -ठंडी छाया देते, मीठे मीठे फल लगते, पंछियों का बनते बसेरा, सबको दिखाते नया सवेरा, फिर क्यू........... रोज रोज कट रहे, बंज... Read more

साथी

जब पथ पर हो साथी संग, फिर हो चाहे कैसी ही जंग, भागेगा ही अरि छोड़ मैदान, जग कहता सुनो लगा कान, दुःख भी पूछकर आएगा, सुख रूठकर ... Read more

बरखा रानी

बरखा रानी, बरखा रानी, लेकर आई हो तुम पानी, झूम रहे देखो जन - जन, महक उठे सारे उपवन, धरा की बुझ रही प्यास, देखो उगने लगी हैं... Read more

है! मेघ जल्दी बरस

धरा कर रही पुकार, है! मेघ करो उपकार, बरसाकर तुम नीर, मिटा दो सबकी पीर, सब ताक रहे आसमान, अब सहन नही तापमान, गरमी से सब बेहाल, ... Read more

टूटा अभिमान तम का

नभ में सूरज चमका, टूटा अभिमान तम का, चहुँओर लाली छाई, मौसम हुआ सुखदायी, छोड़ चले पंछी नीड़, भू पर बढ़ने लगी भीड़, बह रही हवा मंद म... Read more

पिता की नजर

पिता की नजर से---- यह क्षण जो मिले, कभी न जाय भूले, हैं कितने अनमोल, लगा सके न मोल, अंतर्मन भर जाता, जब पुत्र संग होता, लौट... Read more

चलो चले मेरे गाँव चले

चलो चले सब मेरे गाँव चले, तपती धरा पर नंगे पाँव जले, सड़क किनारे लगे दौड़ने, पेड़ो की छाया फिर ढूँढने, सिर पर ढूँढे हम सब पगड़ी,... Read more

गाँव की मिट्टी तुम ले आना

गाँव की मिट्टी तुम ले आना, अपनो को मेरी चिट्ठी दे आना, तुम साथ हमारे बचपन के पल ले आना, तुम पेड़ो से मीठे मीठे फल ले आना, बड़े... Read more

हमने उनकी राह तकी

हमने उनकी राह तकी, फिर भी वो आ न सकी, हमने चाहत छुपा रखी, बनाकर उन्हें अपनी सखी, वो खुद न आये द्वार, हम लेकर बैठे हार, क... Read more

जाग उठ अब है ! नारी

जाग उठ अब है! नारी, तू कहाँ किसी से हारी, तुझमे क्षमता है प्रबल , अबला नही ,है सबल, तू धरा का है रूप, दुर्गा का है स्वरूप, क... Read more

देख दशा आँसू आते

देख दशा आँसू आते, कैसे भेड़िये खुले घूमते, गली गली में ये विचरते, कली कली को निहारते, खिलने से पहले ही रौंदते, क्यों नही कुछ... Read more

अच्छा होगा सुप्रभात

अच्छा होगा सुप्रभात, जब सुने दिल की बात, मन होता सच्चा साथी, पर होता मतवाला हाथी, सुख दुःख आना जाना, इनसे न कभी घबराना, ... Read more

दिल मे मेरे गांव बसता

दिल में मेरे गाँव बसता, जुबां पर यही नाम रहता, बड़े बूड़ो का सम्मान पाते, सबसे सदा राम राम करता, सूरज को भगवान मानते, चंदा यहाँ... Read more