J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS)
“कविता लिखना और लिखते लिखते उसी में खो जाना , शाम ,सुबह और निशा , चाँद , सूरज और तारे सभी को कविता में ही खोजना तब मन में असीम शांति का अनुभव होता हैं”

मेरा काव्य संग्रह ” मन की मधुर चेतना ” प्रकाशित हो चुका है, जो online अमेजन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है ।

Books:
मन की मधुर चेतना काव्य संग्रह

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मेहनत का फल मीठा

बूँद -बूँद से ही घड़ा भरता, चलते चलते कछुआ जीतता, व्यर्थ नहीं होता कभी परिश्रम, मेहनत का फल मीठा होता, छोटा नही कोई काज, स्वयं... Read more

मित्र

मन में जो हैं बसते, हर पल साथ रहते, सुख दुःख के साथी, जीवन राह के पंथी, वो खुशियों की बहार, जग सूना हैं बिन यार, सब खुश ... Read more

खुशियाँ तू मुट्ठी में भर ले

नन्हा नन्हा बीज धरा से निकला, खोल आँखे ,वो देखने जग चला, चारो ओर थी बड़ी चहल पहल, सुबह सुबह सब जन रहे टहल, जैसे - जैसे दिन चढ़ा ... Read more

सावन पुकार रहा

सावन भी पुकार रहा, देख धरा के हाल। ताकते जन जन अम्बर, सूख गए सब ताल ।। हे ! मेघ बरस जाइए, सुन हमारी पुकार । मच रहीं हैं उथल पु... Read more

कैसी आई है सदी

कैसी आई हैं सदी, देखो प्यासी है नदी, भरा विपुल जल, फिर भी सूना कल, कहाँ है सावन झूले, सब हम जन भूले, रिश्ते गए सिमट , भरी हैं... Read more

डॉक्टर

आप जगत के हो ईश समान, मिलती दुआएँ भर आसमान, दिन हो या रात सेवा को तत्पर, खुशियाँ भर देते हो घर - घर, आप भेदभाव कभी न पालते, सबक... Read more

मेहनत

पथ थे कितने दुर्गम, चलता गया लेकर गम, मुश्किल थी मेरी राह, साथ थी उनकी एक चाह, पैरों में चुभते थे शूल, पर चाहत थी मेरी... Read more

पेड़

ठंडी -ठंडी छाया देते, मीठे मीठे फल लगते, पंछियों का बनते बसेरा, सबको दिखाते नया सवेरा, फिर क्यू........... रोज रोज कट रहे, बंज... Read more

साथी

जब पथ पर हो साथी संग, फिर हो चाहे कैसी ही जंग, भागेगा ही अरि छोड़ मैदान, जग कहता सुनो लगा कान, दुःख भी पूछकर आएगा, सुख रूठकर ... Read more

बरखा रानी

बरखा रानी, बरखा रानी, लेकर आई हो तुम पानी, झूम रहे देखो जन - जन, महक उठे सारे उपवन, धरा की बुझ रही प्यास, देखो उगने लगी हैं... Read more

है! मेघ जल्दी बरस

धरा कर रही पुकार, है! मेघ करो उपकार, बरसाकर तुम नीर, मिटा दो सबकी पीर, सब ताक रहे आसमान, अब सहन नही तापमान, गरमी से सब बेहाल, ... Read more

टूटा अभिमान तम का

नभ में सूरज चमका, टूटा अभिमान तम का, चहुँओर लाली छाई, मौसम हुआ सुखदायी, छोड़ चले पंछी नीड़, भू पर बढ़ने लगी भीड़, बह रही हवा मंद म... Read more

पिता की नजर

पिता की नजर से---- यह क्षण जो मिले, कभी न जाय भूले, हैं कितने अनमोल, लगा सके न मोल, अंतर्मन भर जाता, जब पुत्र संग होता, लौट... Read more

चलो चले मेरे गाँव चले

चलो चले सब मेरे गाँव चले, तपती धरा पर नंगे पाँव जले, सड़क किनारे लगे दौड़ने, पेड़ो की छाया फिर ढूँढने, सिर पर ढूँढे हम सब पगड़ी,... Read more

गाँव की मिट्टी तुम ले आना

गाँव की मिट्टी तुम ले आना, अपनो को मेरी चिट्ठी दे आना, तुम साथ हमारे बचपन के पल ले आना, तुम पेड़ो से मीठे मीठे फल ले आना, बड़े... Read more

हमने उनकी राह तकी

हमने उनकी राह तकी, फिर भी वो आ न सकी, हमने चाहत छुपा रखी, बनाकर उन्हें अपनी सखी, वो खुद न आये द्वार, हम लेकर बैठे हार, क... Read more

जाग उठ अब है ! नारी

जाग उठ अब है! नारी, तू कहाँ किसी से हारी, तुझमे क्षमता है प्रबल , अबला नही ,है सबल, तू धरा का है रूप, दुर्गा का है स्वरूप, क... Read more

देख दशा आँसू आते

देख दशा आँसू आते, कैसे भेड़िये खुले घूमते, गली गली में ये विचरते, कली कली को निहारते, खिलने से पहले ही रौंदते, क्यों नही कुछ... Read more

अच्छा होगा सुप्रभात

अच्छा होगा सुप्रभात, जब सुने दिल की बात, मन होता सच्चा साथी, पर होता मतवाला हाथी, सुख दुःख आना जाना, इनसे न कभी घबराना, ... Read more

दिल मे मेरे गांव बसता

दिल में मेरे गाँव बसता, जुबां पर यही नाम रहता, बड़े बूड़ो का सम्मान पाते, सबसे सदा राम राम करता, सूरज को भगवान मानते, चंदा यहाँ... Read more

विकर्ण और कौरव सभा

हाँ! वह वीर कौरव था, उसका अजब गौरव था, था धृतराष्ट्र का वह सुत, रक्त से वह पौरव था ।।1।। थी सभा वीरो से भरी, चुप थे सब पौरुषध... Read more

करुणामय जग

जग को देख जग रोता है, दुःख देख आँसू बहाता है । कोई रोटी के लिए तरसता है, कोई अभावों में भी जीता है । हर बाग का फूल कहाँ महकत... Read more

अवन्ति दर्शन

अवन्ति की धरती पावन, होता हर दिन यहाँ सावन । इस माटी को मेरा नमन, जहाँ आए श्री भगवन । देखो ऋषि सांदीपनि का आश्रम , यही पढ़े ... Read more

माँ द्वारा लगाया पेड़

65 वर्ष का रामदीन, गर्मी के मौसम में थककर छाया देखकर खेत किनारे पेड़ के नीचे लेट जाता है । सोते सोते अपने बचपन मे चला जाता है, जब उस... Read more

कविता

खाली मन को भरने आती, रोज रोज दिल को बहलाती । सुख दुःख की मेरी संगिनी, इस जग को जग से मिलवाती। जीवन पथ पर साथ निभाती, हर पल वो... Read more

!!! राम कथा काव्य !!!

हे ! जग के ईश, पुकारता जगदीश । दे दो एक आशीष, चरणों मे नमन शीश । हे! गौरी पुत्र करता प्रणाम, निर्विघ्न पूर्ण हो यह काम । ... Read more

पेड़ न तुम काटो

पेड़ न तुम काटो, यही संदेश बांटो । पेड़ हमारे..... धरती के है रक्षक, प्रदूषण के भक्षक । धूप में सबको छाया देते , तुम मजे से मी... Read more

माँ का दरबार

शुभ दिवस यह आया हैं , संग खुशियां हजार लाया हैं । चलो चले माँ के दरबार में, लगाने भक्ति का अम्बार । जब करते मन से देवी दर्शन... Read more

उठ जाओ सखा प्यारे

उठ जाओ तुम हुई भौर , स्वर्णिम हुआ नभ छोर, ताजी हवा तुम्हे ढूँढ़ रही, मैं कब से बैठा हूँ वही, बागो में सुंदर फूल खिले, यहाँ ... Read more

दशरथ नन्दन

///१/// सरयू तीर है अयोध्या पावन सुखों का धाम तीन रानियाँ है दशरथ राजा न कोई सुत चिंता बड़ी है ऋषियों की सलाह हुआ है यज्... Read more

कविता

अच्छी कविता संदेश सुनाती है देती है ज्ञान मन हर्षित हो तन लगे नाचने यही कविता सुन वनिता मेरी एक कविता भावों की माला ... Read more

बचपन

बचपन कितना सुंदर होता, शब्दो से कहा नही जाता । कितना आनन्द हमें देता, सोच सोच मन हर्षित होता ।। काश दिवस वो फिर आ जाये, बन... Read more

पानी के लिए हाहाकार

जल्दी उठना । जल लेकर आना ।। बर्तन लाना ।। भीड़ है लगी । सब पानी लाएगी ।। भौर भागेगी । हमे खेलना । नही यह झेलना ।। शाला है... Read more

मित्र बिना सूना जीवन

मित्र बिना सूना जीवन, आंसुओ का ये सावन । हर सुख लगता फीका, जब पास न हो सखा । हर दिन पर्व मनाते, जब मित्र दिल मे समाते । ... Read more

फाल्गुन मास

आज दिवस । कितना सुनहरा ।। है होली पर्व । शुभ संयोग । दिन रात समान ।। मास फाल्गुन । बसन्त छाया । सुर्ख पलाश फूल ।। झूमे प... Read more

।।।होली ।।।

!!! होली पर्व की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं !!! भौर हुई मची हलचल , गलियों में निकले दल।। ले हाथो मे पिचकारी, बच्चे है सब पर... Read more

छंट गया अंधेरा

छंट गया अंधेरा, देखो हुआ सवेरा, पंछी चले छोड़ बसेरा, ढूंढने जीने का सहारा, बह रही ठंडी हवा, बन एक नई दवा, प्रकृति रही झूम, ... Read more

सुख की कल्पना कोरी

सुख की कल्पना है कोरी, दिन के बाद रात है अंधेरी, मन की बात ये मन न माने, तन की सुध ये तन न जाने, कहाँ से ये रोग चले आते, अपने... Read more

बता रे ओ इंसान

तारीफ करू तेरी कि तूने छू लिया गगन, माँ को रुलाया तूने करू मैं करुण रुदन, बता रे ओ इंसान, कहाँ गया ईमान, लालच में हुआ तू बेईमान,... Read more

तवा नदी

देश की जीवन धारा, नदियों की बहती धारा, कल कल बहती जाती, देखो गीत खुशी के गाती, कालीभीत पहाड़ी से है उदगम, देख देख प्रवाह भूल... Read more

बचपन कितना सलोना था

बचपन कितना सलोना था, पर मैं न अकेला था, मिट्टी से यारी थी, धूल बड़ी प्यारी थी, घर था खुला गगन , कितने थे हम मगन, चिडियों का चहक... Read more

मेरे लाल करू तुझे प्यार

मेरे लाल करू तुझे प्यार, तू है जीवन का उपहार, जल्दी जल्दी खा ले भोग, तू होगा बड़ा रहेगा निरोग, देखने तुझे आंखे रही तरस, लालसा मे... Read more

सुंदर पल

कितना सुंदर यह पल, मित्रता होती निश्छल, जब मिलते गले मित्र, स्नेह रंग से भरता चित्र, खिल उठता अंतर्मन, दूर होता खालीपन, मित्र ... Read more

मित्रो की टोली

वो मित्रो की टोली, याद आती है होली, वो रंगीन सूरत भोली, उनकी मधुर मीठी बोली, वो प्यारी सी हमजोली, रंगों से वो है खेली, बात ब... Read more

दोस्तो का साथ

दोस्तो का साथ , यही मेरा वरदान, हँसी है, खुशी है, यही मेरा अरमान, मन प्रफुल्लित, भरा उत्साह उमंग, साथ जो बीते पल, जग हुआ नवरंग, ... Read more

नींद से जागो हुआ सवेरा

नींद से जागो हुआ सवेरा , पंछी भी छोड़ चले बसेरा, तारे भी टिमटिमा कर चले, सूने पथ पथिक से मिले, फूल भी लगे देखो खिलने, तितली भी आ... Read more

कब होगा मेरा नव वर्ष

कब होगा मेरा नव वर्ष, जब सब खुश रहे, सुख की बयार बहे, चहुँओर हो हर्ष, अपनो के हो दर्श, तब होगा मेरा नव वर्ष, माता पिता हो संग,... Read more

साँची हमारा गौरव

देश का गौरव, साँची हमारा, पूज्य पावन , यह बौद्ध धरा, गोल गोल बने सुंदर स्तूप, देख देख मन को भाए रूप, सदियों से यूँ ही यह है... Read more

सही खाये हम

सही खाये हम यह संदेश लेकर रैली चली, गाँव गाँव शहर शहर देती संदेश गली गली, पिज्जा बर्गर जंक फूड को तुम छोड़ , फल सब्जी दूध से अपना ... Read more

मत होना नाराज

सूरज भी छिप गया ले बादलो की ओट, छोटे छोटे नन्हे मुन्ने भी दुबक रहे पहन कोट, ठंडी ठंडी चल रही देखो यह पवन, रोम रोम है खड़ा कांप रहा... Read more