J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS)
“कविता लिखना और लिखते लिखते उसी में खो जाना , शाम ,सुबह और निशा , चाँद , सूरज और तारे सभी को कविता में ही खोजना तब मन में असीम शांति का अनुभव होता हैं”

मेरा काव्य संग्रह ” मन की मधुर चेतना ” प्रकाशित हो चुका है, जो online अमेजन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है ।

Books:
मन की मधुर चेतना काव्य संग्रह

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तवा नदी

देश की जीवन धारा, नदियों की बहती धारा, कल कल बहती जाती, देखो गीत खुशी के गाती, कालीभीत पहाड़ी से है उदगम, देख देख प्रवाह भूल... Read more

बचपन कितना सलोना था

बचपन कितना सलोना था, पर मैं न अकेला था, मिट्टी से यारी थी, धूल बड़ी प्यारी थी, घर था खुला गगन , कितने थे हम मगन, चिडियों का चहक... Read more

मेरे लाल करू तुझे प्यार

मेरे लाल करू तुझे प्यार, तू है जीवन का उपहार, जल्दी जल्दी खा ले भोग, तू होगा बड़ा रहेगा निरोग, देखने तुझे आंखे रही तरस, लालसा मे... Read more

सुंदर पल

कितना सुंदर यह पल, मित्रता होती निश्छल, जब मिलते गले मित्र, स्नेह रंग से भरता चित्र, खिल उठता अंतर्मन, दूर होता खालीपन, मित्र ... Read more

मित्रो की टोली

वो मित्रो की टोली, याद आती है होली, वो रंगीन सूरत भोली, उनकी मधुर मीठी बोली, वो प्यारी सी हमजोली, रंगों से वो है खेली, बात ब... Read more

दोस्तो का साथ

दोस्तो का साथ , यही मेरा वरदान, हँसी है, खुशी है, यही मेरा अरमान, मन प्रफुल्लित, भरा उत्साह उमंग, साथ जो बीते पल, जग हुआ नवरंग, ... Read more

नींद से जागो हुआ सवेरा

नींद से जागो हुआ सवेरा , पंछी भी छोड़ चले बसेरा, तारे भी टिमटिमा कर चले, सूने पथ पथिक से मिले, फूल भी लगे देखो खिलने, तितली भी आ... Read more

कब होगा मेरा नव वर्ष

कब होगा मेरा नव वर्ष, जब सब खुश रहे, सुख की बयार बहे, चहुँओर हो हर्ष, अपनो के हो दर्श, तब होगा मेरा नव वर्ष, माता पिता हो संग,... Read more

साँची हमारा गौरव

देश का गौरव, साँची हमारा, पूज्य पावन , यह बौद्ध धरा, गोल गोल बने सुंदर स्तूप, देख देख मन को भाए रूप, सदियों से यूँ ही यह है... Read more

सही खाये हम

सही खाये हम यह संदेश लेकर रैली चली, गाँव गाँव शहर शहर देती संदेश गली गली, पिज्जा बर्गर जंक फूड को तुम छोड़ , फल सब्जी दूध से अपना ... Read more

मत होना नाराज

सूरज भी छिप गया ले बादलो की ओट, छोटे छोटे नन्हे मुन्ने भी दुबक रहे पहन कोट, ठंडी ठंडी चल रही देखो यह पवन, रोम रोम है खड़ा कांप रहा... Read more

सफाई कर्मी

नित्य रवि से पहले हम जागे, सब खुश रहे यही दुआ मांगे, गली गली साफ करते, घर घर से कचरा उठाते, धरा को सुंदर बनाते, सर्दी गर्मी हम ... Read more

गूंज रही किलकारी

जग में उजाला छाया, जब घर चिराग आया, जो राहे थी कभी सूनी, अब गूंज रही किलकारी, हर आशा उससे है जुड़ी, मेरी मंजिल उस ओर मुड़ी, बहुत... Read more

शूल बिछे हर पथ

हम भूख को तरसे, आंखों के मेघ बरसे, खा ले तू मेरे भाई, मैं हूँ अब तेरी माई, यह जहां अपना घर, चले हम अब दर दर, शूल बिछे यहाँ हर ... Read more

खुशहाल सुबह

सुबह सुनहरी, कितनी प्यारी, सब उठे जाग, महक रहे बाग, हुई है हलचल, सुंदर है हर पल, फिर क्यों उदास ? हो आराम के दास, समान दिन ... Read more

कर्म करते रहो

आँगन में एक कली खिली, काँटो के संग वह है खेली, धूप ताप सहन कर निखरी, तब वह सुगन्ध रस से भरी, भोरों से रहती सदा घिरी, फिर भी रहत... Read more

बचपन स्वर्ग समान

देखो कितना प्यारा बचपन, मस्ती उमंग में सब है मगन, क्या धरा और क्या है गगन, लोभ मोह से अति दूर मन, उछल कूद करते हर क्षण, खुद ही ... Read more

ऐ मन रख खुश तू मन

बता रे मन, क्या है तेरा मन, पल में तू हँसता, पल में तू रोता, तेरी असीमित चाह, तेरी अनगिनत राह, कभी धरा पर, कभी गगन पार, नही ... Read more

दिन निकला

दिन निकला, और मैं चला, पथ दुर्गम, करता कर्म, बहाकर पसीना, गर्व से तानता सीना, मान विधाता की इच्छा, सब स्वीकार लगता अच्छा, कर... Read more

माँ जिसमे जग समाया

माँ जिसमे सारा जग समाया हुआ है, माँ के बिना संसार की कल्पना भी नही की जा सकती है । इस सृष्टि की जन्म दात्री माँ ही है । जिस प्रकार ए... Read more

त्यौहार

।।। धनतेरस ।।। देखो खुशियों का त्यौहार, सजे घर आँगन आई बहार, बाजार भी हुए देखो गुलजार, सबको मिले यह खुशियां अपार, जग देता धनत... Read more

माँ बिना जीवन नही

माँ रहती है जहाँ, स्वर्ग बन जाता वहाँ, माँ बिना जीवन नही, ममता और प्यार नही, माँ बिना नही संसार , माँ बिना नही है सार, म... Read more

मेरी प्रीत

तुम ही हो मेरी प्रीत, तुमसे जुड़ी हर रीत, हर पथ मिली प्रेरणा, तुमने बदली हर धारणा, स्नेह प्रेम का यह रिश्ता, मन में बसाए मैं च... Read more

शरद पूर्णिमा

पूर्ण हुआ है अश्विन, कार्तिक का आगमन, खिल उठा चन्द्र तारो संग, चहुँओर छाया शुभ्र रंग, देखो ऋतु शरद सुहावनी, लगती है मन को लुभाव... Read more

महेश्वर

अति प्राचीन यह पौराणिक नगरी, कितनी सुंदर है यह मनोरम प्यारी, महेश का वास है कहलाता महेश्वर, होलकर वंश का किला अति सुंदर, माँ रेव... Read more

समझो तुम दशहरा आया

जब थम जाए बारिश, मौसम हो सर्द सरस, सुनाई दे माँ की जयकार, समझो तुम आया क्वार, खिल उठे जब कांस के फूल, उड़ने लगे धरा की धूल, अन्... Read more

सब सुखी रहे, जग सुखी रहे

सब सुखी रहे, जग सुखी रहे, लोभ मोह ईर्ष्या सब दूर रहे, सबका सम्मान करूँ, छोटा हो या बड़ा, पर उपकार हेतु सदा रहूँ खड़ा, सुबह शाम करू... Read more

वह प्राचीन पेड़

"पेड़ो से बाग महकते थे, हरियाली देख नैना थकते थे, आत्मीयता का बहता था सागर, मधुर वाणी हर पीड़ा को देती थी हर" मेरे पर दादा जी ने... Read more

बचपन अब मेरा न था

जब आंख मेरी खुली , फूल बनी नन्ही कली , जग को देख रोया था, उठा वर्षों से सोया था, मुझे देख सब हंस रहे थे, गलियों में बाजे बज रह... Read more

जीतता वही जो नही रुकता है

मन के मंदिर में बसी एक सूरत, मुस्कुराती है वह बन मूरत, हर पल साथ निभाती , जग को वह हर्षाती, बदलता गया समय, कैसे करें अधर्म ... Read more

तप रही धरा

तप रही धरा, सुन ले तू जरा, नभ उगल रहा आग, जाए कहाँ हम भाग, नर तू अब तो जाग, कब तक रहे ता... Read more

यारी सबसे प्यारी

यारो की यह जोड़ी, जाए न कभी छोड़ी, खुशियों की यह कुंजी, जीवन की सच्ची पूंजी, जब मिलते हम यार, खुश होते है दिलदार, छा जाती है नई ... Read more

वह बचपन अपना था

कितना सुंदर सपना था , वह बचपन अपना था, कोई बता दे बचपन का मोल, धन लेकर दे दे वो पल अनमोल, ना चिंता थी ना था कोई गम , उछलते-कूदत... Read more

कान्हा आया कान्हा आया

कान्हा आया कान्हा आया..... विष्णु के अष्टम अवतार, आये बनकर तारन हार, अष्टमी तिथि आठवे पुत्र, उजाला हुआ जग में सर्वत्र, डगमगा ... Read more

खुश है मन

खुला गगन, खुश है मन, मस्त पवन, होकर मगन, चहुँओर हरा, देख ले जरा, प्रकृति का रूप, सुंदर स्वरूप, धरा खुशहाल, भरे सब ताल, सुं... Read more

बचपन के साथी, पेड़ हमारे

बचपन के साथी यह पेड़ हमारे, उछल कूद करते थे इनके सहारे, यह पथ दुर्गम पर जाना पहचाना, यहाँ के कंकर का क्या कहना, तेंदू सीताफल कितन... Read more

किताबे

ज्ञान का दीपक जलाती, मेरा मन रोज वो बहलाती, अंधेरे में उजाला दिखाती, मुझसे अकेले में बतयाती, सपनो में महलो की सैर कराती, इस जग ... Read more

वो बचपन कितना प्यारा था

वो बचपन कितना प्यारा था, वह जग कितना न्यारा था, चारो तरफ भाईचारा था, निराशा से कोई न हारा था, कितना गहरा याराना था, कही कोई वीर... Read more

दोष दूर करे, वही दोस्त

तुम्ही हो सुख का सागर, तुम्ही से है ज्ञान का भंडार, हर पथ का हो विश्वास, जुडी है तुमसे ही श्वास, गगन के हो तुम तारे, मेरे जीवन ... Read more

ए बादल जा तनिक ठहर

ए बादल जा तनिक ठहर, मित्र रहता मेरा दूर शहर, देना मेरी उसको यह खबर, बिन उसके सूना मेरा घर, जीवन का बीत रहा पहर, पल पल ढहा रहा क... Read more

हर पल जो साथ रहे

================ * हर पल जो साथ रहे* ================ चला गया एक वीर, देकर आंखों में नीर, यादों में बसा चेहरा, दुःख दिया ... Read more

कितने खुश ये परिंदे

देखो देखो.... कितने खुश है ये परिंदे, खुले गगन में विचरते, मिलकर सब गीत गुनगुनाते, प्रेम प्यार का संदेश सुनाते, सीखो सीखो..... ... Read more

हाट (बाजार)

भारत देश की सच्ची आत्मा गाँवो में बसती है । शहर में जिसे बाजार कहा जाता है, गाँव मे उसे हाट कहा जाता है । यह हाट प्रत्येक गांव में ... Read more

तुम पूज्यनीय हो गौ माता

सुनो एक समय की एक बात, अंधियारा था, थी गहन रात, सन्नाटा था, थी झींगुरों की आवाज, जग सोया था, पर था एक राज, बह रही थी पवन, पर चुप... Read more

पथ की साथी पथ पर चलती

कितनी हँसमुख कितनी प्यारी, लगती हो जैसे उतरी नभ परी, भाग्य से मिलती ऐसी गुड़िया, हर रिश्ते को निभाती बढ़िया, सबको लेकर तुम साथ चलत... Read more

राह देखती तुम्हारी मात

=============== राह देखती तुम्हारी मात =============== कैसे जाए छोड़ चिड़िया, अपना घोंसला अपने बच्चे, अब दिन रही रहे अच्छे, ... Read more

यह बचपन कितना प्यारा

======================. 💐यह बचपन कितना प्यारा 💐💐 ====================== यह बचपन कितना प्यारा, ... Read more

गेटकीपर

मोहन, जिसका मतलब मोहने वाला होता है, किंतु आज जिस मोहन की बात कर रहे है, उसके संदर्भ में मोहन का अर्थ "मोह न " आशय यह है कि उसने मोह... Read more

बंद घरों में सिमट गए सारे

देखा नही खुला गगन, बंद हो रहे है आँगन, बना ली ऊँची ऊँची इमारतें, भूल गए करना हम इबादते, दम घुटती यह सांस, कम हो रहा है विश्वा... Read more

गुलाब जामुन

गुलाब जामुन का नाम सुनते ही सभी के मुँह में पानी आ जाता है, फिर उसकी तो उम्र ही अभी कुछ 14 -15 वर्ष की रही होगी , वो कितनी ही बार अप... Read more