Guru Virk

Haryana

Joined November 2018

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जिद़

जिद़ है कुछ कर दिखाने की, आसमान में सूरज सा चमकने की, राह भी है, चाह भी है, कमी है बस थोड़ी हिम्मत जुटाने की, मंजिल दिख रही है, ... Read more

औकात ना भूल जाऊं कहीं

औकात ना भूल जाऊं कहीं, हर रोज आइने से नजरें मिला लेता हूं। दिल पत्थर ना हो जाए कहीं, कुछ लम्हों को याद कर रो लेता हूं। व्यस्तता ... Read more

उम्मीद की किरण

हर दिन एक नई उम्मीद की किरण है, हर रात के अंधेरे के बाद एक नया सवेरा है। हर कदम एक नई चुनौती है, जो संभल गया उसके जीवन में खुशह... Read more

जिंदगी एक इंद्रधनुष

जिंदगी एक इंद्रधनुष है कदम कदम पर हर रंग दिखाती है कभी दुःख तो कभी सुख हर पल में आजमा लेती है मुश्किल है या आसान रास्ते ह... Read more

नई किरण - नई चाह

आज फिर नई चाह लिए घर से मैं निकला रहा हूँ, सोच ऊँची और नजर नीची कर चल रहां हूँ। सूरज की इसी उगती नई किरण से आशाएं कई रखता हूँ, रा... Read more

रिश्तों की अहमियत

जिंदगी की इसी कसौटी में, हर रोज की भागदौड़ है, सबसे आगे निकलने की होड़ में, भूल गया है इंसान, रिश्तों की अहमियत क्या हैं, खुद को ... Read more

मेरा अकेलापन

आज एक नए किरदार से पहचान हुई, मैंने पूछा तो पता चला वो था मेरा अकेलापन, सबकुछ तो मेरे पास, फिर क्यूं है ये अकेलापन, इच्छाएं बढ़... Read more

एक नशा

नशा चाहे किसी का भी है, अंत में सबक जरूर दे जाता है। किसी को अपने बनाने का नशा, किसी को निचा दिखाने का नशा, सिर्फ एक साफ आइना ... Read more

सपनों की दुनिया

एक नयी दुनिया मैंने भी बसाई है जहां हार भी मेरी और जीत भी मेरी है जहां गलती भी मैं खुद करता हूँ जहां सज़ा भी खुद देता हूँ जहा... Read more

ज़ीने की तमन्ना

ज़िंदा तो है, फिर भी जीने की तमन्ना है हर रिश्ता पास है, फिर भी दिल रिश्तों की तलाश में भटकता है, हर ख़ुशी पास है फिर भी हर र... Read more

आहट

एक हलकी सी आहट किसी की बदल देती है ज़िंगदी अगर न बदली तो उस आहट का फायदा क्या हुआ जब इंसान ही इंसान का न हुआ जब अपनों की दुआओं ... Read more

काबलियत

पहचान तुं खुद को, तेरी औकात है क्या, दिखा तुं जमाने को तेरी काबिलयत है क्या, जान ले तु कमी तुझमें है क्या, दूर उसे करना है कैसे... Read more

जीवन

न जाने किस कश्मकश मे जिए जा रहा हूँ, मिट्टी के इस बोझ को ढोए जा रहा हूँ। जिंदगी की इस भाग-दौड़ में जीने की नकल किए जा रहा हूँ, न ज... Read more

बचपन

न जाने कहां चले गए वो दिन जब न उठने का न सोने का समय था, यूं हीं खेलते खेलते सो जाते थे, कभी मां की गोद में तो कभी मिट्टी की सेज ... Read more

छोटी-छोटी खुशियां

छोटी-छोटी खुशियों की चाह लिए बैठा हूँ, खुशियों की किमत नहीं होती ये सुनता आ रहा हूँ, पर फिर भी उन्हीं की किमत चुकाने के लिए कमाता ... Read more

माँ - जीवन का आधार

एक महान मूरत है माँ, भगवान का जीवंत रूप है माँ, निराधार है ये मेरा जीवन अपने हाथों से तिनका तिनका पिरो कर आधार बनाती है माँ ... Read more

मुस्कुराती ज़िंदगी

बहुत प्यारी है ये ज़िंदगी, तू थोड़ा संभाल कर तो रख, मतलबी बहुत है ये दुनिया, अपनी खवाहिश बस खुद तक ही रख कोई नहीं है तेरा और कसी क... Read more