Sona Bharti

हाजीपुर

Joined June 2017

मै वैशाली से हु ! माध्यम वर्गीये परिवार में पली बढ़ी हु ! शुक्रगुजार हु उस ईश्वर का कि एक ऐसे परिवार में पली बढ़ी जहाँ मुझे बहुतही स्नेह और प्रेम मिला ! मुझे जीवन से हमेशा यही चाह रही है जिसकी तृप्ति ने मन को शांति की प्रवाह दी !
हिंदी से M. A. की और सादी उपरांत गृहनी ही हु अभी !
बचपन से ही हिंदी ने आकर्षित किया है मुझे ! विधालय जीवन से ही कविता पाठ करने की शौकीन रही हु ! स्वभाव से काफ़ी भावुक होने की वजह से सामाजिक और लौकिक चिंतन ने कविता करने को प्रेरित किया ! बिहार के कई मंच पर कविता पाठ करती आई हु ! सरकारी प्रोजेक्ट में भी काम किया है ! समाज सेवा में हमेसा से दिलचस्पि रही है !

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तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ

वही मुस्कान वही प्यार उसी बेचैनियों के नजारे उसी सरक से गुजरकर उसी घाट के किनारे कही दूर झीलसि तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ ... Read more