Copy link to share

माँ,तुम कहाँ हो

जाड़ों की अलस्सुबह में आँगन में उतरती धूप में माँ तुम हो गर्मियों की चुभन में चलती ठंडी पुरवाई में माँ तुम हो बरखा की पहली बूंदों... Read more