स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और ब्लॉगर
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ट्रैफिक सिग्नलों पर बच्चे

महानगर की चौड़ी चिकनी सड़़कों पर दौड़ती हैं दिन-रात अनगिनत गाड़ियां सुस्ताती हैं थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक सिग्नलों पर जलती हैं जब ... Read more

निष्ठुर तम हम दूर भगाएँ

मानव-मानव का भेद मिटाएँ दिल से दिल के दीप जलाएँ आँसू की यह लड़ियाँ टूटे खुशियों की फुलझड़ियाँ छूटे शोषण, पीड़ा, शोक भुलाएँ... Read more

जगमग हो परिवेश

चकाचौंध में खो गयी, घनी अमावस रात। दीप तले छुप कर करे, अँधियारा आघात।। दीपों का त्यौहार यह, लाए शुभ सन्देश। कटे तिमिर का जाल अब... Read more

मिटे भेद विकराल

सज धज कर तैयार है, धनतेरस बाजार। महँगाई को भूल कर, उमड़े खरीददार।। सुख, समृद्धि, सेहत मिले, बढ़े खूब व्यापार। घर, आँगन रौशन रहे, ... Read more

माटी का दीपक बने, दीप पर्व की शान

चाक घुमा कर हाथ से, गढ़े रूप आकार। समय चक्र ऐसा घुमा, हुआ बहुत लाचार।। चीनी झालर से हुआ, चौपट कारोबार। मिट्टी के दीये लिए, बैठा ... Read more

नेह लुटाती चाँदनी

शीतल, उज्जवल रश्मियाँ, बरसे अमृत धार। नेह लुटाती चाँदनी, कर सोलह श्रृंगार।। शरद पूर्णिमा रात में, खिले कुमुदनी फूल। रास रचाए मो... Read more

विजय पर्व पर कीजिए, पापों का संहार

जगत जननी जगदम्बिका, सर्वशक्ति स्वरूप। दयामयी दुःखनाशिनी, नव दुर्गा नौ रूप।। शक्ति पर्व नवरात्र में, शुभता का संचार। भक्तिपूर्ण... Read more

अहसास न होते तो, सोचा है कि क्या होता

अहसास न होते तो, सोचा है कि क्या होता ये अश्क़ नहीं होते, कुछ भी न मज़ा होता तक़रार भला क्यूँकर, सब लोग यहाँ अपने साजिश में जो ... Read more

हिंदी अपनी शान हो

आज़ादी बेशक़ मिली, मन से रहे गुलाम। राष्ट्रभाषा पिछड़ गयी, मिला न उचित मुक़ाम।। सरकारें चलती रहीं, मैकाले की चाल। हिंदी अपने देश मे... Read more

मायावी जाल

हजारों मृगतृष्णा का जाल बिछा है हमारे आसपास न चाहते हुए हम फंस जाते हैं इस मायावी जाल में ... Read more

ऐ वतन तेरे लिए यह जान भी क़ुरबान है

दिल में हिंदुस्तान है, सांसों में हिंदुस्तान है ऐ वतन तेरे लिए यह जान भी क़ुरबान है नाज़ हमको है बहुत गंगो जमन तहज़ीब पर अम्न का प... Read more

क्या जश्ने आज़ादी

तड़प रही आबादी क्या जश्ने आज़ादी जन-गण में लाचारी भूख और बेकारी हर आँखें फरियादी क्या जश्ने आज़ादी दर्द और तक़लीफ़ें ट... Read more

क्या बतायें तमाशा हुआ क्या

क्या बतायें तमाशा हुआ क्या देखिये और होता है क्या-क्या क्या अना, क्या वफ़ा, है हया क्या इस अहद में भला क्या, बुरा क्या बेनिशा... Read more

कोई जादू लगे है ख़यालात भी

खूब होती शरारत मेरे साथ भी सब्र को अब मिले कोई सौगात भी रंजिशे और नफरत भुला कर सभी हो कभी दिल से दिल की मुलाक़ात भी है बला की... Read more

खानाबदोशी का रंग

दिन रात है भागदौड़ व्यर्थ में मची है होड़ यथार्थ और भ्रम का यह कैसा निरर्थक नृत्य न खुशी है, न उमंग। न हैं पवित्र मान्यताएँ ... Read more

ज़िन्दगी दुश्वार लेकिन प्यार कर

मुश्किलों को हौसलों से पार कर ज़िन्दगी दुश्वार लेकिन प्यार कर सामने होती मसाइल इक नयी बैठ मत जा गर्दिशों से हार कर बात दिल मे... Read more

उमड़ घुमड़ घन बदरा आये

उमड़ घुमड़ घन बदरा आये। नयनों में बन कजरा छाये।। खेतों में, खलिहानों में धरती की मुस्कानों में मन की गांठें खोल-खोल कर प्रेम ... Read more