लिखना,पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है,
खुद से खुद का ही बतियाना अच्छा लगता है,
राग,द्वेष न घृृणा,कपट हो मानव के मन में ,
दिल में ऐसे ख्वाब सजाना अच्छा लगता है

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माँ

१२२ १२२ १२२ १२ गीतिका-माँ मिली माँ जमीं को सितारा मिला। हमें इस जहाँ में सहारा मिला। मिली हो कि जैसे दुआ अनकही, बिना कुछ कहे ... Read more

लघुकथा-दर्पण

🙈दर्पण🙈 दर्पण गर्व से मस्तक ऊंचा किये खड़ा था। आखिर गर्वित हो भी क्यों न? सदियों से राजा हरिश्चंद्र के बाद सच से जिसका नाम जुड़... Read more

बराबरी

बराबरी "ये कंडक्टर की सीट है बहन जी,यहाँ मत बैठिए।" "अरे भाई जरा तुम खड़े हो जाओ और बहन जी को बैठने दो।" ड्राइवर ने सामने सीट प... Read more

सुन ले करुण पुकार

सुन लो करुण पुकार कल कल बहती,जीवन देती थी हुई आज बीमार,सुन लो करुण पुकार, मात की सुन लो... तट पर बिखरा,हतिहास का गौरव तार त... Read more

दशहरा

⛳⛳????⛳⛳ रावण चाहे बाहर हो,या बैठा हो मन के अन्दर। ढूँढ़ कर मारें उसको,हे राम!तेरे तरकश के शर। श्री राम के जैसा होना,बस की हमार... Read more

आओ भगत फिर आओ तुम

गीत-आओ भगत फिर आओ तुम ???????????? आओ भगत फिर आओ तुम सोते है युवा जगाओ तुम अंग्रेजी ज्यों शासन डोला बारूदी फिर फैंको गोला अलसा... Read more

आजकल की बहुएँ

लघुकथा-आजकल की बहुएँ "मम्मी जी,चाय बना दूँ क्या आपके लिए?" ड्यूटी से अभी अभी लौटी सुधा ने हाथ मुँह धोकर किचन का रुख किया।आज ऑफिस ... Read more

रावण नहीं मरेगा शायद

?रावण नहीं मरेगा शायद?? "नाभि में अमृत भरा था, ज्ञानी भी वह बहुत बड़ा था अमृत की कुछ महिमा होगी युक्ति कोई सोची गयी होगी कई युग... Read more

शिक्षा के सरोकार

शिक्षा के सरोकार "सा विद्या या विमुक्तये" हमारे प्राचीन मनीषियों ने विद्या को मुक्तिकारक बताया है।अर्थात,विद्या वह है जो हमें अज्... Read more

एक विशाल बरगद के साये

एक विशाल बरगद के साये। जब दो पग नन्हें से आये।। विस्मित होकर देख रहे थे। चंचल मन-नैना अकुलाये।। सम्मुख वह वट वृक्ष तना था। कौतु... Read more

उपहार

??उपहार?? "मेरे ब'र्डे पर मुझे इस बार साइकिल ही गिफ्ट में चाहिए,दादी" "अरे क्यों नहीं।कौन मना करेगा मेरे बाबू के गिफ्ट के लिए?सुन ल... Read more

प्रार्थना

???प्रार्थना??? मैं करूँ ये प्रार्थना माँ,राह मेरी से मिला दो इस धरा के कण्टकों में,फूल सा रहना सिखा दो मैं करूँ ये प्रार्थना.... Read more

हम सब को मिलकर

????हम सब को मिलकर???? हम सब को मिलकर,नया भारत बनाना है सो रहा जो मानव हम में,उसे जगाना है हमजोली,हमराही है हम,चलना है हमें साथ ... Read more

वफा के इतने सवाल मत कर

"जमाने भर का ख्याल मत कर। वफ़ा के इतने सवाल मत कर। नहीं मिलेगा कोई सहारा, तू रो के दिल को बेहाल मत कर। कद्र उन्हें रोशनी की नहीं... Read more

दिव्य तुम अवतार हो

?दिव्य तुम अवतार हो ? श्वेताम्बरा माँ,करे वीणा,ज्ञान का आधार हो ! मरालवाहिनी अम्ब मेरी,दिव्य तुम अवतार हो ! कोना-कोना वसुन्धर... Read more

भारत छोड़ो

????भारत छोड़ो???? आज उठी है हूक कि कह दूँ भारत छोड़ो। जितने भी हैं ऐब हिन्द से अब मुँह मोड़ो। मतलब ने अपनेपन का दिया घोंट गला ... Read more

आँख का पानी ढला

?आँख का पानी ढला? गयी है सूख भावनाओं की नहर हो गया है रेतीला-सा हर पहर आँख का पानी ढला,पर गया किधर आदमी यहाँ कोई जिन्दा नहीं... Read more

ग़ज़ल

काफ़िया-आते रदी़फ-रहे वज़्न-212 212 212 212 ? ग़ज़ल ? वक्त के हाथ हम बेचे जाते रहे। इस तरह साँस अपनी चलाते रहे। रोज होत... Read more

ग़ज़ल

काफ़िया-आते रदी़फ-रहे वज़्न-212 212 212 212 ? ग़ज़ल ? वक्त के हाथ हम बेचे जाते रहे। इस तरह साँस अपनी चलाते रहे। रोज होत... Read more

आओ सिपाही हिन्दी के

आओ सिपाही हिन्दी के, हिन्दी के लिए बलिदान करें। हिन्दी है भाल तिलक जैसी, हिन्दी का वही सम्मान करें। निज भाषा के लिए अगर, तुमने ... Read more

मौन

मौन-समस्या या समाधान "अरे!अब कुछ बोलोगी भी या नहीं|तुम्हारी यह चुप्पी मेरे तन बदन में आग लगा देती है|"रमेश चिल्लाये जा रहा था,पर ... Read more

पाप नाशिनी अविरल गंगा

?पाप नाशिनी अविरल गंगा? सब पर बरसे मेरी ममता, उदारमना हर प्राणी कहता माँ कहकर सब मुझे पुकारें पापनाशिनी अविरल सरिता पर मैं रो... Read more

तम्बाकू दुश्मन है

कुण्डलिया छन्द (विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर) तम्बाकू मुँह डाल के,कलुवा रहा चबाय पैकिट में चेतावनी,माथा रही खुजाय माथा रही खुजा... Read more

रब की इनायत

?रब की इनायत? गम भरी दुनिया में,कितने लोग ऐसे हैं दर्द दिल का गीत में गाकर जो कहते हैं मजबूर है कई,न कह पाते हैं दिल का हाल हम क... Read more

तुम सजना परदेश

तुम सजना परदेश कहो मन कैसे मनाये शाख कोयलिया कूक रही है मन्द पवन फिर मूक बही है लता बदन किस ओट लगाये तुम सजना परदेश कहो मन क... Read more

तलाश गगन की

?तलाश गगन की? छटपटाता पंछी तलाश गगन की है बँधा पड़ा पिंजरे में, पंख अविकसित हैं उनींदी आखों में, स्वप्न भी कुंठित हैं "खुल ज... Read more

(शहर के ऐवरेस्ट के लिए भावांजलि)

(शहर के ऐवरेस्ट के लिए भावांजलि)???????? एक छोटा शहर बड़ा हो गया था, कदम नन्हा उन्नत खड़ा हो गया था, खबर जीत की,खुशी की लहर थी द... Read more

मन मथुरा तन वृन्दावन

?मन मथुरा,तन वृन्दावन? मन मथुरा बना ले कान्हा को फिर बुला ले मोह बंधन की बेड़ी रे झट कट जायेगी| गले गोकुल सजा ले कान्हा को फ... Read more

दिलों में दिया फिर जलाना पड़ेगा

अंधेेरा सफर का हटाना पड़ेगा| दिलों में दिया फिर जलाना पड़ेगा| कदम कामयाबी का पहला रखा है, अभी दूर तक हमको जाना पड़ेगा| न चीखो गल... Read more

कान्हा जहाँ रहे

(१)- मथुरा,गोकुल,वृन्दावन,बरसाना,द्वारिका लीला मंच बने मेरे श्यामल गिरिधारी का तीरथ हुई वह पावन भूमि कान्हा जहाँ रहे प्रभु कृपा ... Read more

तुम अद्भुत हो

मेर प्रियवर, तुम वाकई अद्भुत हो, तुम्हारी त्वचा से तुम्हारी उम्र का पता ही नहीं चलता जैसे सुकुमार कोई अध्ययनशील छात्र पर मैं,जो ... Read more

मुक्तक

"एक मुक्तक" फूलों संग "काँटों " का होना बहुत जरूरी है| सुख संग दुख से जीवन की परिभाषा पूरी है| युगों युगों से चक्र तभी ये चलता ... Read more

हो सके तो जरा मुस्कुरा दीजिए

212 212 212 212 आप इतना करम बस अता कीजिए हो सके तो जरा मुस्कुरा दीजिए| आप महताब हैं जाने दिल ये मिरा एक पल को झलक बस दिखा दीजिए ... Read more

कुछ दोहे

???कुछ दोहे??? एक जैसे भावों की,नकल टीपतेे लोग| फेसबुकी कविता हुई,ज्यों संक्रामक रोग||1|| निराला औ' दिनकर सी,ढूँढ़ कलम मत आज|... Read more

परिचय

???परिचय??? मात-पिता की प्यारी बेटी, सोहणी,राजदुलारी बेटी, सहोदरों की प्यारी बहना, पीहर का परिचय क्या कहना| सुघढ़,सयानी,बन ... Read more

दिव्य तुम अवतार हो

?दिव्य तुम अवतार हो ? श्वेताम्बरा माँ,करे वीणा ! ज्ञान का आधार हो ! मरालवाहिनी अम्ब मेरी ,दिव्य तुम अवतार हो ! कोना - कोना वस... Read more

मौन

मौन मौन तुम्हारे स्वर कितने हैं,देखा आज भुजा,चरण,मुख,सर कितने हैं,देखा आज कवि कलम ने तुम को आज उकेरा है, फूलों संग पत्थर कितने ह... Read more

परिवर्तन चरम पर है

?परिवर्तन चरम पर है? परिवर्तन चरम पर है जीवन सरल,जटिल हो गया है सदय हृदय,कुटिल हो गया है गाँव थे,शहर बन रहे हैं शहर ये जहर भर... Read more

भली करें श्री राम

(✍हेमा तिवारी भट्ट✍) ?भली करें श्री राम? 'रा' है द्योतक अग्नि का, 'म' शीतल वारि धाम| संतुलन अगर चाहिए, जपिए निशदिन राम||1|| ... Read more

कुछ दोहे से

?कुछ दोहे से? एक जैसे भावों की, नकल टीपतेे लोग| फेसबुकी कविता हुई, ज्यों संक्रामक रोग||1|| निराला औ' दिनकर सी, ढूँढ़ कलम म... Read more

एक पौधा बेटी के नाम

एक पौधा बेटी के नाम पौधे और बेटियों की,हुई है हालत एक दोनों पर ही आयीं आज,विपदाएँ अनेक लालच और स्वार्थ से,हुआ निष्ठुर इंसान क... Read more

नव संवत्सर

?नव संवत्सर? श्रृंगार सलोना धरा धरा ने क्या विस्मय है| ऋतु नव अभिनव शस्य पात नव नव किसलय है| चंचलता में लिपटा यह मन करे ... Read more

स्वपन के आस पास

रोशनी को दीप जले तिमिर को न आया रास बैठा न जाने कहाँ आनन छुपा के आज सुन्दर कंदीलों सी सजने लगी मन में आस देदीप्य आशाओ... Read more

गौरैया

??गौरैया?? खो गयी है गली गाँव की सड़क शहर की हो गयी है चीं चीं का मधुगान नहीं अब पों पों पों पों हो गयी है अब कहाँ है ... Read more

"सही हूँ मैं"

??"सही हूँ मैं"?? "8मार्च,महिला दिवस,महिला सशक्तिकरण,महिला जागरूकता,महिला आरक्षण,आज की महिला,हर क्षेत्र में आगे बढ़ती महिला......... Read more

अभिव्यक्ति

?एक अभिव्यक्ति मेरी भी? "अभिव्यक्त करना"कितना आसान है आजकल|अभिव्यक्ति का आधुनिक त्वरित मंच सोशल मीडिया आखिर आपकी हथेली में ही तो ... Read more

हम भी देश बदलते हैं

कल गली में कुछ बच्चे, 'गधे का धोबी' खेल रहे थे गठरी थी धोबी के सिर पर गधे उसको पेल रहे थे हँस कर हमने समझाया "बच्चों! ये क्या क... Read more

बस यूँ ही

देखो सत्तर साल में, लोकतंत्र यूँ सधा, गदहागिरी के खेल में, रहा विजेता गधा मेरे भारत देश में, कैसे दिन अब आये इंसानों की बात ... Read more

खामोशी की चीख

खामोशी की चीख में,सुन्न हुआ अब शोर लगा रहे सब आंकलन,किसका होगा जोर किसका होगा जोर,रहे भरमायी जनता जनसेवक जो आज,वही कुर्सी पर तन... Read more

मत बन हरीफ,दोस्त!

मत बन हरीफ,दोस्त वास्ता ये हमारा है मौजों ने एक होके,साहिल को सँवारा है मीलों हमें चलना समन्दर तलक अभी नाजुक कदमों को बस रब का सह... Read more