कहा नहीं करते

अश्क यूँ ही बहा नहीं करते। राज दिल में पला नहीं करते।। बात कुछ और है जरा कह दो रोज़ खुद की सुना नहीं करते।। अनकही पर यक़ीन मत ... Read more

जन गण की………

जन गण की बरबादी छोड़ो। तन से कुर्ता खादी छोड़ो।। सत्ता है जागीर नहीं ये क़ैद हुई आज़ादी छोड़ो।। भूखे नंगे की भी सुधि ले छोड़ो ढ... Read more

जीवन का अहसास

भूख लिखूँ या प्यास लिखूँ। जीवन का अहसास लिखूँ।। अब अपने ही छलते हैं बस सपने ही पलते हैं मन के सूने आँगन में दीप वफा के जलते हैं... Read more