कविता क्या होती है, नहीं जानता हूँ । कुछ लिखने की चेष्टा करता हूँ तो फँसता ही चला जाता हूँ । फिर सोचता हूँ – “शायद यही कविता हो जो मुझे रास न आ रही हो” . कुछ सामान्य होने का प्रयास करता हूँ, परन्तु हारे हुए जुआरी की तरह पुनः इस चक्रव्यूह में फँसने का जी करता है ।

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हे बापू ! यह क्या कर गए तुम ?

हे बापू ! यह क्या कर गए तुम ? ******************************* हे बापू ! यह क्या कर गए तुम ? बुरा बोलने वाले को- जरूरत ही क्यों... Read more

फिर नादानी रोज

विधा- गीतिका, आधार छंद -दोहा (24 मात्रा ,13-11 पर यति, अन्त में 21 अनिवार्य ), समान्त- आनी, पदान्त- रोज . ************************... Read more

"भंडारा"

"भंडारा"......एक लघु कथा *********************************************************************************************************... Read more

वक्त मिले तो आना फिर....

*************************************** वक्त मिले तो आना फिर.... *************************************** * वक्त मिले तो आना फिर,... Read more

बड़ा हाथ (लघु कथा)

बड़ा हाथ ******* .….आइये बाबू जी आइये। ये लीजिये सवा पांच रुपये का प्रसाद पैक करके रखा है आपके लिए। आपको दूर से ही देख लिया था... Read more

मेरी जेब में..... (लघु कथा)

मेरी जेब में..... ********************************************* बचपन में शम्भू चाचा का बेटा दीपू , मेरा अजीज दोस्त था । एक दिन मै... Read more

अधजले दीये की लौ से.…

अधजले दीये की लौ से.… ********************* अधजले दीये की लौ से, जल उठा पवन, और आया..एक झौंका बन । रच दिया चक्रव्यूह, कहने लग... Read more

दूध के दाँत

दूध के दाँत ************* -डाक्टर साहब ! मुझे ये वाला दाँत निकलवाना है ! -इसे निकलवाने की क्या जरूरत है बेटा ! कच्चा दांत है !... Read more

चूहा, हाथी और दुल्हन (बाल-कविता)

चूहा, हाथी और दुल्हन (बाल-कविता) ****************************** एक रोज चूहे राजा के दिल नें बात समाई, अब तो मैं भी जवां हो गया कर... Read more

तुम.... तब और अब (हास्य-कविता)

तुम.... तब और अब **************************************** तब तुम अल्हड़ शोख कली थी, अब पूरी फुलवारी हो, तब तुम पलकों पर रहती थ... Read more

"भण्डारा"

भण्डारा (लघु कथा) ***************************************************************************** सामने वाले मन्दिर के भगवान साक्ष... Read more

जवाब आ गया माँ !

जवाब आ गया माँ ! **************************************************************************** क्यों कोई जवाब नहीं आ रहा बेटी ? पूर... Read more

शब्दों को बतियाते देखा....

(गीतिका) ****************************** * शब्दों को बतियाते देखा, सारा जग हथियाते देखा । * स्नेह सुरों की बलि दे डाली, कर्कश ... Read more

गाओ यार गीत वर्षा के !!!

गाओ यार गीत वर्षा के !!! ************************* हरा-भरा है कोना-कोना, छोडो अब सूखे का रोना, हरियाली की गोद में जाके, गाओ य... Read more

"नाक"

**************************** "नाक" **************************** दर्ज़ा होंठों के ऊपर का, अगल-बगल रहती दो आँख , खडी बीच मे बडी ... Read more

सरस्वती-वन्दना (गीत)

सरस्वती-वन्दना ******************** हृदयांगन में चरण कमल रख कर उपकृत कर दे ! वीणावादिनि ! साधकजन को सृजन मनोहर दे ! धुन–लय-त... Read more

यही किस्सा हमारा उम्र भर का...

यही किस्सा हमारा उम्र भर का .... ******************************* * रहे हिस्सा कराते इस जिगर का, यही किस्सा हमारा उम्र भर का ।... Read more

गुम्मा है साहब !

"गुम्मा है साहब ! " ***************************************************************************** - इन्हें पहचानती हो ? -वकील ने ... Read more

हे प्रिये ! अपना कान लाओ तो जरा...

हे प्रिये, ये मेरे हस्ताक्षर की हुईं कुछ खाली चेकें हैं, मेरे बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट के साथ, इन्हें तुम इस्तेमाल कर लेना, जब-ज... Read more

कन्टाप !

कन्टाप ! ********* -अंकल जी नमस्ते ! -क्या बात है पप्पू ! बड़े बुझे-बुझे से लग रहे हो ! -कुछ नहीं अंकल जी ! कल रात मैं घर से भाग... Read more

जुगनुओं के खेत में

जुगनुओं के खेत में (मुक्तक) **************************************** साँझ होते देख हलचल उस चमकती रेत में, कुछ लगा हमको अलग सा उस ... Read more

ये मिलन की धुन बजाता कौन है ? (गीतिका)

* ये मिलन की धुन बजाता कौन है ? आस फिर दिल में जगाता कौन है ? * क्यों अचानक बढ़ गयीं हैं धड़कने, तार उर के झनझनाता कौन है ? * ... Read more

छोटी सी भूल

************************************ छोटी सी भूल ************************************ मैं इक झौंका मस्त पवन का, तू फूलों की शह... Read more

मैं तो सबसे छोटा ठहरा !

********************* मैं तो सबसे छोटा ठहरा ! ********************* * सबको खूब खसोटा ठहरा, सेठ तभी तो मोटा ठहरा । * रहा रवै... Read more

जी करता है.....

फैला कर बाहें, बिखरे हुए जज्बात को समेट लूं, जी करता है, तुम्हें अंग-अंग में लपेट लूं. बदल दूं फाल्गुनी राग, नई मल्हार जगा ... Read more