Monika Sharma

Amritsar

Joined April 2020

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सामने आए सोनू सूद

जब सब ने ली आंखे मूंद सामने आए सोनू सूद मजदूरों को घर पहुंचाया हिंदुस्तानी होने का फरज निभाया दिखाया इंसानियत का वजूद सामन... Read more

प्यार के बिना जिंदगी अधूरी होती है

माना जिंदगी में हर चीज़ जरूरी होती है पर प्यार के बिना जिंदगी अधूरी होती है। ये भी सच है कहां किसी की हर ख्वाहिश पूरी होती है। ... Read more

तुम मिल ग ऐ

मौत का इंतजार था पर तुम मिल ग ए दिल के मुरझाए फूल फिर खिल ग ए तुम तक पहुंचते- पहुंचते मेरे कदम छिल गए खबर ना हुई कब दिल से दिल... Read more

आप हो तो

आप हो तो इंतजार है आप हो तो बहार है आप हो तो इस दिल को करार है आप हो तो हर दिन त्योहार है आप हो तो यह संसार है आप हो तो कविता म... Read more

तुम्हारे सीने में मुंह छुपा लूं

जी करता है तुम्हारे सीने में मुंह छुपा लूं दुनिया से नजरें चुरा लूं और फिर मैं कुछ ना बोलूं बस ये आंखें फि... Read more

मजदूरों की किसी ने नहीं सुनीं

सारे कवियों ने कविताएं बुनी पर मजदूरों की किसी ने नहीं सुनीं यें राहतें ये पैकेज किस काम आएगें मुझे नहीं लगता ये पैसै मजदूरों क... Read more

तुम आओगे तो कैसा होगा

कभी कभी मैं सोचती हूं तुम आओगे तो कैसा होगा जैसा मैं सोचती हूं क्या बिल्कुल वैसा होगा आओगे तो क्या शरमाऊंगी मैं या थोड़ा घबरा... Read more

थक गई हूं मैं

थक गई हूं मैं हर रिशते को सफाईयां देते देते सम्मान और प्रेम की दुहाईयां देते- देते थक गई हूं मैं सब के ताने सुनते -सुनते उधड़... Read more

ये कविता कौन लिखता है।

एक बात पूछूं ये कविता कौन लिखता है अरे यार ,जो इशक के हाथों बेदाम बिकता है क्या कविता वही लिखता है जो ना किसी को बता सकें जो... Read more

शराब को आदाब

जिधर देखो शराब शराब शराब शराब खरीदने और बेचने वालो दोनो को मेरा आदाब 40 दिन की मेहनत मिट्टी में मिल ग ई क्या शराब बेचे बिना सरक... Read more

तुम आ जाओ तो क्या कहना

बारिश के इस मौसम में तुम आ जाओ तो क्या कहना ठंड़ी ठंडीं पवन में तुम्हारी बाहों में मुझ को बहना हर कविता में तुम्हें बुलाऊं प्रे... Read more

आगे आओ इन्हें संभालो

ये जो मेरे मजदूर भाई-बहन सड़कों पर भटक रहे है सब की आंखो में बड़ा ही खटक रहे है उन को क्या बता रहे हो बलिदान कैसा होता है धूप म... Read more

सांपरदायिक रंग

इस समय देश में जीने का ये कौन सा ढ़ंग है कुछ लिखो तो कहते है कि आप की लेखनी में सांपरदायिक रंग है पालघर वाली घटना पर सारा देश... Read more

हसरत

अब तो एक ही हसरत है कि आप की बाहों में सोना है प्यार थोड़ा कम करना है और जी भर के रोना है कोई इलतजां नहीं किसी से महोब्बत की ... Read more

नारी पर क ई लेख लिखे जाते है।

क ई कविताएं क ई लेख अबला नारी के लिए लिखे जाते है पढ़ते पढ़ते तो वो मन को बहुत भाते है क्या कभी किसी तरक पर पहुंचे हम क्या कि... Read more

बहुत से गम है इस ज़माने में

बहुत से गम है इस ज़माने में बताओ क्या क्या लिखूं मैं इस फसाने में चाहतों का सिलसिला तुम से ही शुरू हुआ ना चाहो तुम मुझे पर, बड़... Read more

कोई और

कविता में कोई और है लेकिन ज़ीवन में कोई और ए मेरे हृदय रूक ज़ा थोड़ा ज़ाता है किस ओर परणाम और सम्मान के बीच ये प्रेम कहां ... Read more

ज़ब भी कभी मैं कविता के लिए मंच पर ज़ाऊंगी

जब भी कभी मैं कविता के लिए मंच पर ज़ाऊंगी तो सामने एक कुर्सी मैं आप की भी रखवाऊंगी अगर आप आओगे तो मैं धन्य हो जाऊंगी फिर मैं ... Read more

एहसान

यूं बात कर के तुम मुझ पर एहसान क्यों करते हो जमाने का सोच के अपने आप को परेशान क्यो करते हो तुम्हे तो पता है मुझे किस कदर इश्क... Read more

चांद में दिखते हो तुम

इश्क भी क्या चीज़ है चांद में दिखते हो तुम जान दे ले लेती मैं किसी और को ना देती मैं अगर कहीं बिकते हो तुम चांद में दिखते हो ... Read more

क्या लिखूं

क्या लिखूं मैं क्या लिखूं अपने हिन्दुस्तान का देश पे करज़ा बडा है अपने हर ज़वान का पुलिस करमी चिकित्सक डटे है मैदान में कौन ... Read more

आलिंगन

आलिंगन और चुबंन की बौछार करू मैं तुम ज़ो आ ज़ाओ तो उस दिन को त्योहार करूं मैं दिल की गहराई तुम क्या ज़ानो तुम तो बस सौनदरय क... Read more

आत्मसात्

पिरयवर मेरे बात करो दृषिट से आघात करो मै तो तुम्हारी हो गई पिरयतम मुझ को आत्मसात् करो अपनी भुज़ाओं में अलकृंत कर लो हृदय में ... Read more

तुम

लिखते लिखते रह ज़ाऊंगी मै तुम को ना लिख पाऊंगी कौन हो तुम और कहां मिले मैं सब को क्या बतलाऊंगी नारी हूं संकोच है मुझ को रिश... Read more