नौकर

मालिक ने लिखाई का कार्य करने के बाद दवात जल्दी में फर्श पर ही छोड़ दी थी। नौकर रामू किसी काम से अंदर आया तो जल्दी में उसके पैर की ठोक... Read more

भ्रम

ताँका भ्रम 1. कस्तूरी ढूँढ़े जंगल बियाबान मृग का भ्रम नहीं टटोले नाभि व्यर्थ हो जाये श्रम 2... Read more

जीवन का अंतिम पड़ाव

जीवन के अंतिम पड़ाव पर बैठी स्त्री स्मरण करती है बार बार बचपन से बुढ़ापे तक का सफर संन्यास आश्रम की इस पगडंडी पर अनायास ही ... Read more