Copy link to share

यह कौन आया

यह कौन आया छेड़ दिए दिल के तार दिल से निकली आहट वर्षों से तलाश थी जिसकी दिल में सिमटी यादें ताजा होकर चल पड़ी मस्तिष्क की ओर औ... Read more

पढ़कर कोई कलेक्टर तो बनना नहीं

कम्प्यूटर के दौर में हम जितनी तेजी से आगे बढ़ते जा रहे है, उतनी ही तेजी से हमारी शिक्षा के पारंपरिक तौर-तरीके व साधन हमसे दूर होते ज... Read more

पानी न बिजली फिर भी पहाड़ से लगाव.

वर्ष 1947 में बारह के गजर के साथ आधी रात को जब यह मुल्क आजाद हुआ, उन दिनों भी पहाड़ की औरतें पानी भरने के लिए मीलों दूर जाती थीं और ... Read more