हरिनारायण तनहा

निगाही , जिला - सिंगरौली , मध्य प्रदेश

Joined May 2018

नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुफ़ से लिखते हैं |
कम्प्यूटर इंजीनियरींग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं |

कविता , गजल , गीत , दोहा , मुक्तक , शेरो शायरी , हजल , क़व्वाली , रुबाई , मजाहिया शेरो शायरी , नवगीत , परतिगीत , लोकगीत , भजन , लेख, निबंध, कहानी, लघुकथा, स्तंभ आदी विधाओ मे रचनाए निरंतर कर रहे हैं

आप और भी बहुत रचनाएं ब्लॉग साहित्यमठ पर पढ सकते हैं |
harishah05.blogspot.com
सम्पर्क :-
ईमेल harishah1998@gmail.com

ये एक कडवा सच जिंदगी का है जिसे चाह कर भी बदल नही जा सकता के है के आंखों से दिव्यांग हैं |

Books:
अभी कोई किताब प्रकाशित नही है

Awards:
अभी कोई पुरस्कार हिस्से में नही आया है

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कितना छोडुं कहॉ से कितना क्या लिखूं

कितना छोडुं कहॉ से कितना क्या लिखूं गजल मे उसे लिखूं या कुछ नया लिखूं अभी तो बस तप्सील जारी है पुख्ता नही है मर्ज पकड में आ जाए... Read more

मै चटकुं तेरी चाहत में तू मेरी मोहब्बत में टूटकर राई छाई होजा

आ तुझे दिल की तिजोरी में रखु तू मेरी मोहब्बत की पाई पाई होजा मै चटकुं तेरी चाहत में तू मेरी मोहब्बत में टूटकर राई छाई होजा पैर... Read more

देखो ना वो कितने रुप बदलता है

सियासत का हर सिकंदर यही कहकर छलता है आवाम के वोट के ख़ातिर यहाँ सब चलता है मेरे माथे का पसीना और हाथ के छाले सबूत हैं पहले म... Read more

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नही लगती

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नहीं लगती जिन आंखों में भूख चमकती है वो मुझे कातिल नहीं लगती मेरी मर्जी भी शामिल थी तेरी सरकार बनाने मे... Read more

जिस तरह से शिकारी निशाना फेंकते हैं

इस तरह से वो नए कबूतर को दाना फेकते हैं जिस तरह से शिकारी निशाना फेकते हैं मेरे शहर में अब भी कुछ बच्चे भूख से मर जाते हैं मैंन... Read more

इंच इंच बढ़ता हुआ समंदर कौन देख रहा है

सब सुकून का मंजर देख रहे हैं खंजर कौन देख रहा है सब मुतमईन है बहती हुई हवाएं देखकर रेत में उठा हुआ बवंडर कौन देख रहा है धूप का ... Read more

कम है क्या

पहले से बेहतर हुए हैं ये हालात कम है क्या आज मयस्सर हुई है ये जो रात कम है क्या हमने तुझे मोहब्बत की देवी कह दिया है तेरे जैसी ... Read more

कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या

फूल को महकता हुआ देख लिया क्या कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या तुम क्यों उतावले हुए जा रहे हो पीने पाने के लिए किसी को ... Read more

खुद उसके घर में पीने के लिए पानी नही है

उसका यही बचकाना रवैया तो हैरान कर रहा है जिसे जंग से बचना चाहिए वही ऐलान कर रहा है खुद उसके घर में पीने के लिए पानी नही है ह... Read more

थोड़ी और सस्ती अरहर की दाल करदे

तू एक नया कमाल करदे लोगो का जीना मुहाल करदे अभी पिछले ही सवाल का जबाब नही मिला तू एक और नया सवाल करदे उसने तो कम से कम च... Read more

हम दोनों तो रहेंगे नही

आ अब आशुओ से कहें अब ये बहेंगे नही वो तो गैर हैं तुझसे सच्ची बात कहेंगे नही आज हम दोनों तो लड़ते रहेंगे सरहदों के लिए कल ये स... Read more

कौन आया था वो

जने किसका साया था वो मेरे दिल में कौन आया था वो . आज जो मेरी जरुरत बन गया है जिस्म में लहू की तरह कलतलक कितना पराया था वो ... Read more

यार तुम्हारे बिन

किससे मांगु सच्ची राय यार तुम्हारे बिन मन की व्यथा कही न जाय यार तुम्हारे बिन मकबूलि का आलम है और है तनहाई फिकी लगती है टपरी... Read more

जैसे मेरी नाक पर कोई फोड़ा हुआ है

इस कदर दर्दीला इश्क़ मेरा हुआ है जैसे मेरी नाक पर कोई फोड़ा हुआ है मेरे रकीब आज जितना भी तेरे नसीब में आया है वो सब का सब मे... Read more

काश अपनी भी कोई सनम होती

उसे जान देकर भी निभाता अगर ऐसी कोई कसम होती काश अपनी भी कोई सनम होती या कांच समझ कर तोड़ देती या फूल समझकर नाजो मे रखती मेरे दिल... Read more

उन्हे तरस भी नहीं आई ऐसा हाल हमारा देखकर

कभी-कभी चमकने का जी करता है कोई टिमटिमाता सितारा देखकर हमने किस्मत पर दाव लगाना छोड़ दिया है रईसों का खसारा देखकर जड़ से लेकर प... Read more

इश्क का एहसास भी क्या खूब है जाना

इश्क का एहसास भी क्या खूब है जाना कभी हंसते हंसते रोना , कभी रोते रोते मुस्कुरान प्यार करना , मगर जबरन हक मत जताना उनका प्यार फ... Read more