हरिनारायण तनहा

निगाही , जिला - सिंगरौली , मध्य प्रदेश

Joined May 2018

नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुस से लिखते हैं |
कम्प्यूटर इंजीनियरींग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं |

कविता , गजल , गीत , दोहा , मुक्तक , शेरो शायरी , हजल , क़व्वाली , रुबाई , मजाहिया शेरो शायरी , नवगीत , परतिगीत , लोकगीत , भजन , लेख, निबंध, कहानी, लघुकथा, स्तंभ आदी विधाओ मे रचनाए निरंतर कर रहे हैं

आप और भी बहुत रचनाएं ब्लॉग साहित्यमठ पर पढ सकते हैं |
harishah05.blogspot.com
सम्पर्क :-
ईमेल harishah1998@gmail.com

ये एक कडवा सच जिंदगी का है जिसे चाह कर भी बदल नही जा सकता के आंखों से दिव्यांग हैं |

Books:
अभी कोई किताब प्रकाशित नही है

Awards:
अभी कोई पुरस्कार हिस्से में नही आया है

Copy link to share

करोना से हमको युद्ध लड़ना है

करोना से हमको युद्ध लड़ना है तो घर में हि रहना है बिना काम के बाहर न जाएं जाएं भी तो मास्क लगाएं बार बार सेनेटाइजर से साफ करे... Read more

आओ खुशियों कि मुहं दिखाई करते हैं

आओ खुशियों कि मुहं दिखाई करते हैं गमों कि घर से बिदाई करते हैं छुप छुप के इससे उससे क्या करना आओ ना खुल के बेवफाई करते हैं य... Read more

बिगडी़ दोस्ती और खराब कर लेते हैं

बिगडी़ दोस्ती और खराब कर लेते हैं आ पुराना हिसाब किताब कर लेते हैं मेरे जयाति ताल्लुकात नही हैं उनसे हां कहीं मिले तो अदबो आदाब क... Read more

धुतकारते क्यो हैं आने जाने वाले

धुतकारते क्यो हैं आने जाने वाले क्या चाहते हैं ये जमाने वाले वो दिल दुखाएं और हम रोए भी नही क्या चाहते हैं ये चाहने वाले Read more

दिल कि दूरीयें में तरक्की चाहता हुं मैं

दिल कि दूरीयें में तरक्की चाहता हुं मैं दुश्मनी भी पक्की चाहता हुं मैं थोडा़ और थोडा़ और नफरत कर मुझसे बेवफाई मी सच्ची चाहता हुं मैं Read more

जवानी पर लगी कालिख बन के रह जाओगे

जवानी पर लगी कालिख बन के रह जाओगे मासुका नही मिली तो नाबालिग बन के रह जाओगे ऐ खुदा तुझे मालिक कहती है ये दुनियां इसी गुमा में रहे... Read more

सपनों कि हिफाजत नही करता मै

सपनों कि हिफाजत नही करता मै यानि कि मोहब्बत में सियासत नही करता मै मै जानता हुं तेरे विचार मु्क्तलिफ हैं मुझसे मगर तेरी खिलाफत नह... Read more

क्योकि इनको शिर्फ तुम जानते हो

महिलाएं औरतें नारी स्त्री जनानीयां जिस भी संबोधन से जानते हो इनको सम्मान करो इनका हो सके तो गुणगान करो इनका बेटी बहू मां बहन कि... Read more

दिल्ली दंगों का ये पहलु , क्या दिल्ली में हुआ दंगा योजनाबद्ध साजिश था ?

23 , 24 और 25 फरवरी , ये शिर्फ तारिखें नही हैं बल्की ये वो मंजर है जो भारत के आधुनिक पंथनिरपेक् और समाजवादी समाज को नही भुलना चाहिए ... Read more

मेरी जाने तमन्ना

मेरी जाने तमन्ना मेरी जाने तमन्ना तजमहल जैसी कोई ख्वाईश मत रख मुझसे क्योंकि , मै इसे पुरा नही कर पाउंगा ये मै भी जानता हुं , त... Read more

सागर सी गहरी रेगिस्तान सी पथरीली आंखें

सागर सी गहरी रेगिस्तान सी पथरीली आंखें चॉकु छूरी खंजर सी नुकीली आंखें कोई कैसे बचे इनके तिलस्म से कत्थई काली निली आंखें कैसे... Read more

दो हंसो का जोडा़ हम

दो हंसो का जोडा़ हम आधा आधा पुरा हम ईकाई मै ईकाई तुम दोनो मिलकर दहाई हम हम लिलें तो शब्द बने जैसे कागज स्याही हम हवा बसंती म... Read more

असली में ध्रुवीकारण किसने किया ? BJP ने या AAP ने

मंगलवार 11 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम देर साम तक पुर्ण रुप से सब के सामने आए जिसमें AAP को 62 , BJP को 8 एवं कांग्रेस ... Read more

तुम्हारे सारे आशिक बस आज हैं जाना

तुमसे मेरे राज हैं जाना हम तुम्हारे हमराज हैं जाना कल हम्हीं होंगे मोहब्बत निभाने के लिए तुम्हारे सारे आशिक बस आज हैं जाना ह... Read more

आपके केजरीवाल की दिल्ली

फ्री के मायाजाल कि दिल्ली आपके केजरीवाल की दिल्ली हवा हवाई काम हुआ है देश में अच्छा नाम हुआ है जनता पी रही है गंदा पानी खुलकर... Read more

उसका रुठना और मेरा मनाना लाजमी था

उसका रुठना और मेरा मनाना लाजमी था उसका दूर और मेरा पास जाना लाजमी था पाहली मोहब्बत का पहला मौका-ए-वस्ल उसका शर्माना और हाथ छुडा... Read more

मैने सब कुछ निगाहों से कह दिया

कलियों ने हवाओ से कह दिया कनिजों ने बादशाहों से कह दिया जाते जाते उसने तो कुछ नही कहा मैने सब कुछ निगाहों से कह दिया वो कहते... Read more

मुक्तक

दुनियां ने मोहब्बत का दायरा लिख दिया मैं उसका शायर और उसे शायरा लिख दिया जितने में उसका आशिक एक शेर नही कह पया उतनी देर में मैंने... Read more

हम मोहब्बत करके दिखाएंगे

हम दिखाएंगे हम मोहब्बत करके दिखाएंगे एक दिन वो भी आएगा जब हम जीत जाएंगे नफरत के सारे बादशाह मिट्टी में मिल जाएंगे चाहे जितनी स... Read more

ये सब तेरे आंखों की गलती है और क्या है

मय पी रहा हूं मुझे मरने की जल्दी है और क्या है ये सब तेरे आंखों की गलती है और क्या है जिसे चांद चंद्रमा चंदा मेहताब कहती है ये द... Read more

पत्थर भी तैर जाता है पानी पर

ग्रहण लगा है कहानी पर किरदार बाकी है निशानी पर दिल में कोई नेकनीयत रख कर तो देखो पत्थर भी तैर जाता है पानी पर बुजदिल ही सारी... Read more

सच कहने से डरता कौन है तुम जानते हो

गिरगिट की तरह रूप बदलता कौन है तुम जानते हो सच कहने से डरता कौन है तुम जानते हो विधायक जी का शौक है पांच सितारा होटलों में जाम छ... Read more

पान कि दुकान पर बैठा निठल्ला क्या सोचेगा

ये पप्पु क्या सोचेगा वो लल्ला क्या सोचेगा पान कि दुकान पर बैठा निठल्ला क्या सोचेगा जिसका नाम लेकर खुन बहा रहे हो अपनों का जरा श... Read more

चलो पतंगें उडा़ते हैं

चलो पतंगें उडा़ते हैं कागज कि नाव रेत के टिले बनाते हैं फिर कहीं क्रिकेट खेलते हैं फिर कहीं कंचे खेलते हैं फिर कहीं पेड़ों से ... Read more

ईकरार नामा

मेरे प्रिय साथी हमसफर , राही जाने कितने दिनों से मेरे दिल के कोने में दबी हुई भावनाएं ... Read more

कितना छोडुं कहॉ से कितना क्या लिखूं

कितना छोडुं कहॉ से कितना क्या लिखूं गजल मे उसे लिखूं या कुछ नया लिखूं अभी तो बस तप्सील जारी है पुख्ता नही है मर्ज पकड में आ जाए... Read more

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संकट में है

जब सत्य लिखने से पहले हत्या का डर हो जब सत्य बोलने से पहले हत्या का डर हो मतलब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संकट में है अब समय है ... Read more

बंगाल की दीदी

राजनीतिक चाह के बबाल की दीदी बंगाल की दीदी , बंगाल की दीदी सत्ता कि शक्ति का दुरउपयोग बीना काम का बल प्रयोग अहिंसको की भक्षक ... Read more

मुक्तक

उजागर है दुनिया में सच छिपा नही है ये बता कि आज तुझसे कौन खफा नहीं है ये जो खुद को मसीहा कहता है पड़ोसियों का ये शख्स तो अपनों क... Read more

खेत के खरपतवारों को फसल कहने वाले

रेट के टीलों को सजल कहने वाले खेत के खरपतवारों को फसल कहने वाले मोहब्बत का एक मिसरा नही लगा पाए चलो निकलो ,बड़े आए हैं गजल कहन... Read more

मै चटकुं तेरी चाहत में तू मेरी मोहब्बत में टूटकर राई छाई होजा

आ तुझे दिल की तिजोरी में रखु तू मेरी मोहब्बत की पाई पाई होजा मै चटकुं तेरी चाहत में तू मेरी मोहब्बत में टूटकर राई छाई होजा पैर... Read more

तुम मुझसे भी बेहतर हो

मै जो एक शब्द हूं तो तुम पुरा एक अक्षर हो तुम मेरे बराबर तो हो ही तुम मुझसे भी बेहतर हो ... Read more

सब्ज जमीन पर जिंदगी पनपेगी

रेगिस्तान के खेतों में चूडी खनकेगी हर खलिहान के माथे पर बिंदी चमकेगी ये बता दो पत्थर की इमारतों को सब्ज जमीन पर जिंदगी पनपेगी Read more

कल यही हाल तुम्हारा भी होगा

धूआ उड़ाना दिलकश नहीं है इसमें कोई इज्जत नहीं है ये आफत है , राहत नहीं है ये कोई अच्छी आदत नहीं है मुंह में कैंसर , गले में कैंस... Read more

मैं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की बात कर रहा हूं

समाज में खाई तुम्हारी ही बनाई हुई है इसमें गिर भी तुम्हेी रहे हो रिश्तो में ये आग भी तुम्हारी ही लगाई हुई है इसमें जल भी तुम्हीं ... Read more

क्या है भारत की सेना दुनिया वालों देखो तुम

बाढ़ से हाहाकार मची है हर ओर छींक पुकार मची है आशियाने बह रहे हैं सैलाबों उनके रेल में जान बचाओ जान बचाओ धरती मां भी पुकार उठी ह... Read more

चलो सुकून है आज का समाज मनुवादी नही है

भले ही हर बदन पर खादी नही है यहा हर कोई उदारवादी नही है हर व्यक्ति हर वर्ग हर जाती एक समान है चलो सुकून है आज का समाज मनुवादी ... Read more

उखाड़ लो घंटा

तुम कोशिश कर कर के मर जाओगे ये देश नहीं बदलनेवाला अपनी दकियानूसी सोच नहीं छोड़नेवाला सब ने समझा समझा के खूब , गाड लिया झंडा अब ... Read more

चेतना के वेद मंत्र

चेतना के वेद मंत्र चिंतन के प्रथम यंत्र समस्या है भीड़ तंत्र समाधान है लोकतंत्र चेतना के वेद मंत्र विरोध के लिए हो स्वतं... Read more

देखो ना वो कितने रुप बदलता है

सियासत का हर सिकंदर यही कहकर छलता है आवाम के वोट के ख़ातिर यहाँ सब चलता है मेरे माथे का पसीना और हाथ के छाले सबूत हैं पहले म... Read more

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नही लगती

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नहीं लगती जिन आंखों में भूख चमकती है वो मुझे कातिल नहीं लगती मेरी मर्जी भी शामिल थी तेरी सरकार बनाने मे... Read more

जिस तरह से शिकारी निशाना फेंकते हैं

इस तरह से वो नए कबूतर को दाना फेकते हैं जिस तरह से शिकारी निशाना फेकते हैं मेरे शहर में अब भी कुछ बच्चे भूख से मर जाते हैं मैंन... Read more

इंच इंच बढ़ता हुआ समंदर कौन देख रहा है

सब सुकून का मंजर देख रहे हैं खंजर कौन देख रहा है सब मुतमईन है बहती हुई हवाएं देखकर रेत में उठा हुआ बवंडर कौन देख रहा है धूप का ... Read more

कम है क्या

पहले से बेहतर हुए हैं ये हालात कम है क्या आज मयस्सर हुई है ये जो रात कम है क्या हमने तुझे मोहब्बत की देवी कह दिया है तेरे जैसी ... Read more

कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या

फूल को महकता हुआ देख लिया क्या कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या तुम क्यों उतावले हुए जा रहे हो पीने पाने के लिए किसी को ... Read more

उखाड़ लो घंटा

तुम कोशिश कर कर के मर जाओगे ये देश नहीं बदलनेवाला अपनी दकियानूसी सोच नहीं छोड़नेवाला सब ने समझा समझा के खूब , गाड लिया झंडा अब ... Read more

मुजरालय

पायल की छन छन चूड़ियों की खन खन तबले की थप थप घुंघरूओ की छनन छनन नृत्य और संगीत का रस काम का सिंगार का रस या यूं कि कहो मदिर... Read more

लहर के साथ सब बह कर आगए

लहर के साथ सब बह कर आगए उखड़े पुखडे पेड़ सारे साथ होगए नदी के किनारे छोटे-मोटे पत्थर से लेकर कूड़ा करकट , टूटी फूटी नाव , पतवार... Read more

दीवारों के कान नही होते

सब कहते हैं दीवारों के भी कान होते हैं फिर दीवारों के नाम क्यों नहीं होते दीवारों के मुंह क्यों नहीं होते आंखें क्यों नहीं हो... Read more

पंखा आगए चीटियों को

प्राण मिल गए चीटियों को पंखा आगए चीटियों को भूमि की निर्माण बासी जीव कि विनाश साथी हर डगर , हर नगर में मधु स्वाद तलाशती चीटि... Read more