हरिनारायण तनहा

निगाही , जिला - सिंगरौली , मध्य प्रदेश

Joined May 2018

नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुफ़ से लिखते हैं |
कम्प्यूटर इंजीनियरींग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं |

कविता , गजल , गीत , दोहा , मुक्तक , शेरो शायरी , हजल , क़व्वाली , रुबाई , मजाहिया शेरो शायरी , नवगीत , परतिगीत , लोकगीत , भजन , लेख, निबंध, कहानी, लघुकथा, स्तंभ आदी विधाओ मे रचनाए निरंतर कर रहे हैं

आप और भी बहुत रचनाएं ब्लॉग साहित्यमठ पर पढ सकते हैं |
सम्पर्क :-
ईमेल harishah1998@gmail.com

ये एक कडवा सच जिंदगी का है जिसे चाह कर भी बदल नही जा सकता के है के आंखों से दिव्यांग हैं |

Books:
अभी कोई किताब प्रकाशित नही है

Awards:
अभी कोई पुरस्कार हिस्से में नही आया है

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चलो सुकून है आज का समाज मनुवादी नही है

भले ही हर बदन पर खादी नही है यहा हर कोई उदारवादी नही है हर व्यक्ति हर वर्ग हर जाती एक समान है चलो सुकून है आज का समाज मनुवादी ... Read more

उखाड़ लो घंटा

तुम कोशिश कर कर के मर जाओगे ये देश नहीं बदलनेवाला अपनी दकियानूसी सोच नहीं छोड़नेवाला सब ने समझा समझा के खूब , गाड लिया झंडा अब ... Read more

चेतना के वेद मंत्र

चेतना के वेद मंत्र चिंतन के प्रथम यंत्र समस्या है भीड़ तंत्र समाधान है लोकतंत्र चेतना के वेद मंत्र विरोध के लिए हो स्वतं... Read more

देखो ना वो कितने रुप बदलता है

सियासत का हर सिकंदर यही कहकर छलता है आवाम के वोट के ख़ातिर यहाँ सब चलता है मेरे माथे का पसीना और हाथ के छाले सबूत हैं पहले म... Read more

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नही लगती

ये मेरी मोहब्बत का हासिल नहीं लगती जिन आंखों में भूख चमकती है वो मुझे कातिल नहीं लगती मेरी मर्जी भी शामिल थी तेरी सरकार बनाने मे... Read more

जिस तरह से शिकारी निशाना फेंकते हैं

इस तरह से वो नए कबूतर को दाना फेकते हैं जिस तरह से शिकारी निशाना फेकते हैं मेरे शहर में अब भी कुछ बच्चे भूख से मर जाते हैं मैंन... Read more

इंच इंच बढ़ता हुआ समंदर कौन देख रहा है

सब सुकून का मंजर देख रहे हैं खंजर कौन देख रहा है सब मुतमईन है बहती हुई हवाएं देखकर रेत में उठा हुआ बवंडर कौन देख रहा है धूप का ... Read more

कम है क्या

पहले से बेहतर हुए हैं ये हालात कम है क्या आज मयस्सर हुई है ये जो रात कम है क्या हमने तुझे मोहब्बत की देवी कह दिया है तेरे जैसी ... Read more

कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या

फूल को महकता हुआ देख लिया क्या कहीं परिंदों को चहकता हुआ देख लिया क्या तुम क्यों उतावले हुए जा रहे हो पीने पाने के लिए किसी को ... Read more

उखाड़ लो घंटा

तुम कोशिश कर कर के मर जाओगे ये देश नहीं बदलनेवाला अपनी दकियानूसी सोच नहीं छोड़नेवाला सब ने समझा समझा के खूब , गाड लिया झंडा अब ... Read more

मुजरालय

पायल की छन छन चूड़ियों की खन खन तबले की थप थप घुंघरूओ की छनन छनन नृत्य और संगीत का रस काम का सिंगार का रस या यूं कि कहो मदिर... Read more

लहर के साथ सब बह कर आगए

लहर के साथ सब बह कर आगए उखड़े पुखडे पेड़ सारे साथ होगए नदी के किनारे छोटे-मोटे पत्थर से लेकर कूड़ा करकट , टूटी फूटी नाव , पतवार... Read more

दीवारों के कान नही होते

सब कहते हैं दीवारों के भी कान होते हैं फिर दीवारों के नाम क्यों नहीं होते दीवारों के मुंह क्यों नहीं होते आंखें क्यों नहीं हो... Read more

पंखा आगए चीटियों को

प्राण मिल गए चीटियों को पंखा आगए चीटियों को भूमि की निर्माण बासी जीव कि विनाश साथी हर डगर , हर नगर में मधु स्वाद तलाशती चीटि... Read more

चांद पर जाने का सपना देखेगे दिखाएंगे

कुछ तुम्हारी सुनेंगे कुछ अपनी सुनाएंगे चांद पर जाने का सपना देखेगे दिखाएंगे हमारी कामयाबी ये है कि हमने नया रास्ता बनाया है जि... Read more

मगर वो लगते हैं मेरे गैर कहने में

वो कहते हैं के बजन नहीं है तुम्हारे शेर कहने में यार मजा तो है बजन के बगैर कहने में हमारे दरमियां तालुकात अपनों से भी गहरे हैं मग... Read more

एक मां बच्चों के लिए बस मां बनी रही

कभी दिवार , कभी छत , कभी मका बनी रही खुद में कैद होकर सबके लिए जहां बनी रही हजारों दर्द सहती रही चुप रहकर एक मां बच्चों के लिए बस... Read more

और आज ही के दिन मेरा गला बैठा है

एक चहचहाता हुआ परिंदा मरा बैठा है उधर से मत जाना एक दिलजला बैठा है मसला ये है के महफिल में शेर पढ़ना है मुझे और आज ही के दिन मेरा... Read more

कम मेरे पास ही है तुझे ज्यादा दे दूं

सिर्फ तुझी से मोहब्बत करने का वादा दे दूं जिंदगी कोई बर्फी नहीं है के तुझे आधा दे दूं खुश रहने का बस इतना ही वक्त मयस्सर हुआ है मु... Read more

गुरू का है प्रथम स्थान

शब्द आपके दिए मुझे विद्या आपने दी मुझे उच्चारण आपने सिखाया मुझे हर विषय आपने पढाया मुझे मेरे मुख पर लफ्ज लफ्ज आपका है मे... Read more

अब तुम्हें क्या कविता सुनाउ मैं

अब तुम्हें क्या कविता सुनाउ मैं किसी छंद सी तुम्हारी हंसी कई अलंकार का समावेश लगी उपमा तुम्हें क्या दुं कही नयी विधा ही न बन... Read more

गणपति गजमुख गौरीनंदन गणेश

गणपति गजमुख गौरीनंदन गणेश लंबोदर एकदंत विनायक प्रथमेश विघ्नहर्ता सब सुख करता पाप नाशक सब दुख हरता सिद्धी बुद्धि संग विराजे ... Read more

खुद उसके घर में पीने के लिए पानी नही है

उसका यही बचकाना रवैया तो हैरान कर रहा है जिसे जंग से बचना चाहिए वही ऐलान कर रहा है खुद उसके घर में पीने के लिए पानी नही है ह... Read more

थोड़ी और सस्ती अरहर की दाल करदे

तू एक नया कमाल करदे लोगो का जीना मुहाल करदे अभी पिछले ही सवाल का जबाब नही मिला तू एक और नया सवाल करदे उसने तो कम से कम च... Read more

हम दोनों तो रहेंगे नही

आ अब आशुओ से कहें अब ये बहेंगे नही वो तो गैर हैं तुझसे सच्ची बात कहेंगे नही आज हम दोनों तो लड़ते रहेंगे सरहदों के लिए कल ये स... Read more

कौन आया था वो

जने किसका साया था वो मेरे दिल में कौन आया था वो . आज जो मेरी जरुरत बन गया है जिस्म में लहू की तरह कलतलक कितना पराया था वो ... Read more

जने किसका साया था वो

जने किसका साया था वो मेरे दिल में कौन आया था वो आज जो मेरी जरुरत बन गया है जिस्म में लहू की तरह कलतलक कितना पराया था वो Read more

लोगो का जीना मुहाल करदे

तू एक नया कमाल करदे लोगो का जीना मुहाल करदे अभी पिछले ही सवाल का जबाब नही मिला तू एक और नया सवाल करदे Read more

उसका यही बचकाना रवैया तो हैरान कर रहा है

उसका यही बचकाना रवैया तो हैरान कर रहा है जिसे जंग से बचना चाहिए वही ऐलान कर रहा है खुद उसके घर में पीने के लिए पानी नही है हमे... Read more

आ अब आशुओ से कहें अब ये बहेंगे नही

आ अब आशुओ से कहें अब ये बहेंगे नही वो तो गैर हैं तुझसे सच्ची बात कहेंगे नही आज हम दोनों तो लड़ते रहेंगे सरहदों के लिए कल ये सरह... Read more

मैने तुमको कब देखा था

मैने तुमको कब देखा था यू थक कर मुस्कुराते हुए मैने तुमको कब देखा था यू कुछ बडबडाकर मुंह बनाते हुए मैने तुमको कब देखा था यू... Read more

सौगंध है हमे तिरंगे की

है गर्व मुझे हर वीर शहीद की बलिदानी पर देश रक्षा में जो बलिदान हो गई उस हरेक जवानी पर जरा सोचो तो क्या बीती होगी रहा देखते घर आं... Read more

यार तुम्हारे बिन

किससे मांगु सच्ची राय यार तुम्हारे बिन मन की व्यथा कही न जाय यार तुम्हारे बिन मकबूलि का आलम है और है तनहाई फिकी लगती है टपरी... Read more

बार बार तुम यार यही कहते हो

हर बार तुम यही कहते हो बार बार तुम यार यही कहते हो गांधी हमारे, नेहरू हमारे इंदिरा हमारी, राजीव हमारे क्या ये सब केवल तुम्हा... Read more

क्या सब सही है

लव के नाम पर जेहाद सही है निकाह से पहले हलाला सही है तुम्हारे लिए तो तीन तलाक भी सही है जबरन पहनावा हिजाब सही है और ख़ातूनों... Read more

जैसे मेरी नाक पर कोई फोड़ा हुआ है

इस कदर दर्दीला इश्क़ मेरा हुआ है जैसे मेरी नाक पर कोई फोड़ा हुआ है मेरे रकीब आज जितना भी तेरे नसीब में आया है वो सब का सब मे... Read more

मेरे कश्मीर

शहादत आजाद की गांधी का ईमान बोल रहा हूं मेरे कश्मीर में तेरा हिंदुस्तान बोल रहा हूं किसी जन्नत से कम नहीं है तेरी घाटी अब तक मय... Read more

ये तो मेरी शख्सियत का असर लगता है

ये खुदा की लाठी का असर लगता कुम्हार फैलावा हुआ ही जहर लगता है ये जो उड़ी है तुम्हारे चेहरे की हवाईया ये तो मेरी शख्सियत का असर... Read more

तिरयात हर जहर का नही होता

तिरयात हर जहर का नही होता एक मुसाफिर हर सफर का नही होता कश्मीर हिंदुस्तान का हिस्सा ही नहीं मस्तक है जीते जी धड कभी सर से अलग ... Read more

अब के तैयार हो के आया हूं नुमाइश में तेरी

अब के तैयार हो के आया हूं नुमाइश में तेरी देखना हैं कितनी आग है ख्वाइश में तेरी देखना कोई आसान सा इंतहान न ले ले ना मैं तो जान... Read more

हर दरिया का समंदर में मिलना तय

हर सहर आफताब का निकलना तय है हर साख ए गुल का लचकना तय है मुझे तुझसे क्या जुदा करेगी ये दुनिया हर दरिया का समंदर में मिलना तय है Read more

व्यंग, हमारे चौकीदार अंकल भी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं

सबसे पहले तो मुझसे उन्होंने यही कहते हुए बात करना शुरू किया कि 'मै चोर नही हूं , सारे चौकीदार चोर नही होते | तो मैने उनके मन के भाव ... Read more

व्यंग, EVM पुराण

'आज बहस छिड़ गई , इस बात को लेकर कि EVM हैक हो सकती है या नहीं? क्योंकि मुझे चुनाव आयोग पर पुरा भरोसा है इसलिए मै उन दोस्तों के साथ ... Read more

मतदाता जागरूक तो मताधिकार सार्थक

हमारे देश में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने वाले हर व्यक्ति को एक समान रूप से बिना उसके धर्म , जाति , लिंग , संप्रदाय , जन्म स्थान ... Read more

काश अपनी भी कोई सनम होती

उसे जान देकर भी निभाता अगर ऐसी कोई कसम होती काश अपनी भी कोई सनम होती या कांच समझ कर तोड़ देती या फूल समझकर नाजो मे रखती मेरे दिल... Read more

किसानों का सम्मान हो

पथरीली बंजर जमीन को जिसने हरे-भरे खेतों में ढाला है अपना ही नहीं पूरे भारत का पेट जिन कृषकों ने पाला है अब जरूरत है उनका भी ... Read more

हारने के बाद ज़िन्दगी खत्म नही होती

क्या हुआ अगर , गिर पड़े राह में क्या हुआ अगर ,बाधाएं हैं चाह में एकाग्रचित हो आगे बढ़ो कभी-कभी मंजिले आसान नहीं होती पर्वतों... Read more

तोता

तोता हरा होता है फर फर फर फर उड़ता है लाल मिर्ची खाता है मिट्ठू मिट्ठू कहता है पेड़ की डाली पर रहता है पिंजरा देखकर डरता ह... Read more

भारत को

जाओ वोट नहीं देंगे हम तुमको जिन पर भरोसा नहीं है हमको तुम क्या-क्या करके दिखाओगे हम जानते हैं हम तुम्हारी नियत पहचानते... Read more

कुछ ऐसे ही

काले - काले कोट वाले सफेद - सफेद धोती कुर्ता वाले खादी की जैकेट , टोपी वाले कुछ ऐसे ही दिखते हैं राजनीति वाले झूठे - झूठे ... Read more