Harendra Prasad Yadav

Delhi

Joined September 2018

Interested in writing gazal and poetry.

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ज़िन्दगी के रंग

गिरते-गिरते सम्हलती रही ज़िन्दगी, रंग हर पल बदलती रही ज़िन्दगी , फूलों के और कभी काँटों की राह पर , मौत से मिलके चलती रही ज़िन्... Read more

ज़िन्दगी

कभी हसाती है ज़िन्दगी कभी रुलाती है ज़िन्दगी , हर मोड़ पे नई राह दिखाती है ज़िन्दगी , जब कभी कोई दिन गुज़रता है रात का आलम आह... Read more

मेरा क्या अपराध

माँ मेरा लड़की होने में मेरा क्या अपराध है, तू भी तो लड़की है किसी की क्या तुझको ये याद है, मुझको क्यूँ दुनियां में आने का हक़ ... Read more