Gyanendra singh kushwaha

Satna district in mp

Joined November 2018

मेरा नाम ज्ञानेंद्र सिंह कुशवाहा है ,मैं एक आम साधारण भारत देश का नागरिक हूँ।😊🙏🙏मै कवि तो नही हूँ ,लेकिन मैं अपने विचार साहित्यपीडिया के माध्यम से लिख के आप तक पहोचाना चाहता हूँ।आप सभी को मेरा सादर🙏😊 प्रणाम😊🙏

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आज का कड़वा सत्य माँ के प्रति बेटे और बहू का रवैया....

ओ माँ जिसने तुझे जन्म दिया.. बचपन से तुझको प्यार किया.. पाल पोस के बड़ा किया.. तुझे बड़ा ऑफिसर बना दिया.. एक दिन उसने सादी कर दी .... Read more

उनके ख्वाबो में...... गीत

उनके ख्वाबों में मैं खो गया .... उनके ख्वाबो में मैं खो गया... जब से देखा मैने उनको तो... इक नज़र में प्यार हो गया.... उनके चेह... Read more

भरोसा करना है, मुझे...

जिंदगी जीना है, मुझे... आगे बढ़ना है, मुझे.. मगर क्या करूँ? भरोसा करना है, मुझे... एक नहीं इस दुनिया मे हज़ार मिलेंगे... भरोसा... Read more

सच्ची नादान लड़की ..

प्यारी सी सुंदर लड़की है... जो अपनो पे भरोसा करती है... सबका सम्मान तो करती है.. लेकिन ओ बड़ी नादान है.. उसे अच्छे बुरे, का ज्ञान... Read more

माँ.....

एक तुम ही तो हो.. अपना सुख त्याग के.. दिन रात मेहनत करती हो.. पल्लू में रह के गोबर की,टोकरी उठाती हो.. तपती गर्मी में चुल्हे में... Read more

तुम कैसे हिंदुस्तानी हो....

कभी धर्म नाम ,कभी जाती नाम... कभी भगवा रंग ,तो कभी हरा रंग,कभी लाल रंग ,कभी पीला.. तुम कैसे हिन्दुस्तानी हो.... जो आपस में ही लड़त... Read more