गुप्तरत्न

भोपाल

Joined November 2017

शायर है ज़नाब दिलो मैं आग लगा दे लफ्ज़ो मैं वो आग रखते है……..

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आप सभी का साथ रहा तो शीघ्र प्रकाशित होगी

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हवायें क़यामत है...................

"गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं " गुप्त रत्न मेरी तो जुबां काली है , हर बात सदाकत थी , संभाला तुम्हे , मेरी कमजोरी नहीं श... Read more

शायर है ज़नाब। ......दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll

गुप्त रत्न " भावनाओं के समंदर मैं दिल मैं अपने मुहब्बत और एहसास रखते है , दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll अँ... Read more