गुप्तरत्न

भोपाल

Joined November 2017

शायर है ज़नाब दिलो मैं आग लगा दे लफ्ज़ो मैं वो आग रखते है……..

Books:
आप सभी का साथ रहा तो शीघ्र प्रकाशित होगी

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हर स्टूडेंट की दर्द भरी कहानी गुप्तरत्न की जुबानी ॥

बाल-दिवस "गुप्तरत्न " "भावनाओं के समंदर मैं " पुरे साल मैंने क्या किया, कभी बाजू मैं बैठी लड़की को देखा, कभी क्लास बंक किया । ... Read more

"गुप्त रत्न"नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है,

"गुप्त रत्न"नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है, "गुप्त रत्न"नहीं मिटेगी मृगतृष्णा कस्तूरी मन के अन्दर है, नहीं मिटेगी ... Read more

हवायें क़यामत है...................

"गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं " गुप्त रत्न मेरी तो जुबां काली है , हर बात सदाकत थी , संभाला तुम्हे , मेरी कमजोरी नहीं श... Read more

शायर है ज़नाब। ......दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll

गुप्त रत्न " भावनाओं के समंदर मैं दिल मैं अपने मुहब्बत और एहसास रखते है , दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll अँ... Read more