govind sharma

Joined November 2016

Copy link to share

गज़ल

सारे रिश्ते खफ़ा हो गए, मुश्किलो में हवा हो गए।। है यकीं है यकीं बस यही मीत मेरे दफ़ा हो गए।। खामखा आ गई याद तो, अश्क़ सारे... Read more

तेरी दीद के बिन न सोया करेगे...

खयालो में तेरे यूँ खोया करेगें, तेरी दीद के बिन न सोया करेंगे, बना के तुझे इक ख़ुदा उम्रभर हम तेरी ओर दिन रात सजदा करेंगे।। भर... Read more

राब्तो को आजमाना चाहिए

एक गजल.. दर्द में भी मुस्कुराना चाहिए, राब्तो को आजमाना चाहिए।। इल्म अपनों का कराने देखिये, मुश्किलो का वक़्त आना चाहिए, ... Read more

जिंदगी ढूँढता किधर तन्हा

एक गजल पेट की भूख से है घर तन्हा, जिंदगी ढूंढता किधर तन्हा।। टूटती आस की नजर देखो, ख्वाहिशो के सभी शजर तन्हा।। दिल्लगी ... Read more

गीत

एक गीत... हमारी जाँ पे आफत हो रही है, हमे जब से मुहब्बत हो रही हैं।। नही है होश मुझको रात दिन का, नशे की जैसी हालत हो रही है... Read more

तुम्हारे बिन कयामत

एक नई गजल हमारी जाँ पे आफत हो रही है, तुम्हारे बिन क़यामत हो रही है।। तुम्हारी ख़ामुशी से आज देखो, मुहब्बत की जलालत हो रही ह... Read more

दो दिलो को पास लाती शायरी....

मापनी...2122,2122,212 प्यार को दिल में जगाती शायरी, दो दिलो को पास लाती शायरी।। गम ख़ुशी के साथ आती शायरी, उम्र भर रिश्ता ... Read more

घरो को घर बनाती…

रात दिन है मुस्कुराती बेटियां, दो घरो को घर बनाती बेटियां। चाकरी करती है मगर थकती नहीं ग़मज़दा भी खिलखिलाती बेटियाँ ख्वाहिशो के... Read more

मुक्तक

मुक्तक...... इस मुहब्बत में मिला कुछ नही., आशिकी से अब गिला कुछ नही, चाहतो के सिलसिलों को हर दफा, उम्र भर हमदम मिला कुछ नही।।1... Read more

जिंदगी को हँसाना नये साल में"

रंज ओ गम मिटाना नये साल में, जिंदगी को हँसाना नये साल में।। छोड़ मसरूफियत की ये झूठी जबाँ हाथ आगे बढ़ाना नये साल में।। देख अहसास... Read more

मुक्तक

उठा अपनी कलम फिर जंग का आग़ाज़ कर मुश्किलो को तोड़कर अम्बर में तू परवाज कर, बिछ गया है देख भष्टाचार का आतंक यहाँ, अब सियासी सूरमा... Read more

हम मिले तो गुल खिलेंगे देखना.....

अब हसी लम्हे बढेगे देखना, हम मिले तो गुल खिलेंगे देखना।। मुश्किलो के घन छटेंगे देखना, जिंदगी के गम मिटेंगे देखना।। आप की तस्वीर ... Read more

अगर उम्मीद है आसार बाकी है...

जमी से आसमा का सार बाकी है, अगर उम्मीद है आसार बाकी है।। मुहब्बत की कहानी है यही मेरी, लबो से हूर का इजहार बाकी है। गरीबी ने कहा... Read more