माँ

माँ ,हमारी सारी बलाएँ, अपने सर लेती है । वो माँ है, सब कुछ , हम पर वार देती है । उसका कर्ज हम क्या चुकायेंगे ! इतना करें उसक... Read more

पायल की आवाज , आत्म स्वीकृति

मैं जानता हूँ आपमें से बहुत से लोग आश्चर्य करेंगे एक अर्से के बाद मैंने पायल की आवाज़ सुनी । इतनी मीठी और रूमानी आवाज मानो मुझे चेतना... Read more

मयख्वारी

शीशे से भरा नस नस में उठकर अब न चला जाये। कोई सहारा देकर उठाये मुझे, खुद से अब न उठा जाये। अक्सर सोचा है मैंने मय पिये, कि पी... Read more

शराबी

उसे अब भी समझ नहीं आता। पियेगा नहीं तो कैसे वक़्त गुजारेगा।सुबह से शाम कैसे होगी।रात को क्या करेगा। उसे ये भी समझ में नहीं आता कि आजक... Read more

रेल की चौकी

सुधीर ,अरविन्द ,गीता और रवि पूरी शाम खेलने के बाद पंडित जी के चबूतरे पर पैर लटकाये बैठे थे। चारों की उम्र १२ से ८ वर्षों के बीच थी... Read more

जाड़े की धूप

जाड़े की धूप जाड़े की धूप का आश्वासन और गर्मजोशी ,किसको नहीं भाती। किन्तु शर्माती है ,जाड़े की धूप ,और जल्दी चली जाती है.छोड़ कर ठिठ... Read more

कान्हा

कान्हा कहाँ है गुल ? फिर सुदामा से मिल । जीवन संग्राम , अर्जुन सा लड़ूँगा , फिर सारथी बन के मिल। करुंगा मन की बातें, फिर दोस... Read more

प्रार्थना

तू किस किस की सुनेगा, बड़ी मुश्किल में होगा । पर तेरे सिवा कौन , मेरी भी अर्ज सुनेगा। सब तुझसे मांग लेते है, मैं क्यों संकोच... Read more

खुशी

वो खुशी देता है अपने मन की, मैं खुशी दूँगा उसे उसके मन की । खुश तो होता हूँ फिर डर जाता हूँ , खुशी बड़ा खालीपन छोड़,जाती है । ... Read more

कवि /लेखक /पत्रकार से

कवि/लेखक तुम भावुक हो , संवेदनशील भी हो । किन्तु प्रश्न है । अच्छी चीजें तुम्हें आल्हादित क्यों नहीं करतीं। विद्रूप अपवाद भ... Read more

गुमान

सज़ा मिली है तो कोई गुनाह हुआ होगा, समझ नहीं आता ऐसा क्या हुआ होगा । हर कदम फूँक कर रखता है राह में , कितने फरेब खाया होगा इस जह... Read more

फुर्सत

जब महफिल उठ गयी तो घर याद आया है । किस कामयाबी पर नाज़ करें , ऐसा कुछ किया क्या है ? कुछ करते हैं तो कमाल करते हैं , न... Read more

राह

जाने किस राह जाते हैं वो, राह में मिलते नहीं हैं वो । मुझे उनकी जरूरत क्यों जिन्हें मेरी तलब न हो । जुनूने सफर में सोचा ... Read more

आज ,कल ,कभी

आज उसने बहुत बातें की , क्या न कहने की कोशिश की? सालों तक लटका रहा था, बस एक पल का फैसला था । कभी चाहा था आसमां छू लूँ ... Read more

भूल गये

बड़ी बड़ी किताबें पढ़ीं , छोटे सबक भूल गये। शास्त्र पढ़ कर कैसे , संस्कार भूल गये ! शेर के दाँत गिनने वाले , अपना बल भूल गये । ... Read more

अंधेरे में रोशनी

अपने साये को नज़र अंदाज़ मत कर वो रहता है वक्त का हमराज़ बनकर। ज्यों ज्यों रात गहराई आँख खुलती गयी, दिन के करतबों की पोल खुलती गय... Read more

बदलता मौसम

हर रोज बदलते मौसम में बेचैन हवाएँ चलतीं हैं । तय करना कितना मुश्किल है ! किस ओर हवाएँ चलतीं हैं । राही कब कौन जतन कर ले । ध... Read more

श्री राम (प्रार्थना )

इस अंतस की पीड़ा को, कौन सुनेगा ? राम । जीवन के इस खालीपन को कौन भरेगा ? राम । मेरे मन के टेड़ेपन को , कौन सुधारे ? राम । ... Read more

दायरे

अपने दायरे हमने खुद बनाये कुछ हालात ने मजबूर किया , कुछ हम खुद से ठहर गये। पैर हमारे बेड़ियों में जकड़ गये । इनसे अब आज़ाद होना ... Read more

अशीर्षक

कुछ मेरे पास हो जो दे सकूँ मैं , अना कम हो तो कुछ ले सकूँ मैं । मुहब्बत के दावे बढ़चढ़ के न कर कर सकता है तो सिर्फ मुहब्बत कर ।... Read more

लाश

लाश का चेहरा पुरसुकून था । उस पर गज़ब का नूर था । लगता था नाच उठेगा । मरने में क्या कोई लुत्फ था ? दरअसल उस गरीब को ज़िंदगी ... Read more

कुछ लोगों से पूंछो तो ...(व्यंग )

सच जो भी हो । कुछ लोगों से पूंछों तो - ---------- क्या हुआ ? ईवीएम में छेड़ छाड़ । आप कैसे है ? ईवीम खराब है । चुनाव क्यों ह... Read more

परिंदा

अभी दिन है तो,रात भी जरूर आयेगी । चाँद तारों से, मुलाक़ात भी हो जाएगी । फिर आसमानी चादर का वहम टूटेगा । परिंदा फिर अपने घर वा... Read more

जिंदा रहते हैं कमाल करते हैं

छोड़िये ये बेकरारी, बेसबब , लोग चिल्लाते हैं बेमतलब, जिंदा रहते हैं कुछ लोग मर कर भी , जायेँ श्मशान में या रहें कब्रों में सही ।... Read more

विवाद

उन्हें विवाद पसंद है हम संवाद करते है । वे शब्दों को पकड़ते हैं , उछाल देते हैं । शब्द भी पत्थर सा मार देते हैं । कभी बिख... Read more

क्या देखूँ

कहीं गुजरे वक्त के निशां देखूँ । कहीं जाते हुए लम्हों के निशां देखूँ । अपनी दीवानगी में क्या देखूँ ! उम्मीद गिर गिर के उठती है... Read more

मिलन का डर

किसे खोजता है मन किसकी तलाश है । ऐसा क्यों लगता है , कि वो आसपास है ? मिलने की चाह है पर ड़र लगता है । सुना है वो ले लेता ... Read more

काम करने दो

ये कमी है , वो कमी है , ऐसा कैसे होगा ? वैसा कैसे होगा ? ऐसा हो नहीं सकता । वैसा हो नहीं सकता । काश ऐसा होता । कहने वालो ... Read more

मसीहाई

मुझे नजरअंदाज़ करता है । मुझ पर नज़र भी रखता है । मैं बेशर्मी से पर्दा करता हूँ । वो समझता हैं देखता नहीं । मैंने उसे उठाया कि ... Read more

खामोश तस्वीर

कहीं बरसे बादल । कहीं बरसे नयन । बारिश से धुले मौसम । आसुओं से धुले मन । जाते हुए पल कितने खामोश हैं ! वो चुप सी तस्वीर... Read more

कौन सुने !

सब ही अपनी कहते हैं यहाँ। कोई किसी को नहीं सुनता। आवाज दब गयी मेरी चीखा चिल्लाया मैं भी था । औरों के मसले कौन सुने । सबके ... Read more

जश्न

आओ आज रात जश्न मनायें। हम जागें , साकी को जगाएं पैमाने फिर फिर भरे जायें डग मग क़दमों से कोई जाता है। उसे थामो। उसने शायद क... Read more

कतार

लोग कतार में है और वे समझते हैं कि वे क्यों कतार में है । कुछ लोग समझते हैं पर नहीं समझते । लोग उन्हें दिखते कहाँ ? वोट दिखते हैं । ... Read more

बड़े शायर -व्यंग

वे बड़े शायर हैं । ऐसा समझते हैं । सब उन्हें दाद दें । ये उन्हीं का हक है । वे सुनते नहीं , सिर्फ कहते हैं । कहते भी हैं... Read more

इंतजार

मेरी आवारगी के हमसाये वीरानों में मुझे छोड़ गये । कोई उसको बता दे किसी को इंतजार है । आवारा बादल है न जाने कहाँ बरसेगा । कोई ... Read more

सर्जिकल स्ट्राइक

दलाल को दलाली दिखी झूठे ने मांगा सबूत । उनकी माँ शर्मिंदा होगी , कैसे जने कपूत । इस युग के जयचंद बने ये दुश्मन की चालों के ... Read more

सोकर तो जीने देते

क्यों जगाया तुमने ? कुछ और सोने देते । जो ख्वाब देखता था , पूरा तो होने देते , सब छीन लिया तुमने मुझको जगा के मेरा । जागते ... Read more

अब भुगतो (पाक को संदेश )

कहा था हमसे मत उलझो । अब भुगतो । सब्र का प्याला छलक गया । अब भुगतो । प्याला छलका है, बांध नहीं टूटा है अभी । अब भी सुधर आ... Read more

जागरूक !

वे जागरूक हैं । अधिकारों के लिये । खूब लड़ते हैं । धरना ,प्रदर्शन और बंद खूब करते हैं । पर अपने कर्तव्यों में , ... Read more

पीठ पर वार

बहादुर दुश्मन हो तो पीठ न दिखाओ कायरता होगी । कायर दुश्मन हो तो पीठ न दिखाओ बेवकूफी होगी । गले दुश्मन से मिल वो ज्यों ही पलट... Read more

बेमौसम

वे तस्वीरें खींचते हैं मिटा देते हैं, मुझसे एक तस्वीर मिटायी न गयीं। दस्तक देके, इंतजार नहीं करता कोई, यहाँ उम्र कट गयी कि... Read more

लौट न जाये !

खोल दो हृदय कपाट निर्भय , देखो तो कौन आया है ? कहीं वह लौट न जाये । ज़ोर से पुकारो बाहें पसार , लुटा दो प्रेम और खुशिया... Read more

विडम्बना

मैं साँस ले रहा हूँ , सूंघ रहा हूँ निर्वात l कड़ी धूप में देख रहा हूँ अंधकार , समुन्दर की तलहटी में सूखा पड़ा है भेड़ियों का दल म... Read more

मंकी -बंदर

सर्दी की एक दोपहर की गुनगुनी धूप में बंदरों का एक समूह पप्पू की छत पर सुस्ता रहा था । घर के लोग सब बाहर गए हुए थे इसलिए छत खाली थी स... Read more

समस्या

उन्हें मालूम है - अपने इंतज़ार की तड़प और - मेरा न आना । मुझे मालूम हैं - वजहें - न पहुँच पाने की । न उन्होंने... Read more

खफा

दुश्मनों की बात मत पूंछों , दोस्त भी बर्दाश्त नहीं होते । न जाने क्या हो गया मुझको ! खुद से बहुत खफा हूँ मैं । ला देता... Read more

शराब ,साकी और गम

साकी था खूबसूरत । शराब भी कमाल थी । और बहाने मुश्किल थे , खुशी से जहर पी लिया हमने । डुबोना चाहा था जाम में गम ... Read more

मेरे बचपन से (संस्मरण )

बचपन मैं सभी बच्चों की तरह मुझे भी कहानी सुनने का बड़ा शौक था । खुशकिस्मती से मुझे कहानी सुनाने के लिये घर में अनेक लोग थे जैसे दादा ... Read more

बारिश की वे साँझें (स्मृति चित्र )

काली घटाएँ , साँझ , तेज हवायेँ और बारिश की फुहारें । छातों में सिमटते दामन बचाते लोग उड़ते आँचल ,भीगते बदन तेज कदम लड़कियां । सड़क... Read more

धुंधली तस्वीर

आज रात , आँखों में गुजर जायेगी । एक पुरानी किताब के बीच मिली तुम्हारी एक धुंधली तस्वीर जगा गयी कितनी यादें ! अब तुम तसब्बुर ... Read more