DINESH GUPTA

mumbai

Joined February 2019

नाम – प्रोफ़ेसर दिनेश किशोर गुप्ता

डिग्री- M.Tech
Gold medalist Mechanical Engineer

पद- असिस्टेन्ट प्रोफ़ेसर @ दिलकेप इंजिनीरिंग कॉलेज, नेरल
(मुम्बई यूनिवर्सिटी से संलग्न)
विभाग- मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग
पोस्टिंग स्थान- मुम्बई
मो.न.- 8007179747
E- मेल-
gdinesh79@ymail.com

अन्य कार्य-
अबतक छ पुस्तक का लेखन कार्य
कई समाचार पत्र के स्तंभ लेखक
वर्षा जलसंचय के कंसलटेंट
25000 से अधिक विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन
देश और विदेश में ( लगभग 15 देश मे) 2000 से ज्यादा व्याख्यान दे चुके है
बिजनेस और लाइफ कोच
आध्यात्मिक व्याख्याता

सम्मान और पुरस्कार-
राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम सर द्वारा पहली पुस्तक के लिए appreciation letter
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री विलासराव देशमुख जी द्वारा प्रशंसा पत्र
भारत के वाटरमैन श्री राजेन्द्र सिंग जी द्वारा पानी पर विशेष कार्य हेतु सम्मान पत्र
अफ्रीका इथियोपिया के कोच फेडरेशन द्वारा लाइफ कोच सम्मान
इंजीनियरिंग के दौरान दो बार स्वर्ण पदक प्राप्त
विशेष सामाजिक कार्य हेतु सेठ नानजी भी ठक्कर ट्रस्ट द्वारा
सम्मान
पथिक संस्था द्वारा मैडल और सम्मान
कल्याण पोलिस द्वारा विशेष योग वर्ग हेतु सम्मान
कोच सलमान खान द्वारा सम्मान प्राप्त
ऐसे अन्य कई सम्मान प्राप्त…

समाज सेवा-
कई समाजिक संस्थानो के कार्यकरणी सदस्य
कसौधन बिरादरी में अबतक 25 जोड़े के विवाह के लिए निमित्त बने है
शिक्षा, पर्यावरण और आध्यात्मिक क्षेत्र में निरंतर सेवा
हर सप्ताह किसी न किसी संस्था में वक्ता के रूप में आमंत्रण

संस्थापक-
IT Education Trust ( रजि.)
और
आनंद योग फाउंडेशन

एक मार्गदर्शक, बिजनेस कोच, लाइफ कोच, पर्यावरण कंसलटेंट, संपादक, लेखक, योगाचार्य, मोटिवेशनल स्पीकर,प्रोफेसर, फ़ायनांशल एडवाइजर,इनोवेटर, ब्लॉगर, और करियर मार्गदर्शक आदि

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प्रतिबिम्ब

आईने के इस शहर में हर चेहरा अपना सा लगता हैं मैं रूखा रूखा तो सब रूखे रूखे मैं खुशियों का सागर तो सब मौजी लहरें सी लगती है ... Read more

अपने सपनो को कस कर पकड़ना

अपने सपनो को कस कर पकड़ना चुराने वाले बहुत कुछ चुरा ले जाएंगे तुम्हारे सपनो को भी चुरा लिया जाएगा तुम पर हसेंगे, हसाएंगे मज़ाक उड़ा... Read more

अपने नज़रिए की खिडकी

चलो आज अपने नज़रिए की खिडकी के कांच साफ़ करते है बचपन मे यह खिड़की की कांच कोरी साफ़ सुथरी थी गलत मान्यताएं कटु अनुभव, अपेक्ष... Read more

सलाम दुआ करते चलना

सलाम दुआ करते रहना ज़िन्दा हो तो ज़िन्दा नज़र आते रहना कभी गलत फहमी हो तो पहले उसे धो देना मन के जालों को साफ करना भट्टी के कच्... Read more

वक्त बेवक्त

खुद को रोज़ पढ़ता हूँ ज़िन्दगी की किताब मे देर सबेर चले आते है यादो के साये में देखो गुजर रहा है ज़िन्दगी का यह पन्ना फिर ए... Read more

उस पार

चल उठ, नया आकाश, राह तके .. जीवन की नैया को पार लगा उस पार जंहा मानवता का मानवता से प्रेम है.. इंसानो की भीड़ में, ना को... Read more

युद्ध कर

अपना अवरोध ना बन तू आगे बढ़ युद्ध कर अपने विकार को समाप्त कर बस युद्ध कर जीवन एक उपहार है यूँ न उसे नष्ट कर तू... Read more

प्रतिबिम्ब

आईने के इस शहर में हर चेहरा अपना सा लगता हैं मैं रूखा रूखा तो सब रूखे रूखे मैं खुशियों का सागर तो सब मौजी लहरें सी लगती है ... Read more