गौरव उनियाल 'नादान'

देवभूमी उत्तराखंड

Joined May 2019

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दोस्ती

मानते हैं की हम दोस्त पैसे से गरीब हैं वो निक्कमे परिवार से ज्यादा करीब हैं हर बात का गलत मतलब निकालते हैं हाँ वो गाली देना ... Read more

चरम प्रेम!

सौंदर्य शशि हो भूषण कनक का मोती रंग स्वभाव का हरियाली नव-पल्लव सी नजरिया बगुला हृदय हंस सा सीता रुप, मर्यादा राम की श्याम सी ल... Read more

'स्त्री-पुरुष' अंश जग विधान के दोनों

ये नजर स्त्री जाति को, बुरी लगी है राम तन के भक्त कलियुग में, बढ़ रहे सुबह शाम।।1।। हवस वासना दृष्टि से, देखना हुआ आम माँ की मम... Read more